निबंध लेखन: मेरा प्यारा वतन
गौरवशाली भारत
मेरा देश : मेरी शान
यह देश की मिट्टी का असर है कि यहां हमेशा से ही महान हस्तियां, चाचा नेहरू, मौलाना आजाद, प्रेमचंद, झांसी की रानी, टाटा, बिरला, अंबानी, स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल, एमएफ हुसैन, डॉ. साराभाई न जाने कितनी ही प्रतिभाएं आती रही हैं और आती रहेंगी। हमारे पूर्वजों ने बड़े संघर्षों के बाद आजादी का तोहफा हमें दिया। जिसकी सुरक्षा हमारा परम कर्तव्य है। नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों का यहाँ बड़ा महत्व है।
भारत एक कृषि प्रधान देश है, 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। 60 प्रतिशत आबादी युवा वर्ग की है और प्रत्येक युग एवं देश का भविष्य युवा होता है। हमारे पास गर्व करने लायक काफी उपलब्धियां हैं। हम हिमालय की चोटी पर पहुंचे, चांद को अपना बनाया है, राजनीति में भी युवाओं की भागीदारी बढ़ने लगी है। पूरी दुनिया में सबसे युवा है भारत, जो राजनीति, औद्योगीकरण, विज्ञान, शिक्षा, साहित्य सृजन और कला में आगे है।
चांद-तारे यूं ही मुस्कारते रहें।'
ये शान हमारे वतन की है कि इसमें एक ही समय में अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियां हैं। नदियां, झरने, पहाड़, मैदान, रेगिस्तान, पठार मतलब यह कि प्रकृति की अनुपम सुंदरता। कृषि प्रधान राष्ट्र जो गांवों में बसता है।
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ये संस्कार हमें इसी वतन से मिले कि गुरु को भगवान का दर्जा प्राप्त है, माता के चरणों में स्वर्ग है। श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति कौन नहीं जानता? यहां पर 'अतिथि देवो भवः' है।
वो जान से प्यारा होता है।'
हमारे वतन की सौंधी खुशबू का ही कमाल है कि मदर टेरेसा, मीरा बहन और न जाने कितनी हस्तियां इस देश को समर्पित हो गईं। ऐसे प्यारे वतन के लिए क्यों न मन श्रद्धा से भर जाए?
हम इस वतन को सलाम करते हैं जिसके एक किनारे अंडमान निकोबार तो दूसरी तरफ हिमालय है। ये हिमालय किश्वरे हिन्दोस्तान, चूमता है तेरी पेशानी को आसमान। सलाम है उस वतन को जिसकी शान तिरंगा है। तरक्की की राहें खुली हैं, मेट्रो दौड़ती है, आसमान में अनुसंधान जारी है।