Welcome to Omtex Classes, your dedicated online resource for academic success! We specialize in providing comprehensive, easy-to-understand study materials for 10th (SSC/SSLC) and 12th (HSC) Standard students of the Maharashtra and Tamil Nadu state boards. Find expertly crafted notes, detailed textbook solutions, previous year question papers, and essential guides—all in one place and completely free. Our mission is to make quality learning accessible and help you score higher in your board exam
OMTEX CLASSES
There are many interesting facts about india about which people are unaware .
How did the ice age occur?
Did the Earth always look as it does today?
How were mountains formed?
Learn Computer
Computer Basics
COMPUTER BASICS
F1 - F12 function keys
Windows keyboard shortcuts
Wiindowskey shortcuts
Microsoft word shortcut keys
Microsoft excel shortcut keys
Overview of a Computer - Hardware
Overview of a Computer - Data Representation
Overview of a Computer - Hexadecimal Numbers
Overview of a Computer - Primary Storage
Programming Languages - Low Level Languages
Programming Languages - High Level Languages
History of C
Significant Points About C
A Comparison of Programming Language Philosophy
Example C Program
What you should study in Tally.ERP 9
FYBCOM
SUMMARIZE IN NOT MORE THAN 120 WORDS, HOW MUMBAI'S EXISTING SITUATION CONTRADICTS ITS FLOURISHING ECONOMIC STATUS.
SPOT THE ERRORS IN THE FOLLOWING PASSAGES AND REWRITE IT
SYLLABUS FOR F.Y. B. COM.
ENVIRONMENT AND HEALTH
SYLLABUS FOR MATHEMATICAL AND STATISTICAL TECHNIQUES AT F.Y.B.COM. EXAMINATION
CHAPTER 1: SYSTEMATIC INVESTMENT PLAN
CHAPTER : 2 CLASSIFICATION & TABULATION
CHAPTER 3: CORRELATION ANALYSIS
CHAPTER : 4 MEASURES OF CENTRAL TENDENCY
CHAPTER: 5 MEASURES OF DISPERSION
CHAPTER 6 : PROBABILITY
CHAPTER : 1 INTRODUCTION TO STATISTICS
CHAPTER 2: COMMERCIAL ARITHMETIC
CHAPTER 3: DERIVATIVES
CHAPTER : 4 REGRESSION ANALYSIS
FAMOUS ECONOMISTS
WHAT IS MICROECONOMICS?
WHAT IS MICROECONOMICS?
F.Y.BCOM COMMERCE CASE STUDY
मेरा देश महान : Mera Pyara Watan Essay - Hindi Nibandh
निबंध लेखन: मेरा प्यारा वतन
गौरवशाली भारत
मेरा देश : मेरी शान
यह देश की मिट्टी का असर है कि यहां हमेशा से ही महान हस्तियां, चाचा नेहरू, मौलाना आजाद, प्रेमचंद, झांसी की रानी, टाटा, बिरला, अंबानी, स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल, एमएफ हुसैन, डॉ. साराभाई न जाने कितनी ही प्रतिभाएं आती रही हैं और आती रहेंगी। हमारे पूर्वजों ने बड़े संघर्षों के बाद आजादी का तोहफा हमें दिया। जिसकी सुरक्षा हमारा परम कर्तव्य है। नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों का यहाँ बड़ा महत्व है।
भारत एक कृषि प्रधान देश है, 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। 60 प्रतिशत आबादी युवा वर्ग की है और प्रत्येक युग एवं देश का भविष्य युवा होता है। हमारे पास गर्व करने लायक काफी उपलब्धियां हैं। हम हिमालय की चोटी पर पहुंचे, चांद को अपना बनाया है, राजनीति में भी युवाओं की भागीदारी बढ़ने लगी है। पूरी दुनिया में सबसे युवा है भारत, जो राजनीति, औद्योगीकरण, विज्ञान, शिक्षा, साहित्य सृजन और कला में आगे है।
चांद-तारे यूं ही मुस्कारते रहें।'
ये शान हमारे वतन की है कि इसमें एक ही समय में अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियां हैं। नदियां, झरने, पहाड़, मैदान, रेगिस्तान, पठार मतलब यह कि प्रकृति की अनुपम सुंदरता। कृषि प्रधान राष्ट्र जो गांवों में बसता है।
50+ Hindi Composition Collection Click Here
ये संस्कार हमें इसी वतन से मिले कि गुरु को भगवान का दर्जा प्राप्त है, माता के चरणों में स्वर्ग है। श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति कौन नहीं जानता? यहां पर 'अतिथि देवो भवः' है।
वो जान से प्यारा होता है।'
हमारे वतन की सौंधी खुशबू का ही कमाल है कि मदर टेरेसा, मीरा बहन और न जाने कितनी हस्तियां इस देश को समर्पित हो गईं। ऐसे प्यारे वतन के लिए क्यों न मन श्रद्धा से भर जाए?
हम इस वतन को सलाम करते हैं जिसके एक किनारे अंडमान निकोबार तो दूसरी तरफ हिमालय है। ये हिमालय किश्वरे हिन्दोस्तान, चूमता है तेरी पेशानी को आसमान। सलाम है उस वतन को जिसकी शान तिरंगा है। तरक्की की राहें खुली हैं, मेट्रो दौड़ती है, आसमान में अनुसंधान जारी है।
दीपावली
निबंध लेखन: दीपावली
दीपों का पर्व (The Festival of Lights)
दीपावली : प्रकाश का उत्सव
प्रस्तावना- प्रत्येक समाज त्योहारों के माध्यम से अपनी खुशी एक साथ प्रकट करता है। हिन्दुओं के प्रमुख त्योहार होली, रक्षाबंधन, दशहरा और दीपावली हैं। इनमें से दीपावली सबसे प्रमुख त्योहार है। इस त्योहार का ध्यान आते ही मन-मयूर नाच उठता है। यह त्योहार दीपों का पर्व होने से हम सभी का मन आलोकित करता है।
दीपावली कब-क्यों मनाई जाती है- यह त्योहार कार्तिक माह की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। अमावस्या की अंधेरी रात असंख्य दीपों से जगमगाने लगती है। कहते हैं भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, इस खुशी में अयोध्यावासियों ने दीये जलाकर उनका स्वागत किया था। श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध भी इसी दिन किया था। यह दिन भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस भी है। इन सभी कारणों से हम दीपावली का त्योहार मनाते हैं।
50+ Hindi Composition Collection Click Here
[Image of Diya lamps and Rangoli]दीपोत्सव मनाने की तैयारियां- यह त्योहार लगभग सभी धर्म के लोग मनाते हैं। इस त्योहार के आने के कई दिन पहले से ही घरों की लिपाई-पुताई, सजावट प्रारंभ हो जाती है। नए कपड़े बनवाए जाते हैं, मिठाइयां बनाई जाती हैं। वर्षा के बाद की गंदगी भव्य आकर्षण, सफाई और स्वच्छता में बदल जाती है।
उत्सव- यह त्योहार पांच दिनों तक मनाया जाता है। धनतेरस से भाई दूज तक यह त्योहार चलता है। धनतेरस के दिन व्यापारी अपने बहीखाते नए बनाते हैं। अगले दिन नरक चौदस के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करना अच्छा माना जाता है। अमावस्या के दिन लक्ष्मीजी की पूजा की जाती है। खील-बताशे का प्रसाद चढ़ाया जाता है। नए कपड़े पहने जाते हैं। फुलझड़ी, पटाखे छोड़े जाते हैं। असंख्य दीपों की रंग-बिरंगी रोशनियां मन को मोह लेती हैं। दुकानों, बाजारों और घरों की सजावट दर्शनीय रहती है।
अगला दिन परस्पर भेंट का दिन होता है। एक-दूसरे के गले लगकर दीपावली की शुभकामनाएं दी जाती हैं। गृहिणियां मेहमानों का स्वागत करती हैं। लोग छोटे-बड़े, अमीर-गरीब का भेद भूलकर आपस में मिल-जुलकर यह त्योहार मनाते हैं।
उपसंहार- दीपावली का त्योहार सभी के जीवन को खुशी प्रदान करता है। नया जीवन जीने का उत्साह प्रदान करता है। कुछ लोग इस दिन जुआ खेलते हैं, जो घर व समाज के लिए बड़ी बुरी बात है। हमें इस बुराई से बचना चाहिए। पटाखे सावधानीपूर्वक छोड़ने चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि हमारे किसी भी कार्य एवं व्यवहार से किसी को भी दुख न पहुंचे, तभी दीपावली का त्योहार मनाना सार्थक होगा।
निबंध लेखन: स्वतंत्रता का महत्व (Independent India) - Hindi Essay
निबंध लेखन: स्वतंत्रता का महत्व
स्वतंत्र भारत (Independent India)
आजादी : एक अमूल्य धरोहर
आजादी यह एक ऐसा शब्द है जो प्रत्येक भारतवासी की रगों में खून बनकर दौड़ता है। स्वतंत्रता हर मनुष्य का जन्मसिद्ध अधिकार है। तुलसीदास जी ने कहा है:
अर्थात् पराधीनता में तो स्वप्न में भी सुख नहीं है। पराधीनता तो किसी के लिए भी अभिशाप है।
जब हमारा देश परतंत्र था उस समय विश्व में हमारी किसी प्रकार की कोई इज्जत नहीं थी। न हमारा राष्ट्रीय ध्वज था, न हमारा कोई संविधान था। आज हम पूर्ण स्वतंत्र हैं तथा पूरे विश्व में भारत की एक पहचान है। हमारा संविधान आज पूरे विश्व में एक मिसाल है।
50+ Hindi Composition Collection Click Here
भारत वर्ष के महान संविधान रचयिता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में विशेष रूप से भारत के प्रत्येक नागरिक को आजादी का अहसास कराया है, अथवा विशेष अधिकार दिए हैं। जब से हमारा भारत आजाद हुआ है तभी से आर्थिक व तकनीकी रूप से हमारा देश सम्पन्नता की ऊंचाइयों तक पहुंचा है।
आज पूरे विश्व में भारत आशा की किरण बनकर सूर्य की भांति आकाश में चमक रहा है, यह सब आजाद भारत में ही संभव हुआ है। हमें ये आजादी आसानी से नहीं मिली है, इसके लिए देश के शूरवीरों व आजादी के मतवालों ने अपना बलिदान देकर दिलाई है, हमें उनका सदैव आभार मानना चाहिए। आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह सब भारत माता के उन सपूतों की याद दिलाता है, जिन्होंने अपना सर्वस्व देश के नाम कर दिया था।
आज भारत सहित पूरा विश्व आतंकवाद से जूझ रहा है, जो आजादी के नाम पर एक सबसे बड़ा कलंक है। यह तो हम सभी जानते हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। कुछ लोग आतंकवाद का चोला पहन लेते हैं तथा निर्दोष लोगों की हत्या करते हैं, देशवासियों में भय का माहौल पैदा करते हैं। जिसके परिणामस्वरूप जनता में सरकारी नीतियों व देश के रक्षातंत्र के प्रति भ्रम उत्पन्न होता है। हम सभी भारतीय को चाहिए कि आतंकवाद के खिलाफ एकमत तथा एकजुट होकर सरकार को सहयोग करें।
कुछ लोग अपने स्वार्थपूर्ति के लिए हमारे पवित्र देश को भ्रष्टाचार की चादर में समेट रहे हैं और देश की भोलीभाली जनता को गुमराह कर रहे हैं। हमें एकजुट होकर ऐसे भ्रष्ट लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है तथा भ्रष्टाचार रूपी रावण का अतिशीघ्र दहन करना चाहिए।
भारत वर्ष को पहले की भांति सोने की चिड़िया बनाना है तथा आजादी का सही अर्थ समझना है, प्रत्येक भारतीय को अपने अधिकारों से ज्यादा अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा, तभी हमारा देश पूरे विश्व में एक महाशक्ति बनकर सामने आएगा। यही हमारा मुख्य ध्येय है। भारत माता की जय, हम सब एक हैं, वन्दे मातरम्।
निबंध लेखन: सरदार भगत सिंह शहीद-ए-आज़म (Shaheed-e-Azam) - Hindi Essay
निबंध लेखन: सरदार भगत सिंह
शहीद-ए-आज़म (Shaheed-e-Azam)
जीवन परिचय
सरदार भगत सिंह का नाम अमर शहीदों में सबसे प्रमुख रूप से लिया जाता है। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को पंजाब के जिला लायलपुर में बंगा गांव (जो अभी पाकिस्तान में है) के एक देशभक्त सिख परिवार में हुआ था, जिसका अनुकूल प्रभाव उन पर पड़ा था। उनके पिता का नाम सरदार किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती कौर था।
पारिवारिक पृष्ठभूमि- यह एक सिख परिवार था जिसने आर्य समाज के विचार को अपना लिया था। उनके परिवार पर आर्य समाज व महर्षि दयानन्द की विचारधारा का गहरा प्रभाव था। भगत सिंह के जन्म के समय उनके पिता 'सरदार किशन सिंह' एवं उनके दो चाचा 'अजीत सिंह' तथा 'स्वर्ण सिंह' अंग्रेजों के खिलाफ होने के कारण जेल में बंद थे। जिस दिन भगत सिंह पैदा हुए उनके पिता एवं चाचा को जेल से रिहा किया गया। इस शुभ घड़ी के अवसर पर भगत सिंह के घर में खुशी और भी बढ़ गई थी।
50+ Hindi Composition Collection Click Here
बचपन और शिक्षा- भगत सिंह के जन्म के बाद उनकी दादी ने उनका नाम 'भागो वाला' रखा था, जिसका मतलब होता है 'अच्छे भाग्य वाला'। बाद में उन्हें 'भगत सिंह' कहा जाने लगा। वह 14 वर्ष की आयु से ही पंजाब की क्रांतिकारी संस्थाओं में कार्य करने लगे थे। डी.ए.वी. स्कूल से उन्होंने नौवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। 1923 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद जब उन्हें विवाह बंधन में बांधने की तैयारियां होने लगीं तो वह लाहौर से भागकर कानपुर आ गए। फिर देश की आजादी के संघर्ष में ऐसे रमें कि पूरा जीवन ही देश को समर्पित कर दिया।
विचारधारा- भगत सिंह को हिन्दी, उर्दू, पंजाबी तथा अंग्रेजी के अलावा बांग्ला भी आती थी जो उन्होंने बटुकेश्वर दत्त से सीखी थी। जेल के दिनों में उनके लिखे खतों व लेखों से उनके विचारों का अंदाजा लगता है। उन्होंने भारतीय समाज में भाषा, जाति और धर्म के कारण आई दूरियों पर दुख व्यक्त किया था। उन्होंने समाज के कमजोर वर्ग पर किसी भारतीय के प्रहार को भी उसी सख्ती से सोचा जितना कि किसी अंग्रेज के द्वारा किए गए अत्याचार को।
क्रांतिकारी गतिविधियाँ- अमृतसर में 13 अप्रैल 1919 को हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह की सोच पर इतना गहरा प्रभाव डाला कि लाहौर के नेशनल कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर भगत सिंह ने भारत की आजादी के लिए 'नौजवान भारत सभा' की स्थापना की। काकोरी कांड में रामप्रसाद 'बिस्मिल' सहित 4 क्रांतिकारियों को फांसी व 16 अन्य को कारावास की सजा से भगत सिंह इतने ज्यादा बेचैन हुए कि चन्द्रशेखर आजाद के साथ उनकी पार्टी 'हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' से जुड़ गए और उसे एक नया नाम दिया 'हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन'।
इसके बाद भगत सिंह ने राजगुरु के साथ मिलकर 17 दिसंबर 1928 को लाहौर में सहायक पुलिस अधीक्षक रहे अंग्रेज अधिकारी जे.पी. सांडर्स को मारा। इस कार्रवाई में क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद ने भी उनकी पूरी सहायता की। इसके बाद भगत सिंह ने अपने क्रांतिकारी साथी बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर अलीपुर रोड दिल्ली स्थित ब्रिटिश भारत की तत्कालीन सेंट्रल असेम्बली के सभागार में 8 अप्रैल 1929 को अंग्रेज सरकार को जगाने के लिए बम और पर्चे फेंके। बम फेंकने के बाद वहीं पर उन दोनों ने अपनी गिरफ्तारी भी दी।
बलिदान- इसके बाद 'लाहौर षडयंत्र' के इस मुकदमें में भगत सिंह को और उनके दो अन्य साथियों, राजगुरु तथा सुखदेव को 23 मार्च, 1931 को एक साथ फांसी पर लटका दिया गया। यह माना जाता है कि मृत्युदंड के लिए 24 मार्च की सुबह ही तय थी, लेकिन लोगों के भय से डरी सरकार ने 23-24 मार्च की मध्यरात्रि ही इन वीरों की जीवनलीला समाप्त कर दी और रात के अंधेरे में ही सतलज के किनारे उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया। यह एक संयोग ही था कि जब उन्हें फांसी दी गई उस वक्त उनकी उम्र 23 वर्ष 5 माह और 23 दिन थी और दिन भी था 23 मार्च।
उपसंहार- भगत सिंह की शहादत से न केवल अपने देश के स्वतंत्रता संघर्ष को गति मिली बल्कि नवयुवकों के लिए भी वह प्रेरणा स्रोत बन गए। वह देश के समस्त शहीदों के सिरमौर बन गए। उनके जीवन पर आधारित कई हिन्दी फिल्में भी बनी हैं जिनमें- 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह', 'शहीद' आदि प्रमुख हैं। आज भी सारा देश उनके बलिदान को बड़ी गंभीरता व सम्मान से याद करता है।
HINDI COMPOSITION Important Hindi Essays Collection for School Students
महत्वपूर्ण हिंदी निबंध
Important Hindi Essays Collection
बाल दिवस Bal Diwas (Children's Day) - Hindi Essay
निबंध लेखन: बाल दिवस
महत्वपूर्ण निबंध - 14 नवंबर
बाल दिवस : 14 नवंबर
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन 14 नवंबर को आता है। इस दिन को विशेष तौर पर 'बाल दिवस' के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि नेहरूजी को बच्चों से बहुत प्यार था और बच्चे उन्हें 'चाचा नेहरू' पुकारते थे।
50+ Hindi Composition Collection Click Here
बाल दिवस बच्चों को समर्पित भारत का राष्ट्रीय त्योहार है। देश की आजादी में भी नेहरू का बड़ा योगदान था। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश का उचित मार्गदर्शन किया था।
दरअसल बाल दिवस की नींव 1925 में रखी गई थी। जब बच्चों के कल्याण पर 'विश्व कांफ्रेंस' में बाल दिवस मनाने की सर्वप्रथम घोषणा हुई। 1954 में दुनिया भर में इसे मान्यता मिली।
बाल दिवस बच्चों के लिए महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन स्कूली बच्चे बहुत खुश दिखाई देते हैं। वे सज-धज कर विद्यालय जाते हैं। विद्यालयों में बच्चे विशेष कार्यक्रम आयोजित करते हैं। वे अपने चाचा नेहरू को प्रेम से स्मरण करते हैं।
बाल मेले में बच्चे अपनी बनाई हुई वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाते हैं। इसमें बच्चे अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। नृत्य, गान, नाटक आदि प्रस्तुत किए जाते हैं। नुक्कड़ नाटकों के द्वारा आम लोगों को शिक्षा का महत्व बताया जाता है।
बच्चे देश का भविष्य हैं। इसलिए हमें सभी बच्चों की शिक्षा की तरफ ध्यान देना चाहिए। खास तौर पर बाल श्रम रोधी कानूनों को सही मायनों में पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए। अनेक कानून बने होने के बावजूद बाल श्रमिकों की संख्या में वर्ष दर वर्ष वृद्धि होती जा रही है। इन बच्चों का सही स्थान कल-कारखानों में नहीं बल्कि स्कूल है।
बाल दिवस के अवसर पर केंद्र तथा राज्य सरकार बच्चों के भविष्य के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा करती है।
बच्चों के रहन-सहन के स्तर ऊंचा उठाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इन्हें स्वस्थ, निर्भीक और योग्य नागरिक बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। यह बाल दिवस का संदेश है।
महात्मा गांधी, निबंध Mahatma Gandhi Essay - Hindi Nibandh
निबंध लेखन: महात्मा गांधी
महत्वपूर्ण निबंध - 2 अक्टूबर
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी
साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल।'
प्रस्तावना- हमारा देश महान स्त्रियों और पुरुषों का देश है जिन्होंने देश के लिए ऐसे आदर्श कार्य किए हैं जिन्हें भारतवासी सदा याद रखेंगे। कई महापुरुषों ने हमारी आजादी की लड़ाई में अपना तन-मन-धन परिवार सब कुछ अर्पण कर दिया। ऐसे ही महापुरुषों में से एक थे महात्मा गांधी। महात्मा गांधी युग पुरुष थे जिनके प्रति पूरा विश्व आदर की भावना रखता था।
बचपन एवं शिक्षा- इस महापुरुष का जन्म 2 अक्टूबर सन् 1869 को गुजरात में पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था। आपका पूरा नाम मोहनदास था। आपके पिता कर्मचंद गांधी राजकोट के दीवान थे। माता पुतलीबाई धार्मिक स्वभाव वाली अत्यंत सरल महिला थी। मोहनदास के व्यक्तित्व पर माता के चरित्र की छाप स्पष्ट दिखाई दी।
प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर में पूर्ण करने के पश्चात राजकोट से मेट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण कर आप वकालत करने इंग्लैंड चले गए। वकालत करके लौटने पर वकालत प्रारंभ की। एक मुकदमे के दौरान आपको दक्षिण अफ्रीका जाना पड़ा। वहां भारतीयों की दुर्दशा देख बड़े दुखी हुए। उनमें राष्ट्रीय भावना जागी और वे भारतवासियों की सेवा में जुट गए। अंग्रेजों की कुटिल नीति तथा अमानवीय व्यवहार के विरुद्ध गांधीजी ने सत्याग्रह आंदोलन आरंभ किए। असहयोग आंदोलन एवं सविनय अवज्ञा आंदोलन का नेतृत्व किया।
50+ Hindi Composition Collection Click Here
सिद्धांत- गांधीजी ने अंग्रेजों से विरोध को प्रकट करने के लिए सत्याग्रह को अपना प्रमुख अस्त्र बनाया। सत्य, अहिंसारूपी अस्त्रों के सामने अंग्रेजों की कुटिल नीति तथा अमानवीय व्यवहार के विरुद्ध गांधीजी ने सत्याग्रह आंदोलन आरंभ किए। असहयोग आंदोलन एवं सविनय अवज्ञा आंदोलन का नेतृत्व किया। गांधीजी के उच्चादर्शों एवं सत्य के सम्मुख उन्हें झुकना पड़ा और वे हमारा देश छोड़ चले गए। इस प्रकार हमारा देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ।
अन्य कार्य- गांधीजी ने अछूतों का उद्धार किया। उन्हें 'हरिजन' नाम दिया। भाषा, जाति और धर्म संबंधी भेदों को समाप्त करने का आजीवन प्रयत्न किया। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर जोर दिया। सूत कातने, सब धर्मों को आदर से देखने और सत्य, अहिंसा को जीवन में अपनाने की शिक्षा दी। गांधीजी ने विश्व को शांति का संदेश दिया।
उपसंहार- गांधीजी ने प्रेम और भाईचारे की भावना से भारत की जनता के हृदय पर राज किया। वे देश में रामराज्य स्थापित करना चाहते थे। भारत की आजादी के पश्चात देश दो टुकड़ों में विभाजित हुआ- भारत-पाकिस्तान। इस बात का आपको बहुत दुख पहुंचा। हमारा दुर्भाग्य था कि इस नेता का मार्गदर्शन हम स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अधिक समय तक नहीं पा सके और नाथूराम गोड़से नामक व्यक्ति की गोली से 30 जनवरी 1948 को गांधीजी की जीवनलीला समाप्त हो गई। एक भविष्यदृष्टा, युगदृष्टा हमारे बीच से चला गया। आज गांधीजी हमारे बीच नहीं हैं, किंतु उनके आदर्श सिद्धांत हमें सदैव याद रहेंगे। उनका नाम अमर रहेगा।
निबंध लेखन: विज्ञान के चमत्कार Essay Writing: Wonders of Science
निबंध लेखन: विज्ञान के चमत्कार
विज्ञान और मानव जीवन
विज्ञान: विकास की नई दिशा
विज्ञान हर नए अनुसंधान के साथ मानव जीवन को अधिक सरल बनाता चला जा रहा है। आज विज्ञान के बढ़ते चहुंओर विकास के कारण मानव दुनिया के हर क्षेत्र में अग्रसर दिखाई दे रहा है। मानव ने विज्ञान की सहायता से पृथ्वी पर उपलब्ध हर चीज को अपने काबू में कर लिया है। विज्ञान की सहायता से हम ऊंचे आसमान में उड़ सकते हैं व गहरे पानी में सांस ले सकते हैं।
विज्ञान के बढ़ते हुए विकास के कारण ही हम चंद्रमा से लेकर मंगल ग्रह में पहुंच पाए हैं। हाल ही में भारत के मंगलयान का सफलता पूर्वक मंगल की कक्षा में पहुंचना मानव की विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ रही प्रगति का उदाहरण है। पुरातन काल में जो चीजें असंभव सी प्रतीत होती थी, विज्ञान के बढ़ते उपयोग के कारण अब वह साधारण सी महसूस होती हैं।
50+ Hindi Composition Collection Click Here
चिकित्सा के क्षेत्र में- विज्ञान के नए-नए शोधों के चलते मानव हर दिन एक नई मुसीबत से छुटकारा पा लेता है। 20 साल पहले मलेरिया जहां जानलेवा बीमारी मानी जाया करती थी, अब विज्ञान की प्रगति के साथ मलेरिया एक आम बीमारी बनकर रह गई है। विज्ञान ने चिकित्सा व्यवस्था में बहुत प्रगति कर ली है। पिछले सालों से लाइलाज बीमारी मानी जा रही एड्स पर भी वैज्ञानिकों ने धीरे-धीरे पकड़ बनाना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि नई चिकित्सा पद्धति के चलते अब एड्स की पकड़ कमजोर पड़ने लगी है और निकट भविष्य में इस जानलेवा बीमारी का जड़ से खात्मा हो जाएगा।
यातायात के क्षेत्र में- आज विज्ञान यातायात के क्षेत्र में दिन दूना और रात चौगुना तरक्की कर रहा है। कहां पहले एक जगह से दूसरे जगह जाने के लिए दिन लग जाते थे, अब हवाई जहाज और तेज रफ्तार की ट्रेनों के दौर में पलक झपकते एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा जा सकता है। जहां पहले आम लोगों के लिए ज्यादा किराया होने के कारण हवाई यात्रा करना मात्र एक सपना हुआ करता था, आज बदलते दौर के साथ आम लोग भी हवाई यात्रा का किराया वहन कर पाते हैं और हवाई यात्रा का आनंद उठा पाते हैं। पिछले दस सालों में भारत के लगभग हर घर में कार पहुंच गई है जो विज्ञान की प्रगति को सीधे तौर पर बयां करती है।
संचार के क्षेत्र में- ऑनलाइन न्यूजपेपर, ऑनलाइन न्यूजसाइट पर एक क्लिक पर खबरों का संसार मौजूद है। वैश्वीकरण के इस दौर में दुनिया के चप्पे-चप्पे की खबर हम अपने मोबाइल की एक बटन दबाते ही जान लेते हैं। फेसबुक, ट्विटर, वाट्सऐप के सहारे चाहे हम अपने सगे संबंधियों से कितने ही दूर क्यों न हों, पर इन सबके माध्यम से अब हम उनसे 24 घंटे जुड़े रह सकते हैं।
उपसंहार- इस प्रकार विज्ञान के नित नए अविष्कार हमारे जीवन में रोज चमत्कार उत्पन्न कर रहे हैं। हर दिन एक नई खोज, नए उत्पाद से हमारा परिचय होता है जो हमारे जीवन की जटिलता को सरल बना रहे हैं।
होली (रंगों का त्योहार) Holi (Festival of Colours) Hindi Essay
निबंध लेखन: होली
रंगों का त्योहार
होली : एक रंगीन उत्सव
होली यानी होलिकोत्सव के लिए कई दिन पहले से बच्चे लकड़ी, कंडे एकत्रित करते हैं। एक माह पूर्व होली का डांडा गाड़ा जाता है। इस त्योहार का संबंध खेती से भी है। इस समय तक गेहूं व चने की फसल अधपकी तैयार रहती है।
किसान इसे पहले अग्नि देवता को समर्पित कर फिर प्रसादस्वरूप स्वयं ग्रहण करता है। नई फसल आने की खुशी में किसान ढोलक, डफ और छैने बजाकर, नाच-गाकर समां बांध देते हैं।
50+ Hindi Composition Collection Click Here
फाल्गुनी पूर्णिमा की रात्रि में होलिका दहन होता है। बच्चे-बूढ़े सभी प्रसन्न हो अगले दिन सुबह से ही रंग-गुलाल आपस में लगाने जाते हैं एवं मिठाइयां खाई-खिलाई जाती हैं। दोपहर पश्चात खुलकर रंग खेला जाता है। बाद में स्नान कर नए वस्त्र पहने जाते हैं।
यह मस्ती और उमंग का त्योहार है। आपस में मिल-जुलकर, गले मिलकर बिना किसी भेदभाव के यह त्योहार मनाया जाता है।
इन दिनों इस त्योहार का महत्व कम होता जा रहा है। सभ्य लोग इस दिन अपने घरों में बैठे रहते हैं, क्योंकि कुछ लोग शराब पीते हैं, गालियां देते हैं और फूहड़ हरकतें करते हैं।
रंग-गुलाल की जगह गंदगी, कीचड़ फेंकते हैं। अत: आवश्यक है कि हम इस त्योहार की गरिमा को बनाए रखें। यह त्योहार आनंदवर्धक है इसलिए इसे बड़ी सादगी से मनाना चाहिए।
விவாகரத்து பெற்றதும் முதல் வேலையாக அமிர்தசரஸ் தங்கக் கோவிலுக்குச் சென்ற நடிகை ஹன்சிகா!
அமிர்தசரஸ் — குழந்தை நட்சத்திரமாக ஹிந்தி சீரியல்களில் தனது நடிப்புப் பயணத்தைத் தொடங்கி, பின்னர் தென்னிந்திய சினிமாவில் முன்னணி கத...
-
View More Dialogue Topics A Dialogue between Two Friends about Preparation for the Examination Myself ...
-
निबंधलेखन Marathi माझी आई निबंध मराठी [150 Words] माझी आई निबंध मराठी [500 words] माझी आई विषयावर 10 ओळी माझे वडील निबंध मराठी माझ...
-
Maharashtra SSC Board Resources Your one-stop destination for all 10th Standard study materials. MAHARASHT...
