OMTEX AD 2

Maharashtra Board Class 12 History Question Paper Solution 2024 (Hindi Medium)

Maharashtra Board Class 12 History Question Paper Solution 2024 (Hindi Medium)

इतिहास (38) - 2024

महाराष्ट्र बोर्ड कक्षा 12वीं प्रश्न पत्र हल (हिंदी माध्यम)
Question Paper Page No. 1 Question Paper Page No. 2 Question Paper Page No. 3 Question Paper Page No. 4 Question Paper Page No. 5 Question Paper Page No. 6 Question Paper Page No. 7 Question Paper Page No. 8 Maharashtra Board History Question Paper

प्र. १. (अ) निम्नलिखित पर्यायों में से उचित पर्याय चुनकर पूर्ण विधान पुनः लिखिए

(१) १४४० ई. में ----- ने छापखाना (मुद्रणालय) प्रारंभ किया।
  • (अ) जेम्स वॉट
  • (ब) गुटेनबर्ग
  • (क) एरिस्टॉटल
  • (ड) होमर
उत्तर: (ब) गुटेनबर्ग
(२) अमेरिका की ‘स्वतंत्रता का घोषणापत्र’ ----- ने तैयार किया था।
  • (अ) जॉर्ज वॉशिंग्टन
  • (ब) थॉमस जेफरसन
  • (क) लॉर्ड एमहर्स्ट
  • (ड) लॉर्ड कॉर्नवालिस
उत्तर: (ब) थॉमस जेफरसन
(३) पानीपत का तीसरा युद्ध मराठों एवं ----- के मध्य हुआ।
  • (अ) अंग्रेजों
  • (ब) अब्दाली
  • (क) अहमदखान बंगश
  • (ड) नजीब खान
उत्तर: (ब) अब्दाली
(४) अमेरिका ने जापान के ----- नगर पर पहला परमाणु बम गिराया था।
  • (अ) नागासाकी
  • (ब) हिरोशिमा
  • (क) पर्ल हार्बर
  • (ड) स्टालिन ग्राड
उत्तर: (ब) हिरोशिमा
(५) सीटो (SEATO) का मुख्यालय ----- में था।
  • (अ) थाईलैंड
  • (ब) फिलिपीन्स
  • (क) पाकिस्तान
  • (ड) ग्रेट ब्रिटेन
उत्तर: (अ) थाईलैंड
(६) स्वामी विवेकानंद का जन्मदिवस ----- के रूप में मनाया जाता है।
  • (अ) राष्ट्रीय शिक्षा दिवस
  • (ब) राष्ट्रीय युवक दिवस
  • (क) राष्ट्रीय एकता दिवस
  • (ड) राष्ट्रीय विज्ञान दिवस
उत्तर: (ब) राष्ट्रीय युवक दिवस

प्र. १. (ब) निम्न समूह में से ‘ब’ गुट की गलत जोड़ी को सुधारकर पुनः लिखिए

(१) पुर्तगाली प्रशासन
  • (अ) अर्स बिषु — मुख्य कार्यकारी अधिकारी
  • (ब) शान्सलर — न्यायाधीश
  • (क) वेदोर-द-फझेंद — संपत्ति अधिकारी
  • (ड) कपितांव — कैप्टन
गलत जोड़ी: अर्स बिषु — मुख्य कार्यकारी अधिकारी
सुधारी हुई जोड़ी: अर्स बिषु — मुख्य धर्मगुरु (Archbishop)
(२) रियासतों का विलीनीकरण/मुक्ति संग्राम
  • (अ) हैदराबाद रियासत का विलीनीकरण — स्वामी रामानंद तीर्थ
  • (ब) कश्मीर रियासत का विलीनीकरण — शेख अब्दुल्ला
  • (क) गोवा मुक्ति संग्राम में महत्त्वपूर्ण योगदान — मोहन रानडे
  • (ड) पुदुच्चेरी (पांडिचेरी) के श्रमिक नेता — वी. सुबय्या
गलत जोड़ी: कश्मीर रियासत का विलीनीकरण — शेख अब्दुल्ला
सुधारी हुई जोड़ी: कश्मीर रियासत का विलीनीकरण — राजा हरिसिंह
(३) संगठन और मुख्यालय
  • (अ) सेंटो का मुख्यालय — अंकारा
  • (ब) सार्क का मुख्यालय — नई दिल्ली
  • (क) राष्ट्रमंडल का सचिवालय — लंदन
  • (ड) नाटो का मुख्यालय — पैरिस
गलत जोड़ी: सार्क का मुख्यालय — नई दिल्ली
सुधारी हुई जोड़ी: सार्क का मुख्यालय — काठमांडू (नेपाल)
(४) संस्थाएं और कार्य
  • (अ) राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग — मानव अधिकारों का संरक्षण
  • (ब) सेंटर फॉर साइन्स एन्ड एनवायरन्मेन्ट — दिल्ली में प्रदूषण का अध्ययन
  • (क) सी स्कैप (SEESCAP) — कछुओं का संरक्षण करने वाली संस्था
  • (ड) इंटॅक (INTACH) — विरासतों का संरक्षण एवं जागृति करने वाली संस्था
गलत जोड़ी: सी स्कैप (SEESCAP) — कछुओं का संरक्षण करने वाली संस्था
सुधारी हुई जोड़ी: सह्याद्री निसर्ग मित्र — कछुओं का संरक्षण करने वाली संस्था

📜12th History Board Papers with Solution

HSC History

🌳 12th Geography Board Papers with Solution

HSC Geography

प्र. २. (अ) ऐतिहासिक स्थान, व्यक्ति, घटना, आदि संबंधी नाम लिखिए

(१) १४९८ ई. में भारत में आने वाला पुर्तगाली नाविक -
वास्को-द-गामा
(२) भारत में स्वतंत्रता के समय भारत में विलीन न होने वाली सौराष्ट्र की रियासत -
जूनागढ़
(३) द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात् निःउपनिवेशीकरण के लिए महत्त्वपूर्ण योगदान देनेवाला संगठन -
संयुक्त राष्ट्र (United Nations)
(४) २००२ में मेट्रो सेवा प्रारंभ हुआ शहर -
दिल्ली

प्र. २. (ब) दिए गए कारणों में से उचित कारण चुनकर विधान पूर्ण कीजिए

(१) औद्योगिक क्रांति का प्रारंभ इंग्लैंड में हुआ कारण -
उत्तर: (क) इंग्लैंड बड़ा व्यापारी केंद्र था। (या इंग्लैंड के पास उपनिवेशों का बड़ा बाजार उपलब्ध था)
(नोट: पाठ्यपुस्तक के अनुसार सही संदर्भ 'बाजार की उपलब्धता' है।)
(२) म्यानमार (बर्मा) पर अधिकार स्थापित करना अंग्रेजों का उद्देश्य था: कारण -
उत्तर: (ब) म्यानमार के प्राकृतिक एवं आधिकारिक बाजार पर कब्जा करना था।
(३) छत्रपति शिवाजी महाराज के नमक के व्यापार पर चुँगी कर लगाया कारण -
उत्तर: (अ) पुर्तगालियों का विरोध करने के लिए।
(४) द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान ने आत्मसमर्पण किया कारण -
उत्तर: (ब) अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहर पर परमाणु बम गिराया।

प्र. ३. (अ) मानचित्र का निरीक्षण करके दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए

(१८५७ का स्वतंत्रता संग्राम मानचित्र के आधार पर)

(१) यह मानचित्र किस विषय से संबंधित है?
१८५७ का स्वतंत्रता संग्राम
(२) वर्तमान बांग्लादेश में १८५७ ई. के स्वतंत्रता संग्राम वाले किसी एक स्थान का नाम लिखिए।
ढाका या चटगांव (चितगाव)
(३) १८५७ ई. के स्वतंत्रता संग्राम में शामिल वर्तमान पाकिस्तान के किसी एक स्थान का नाम लिखिए।
पेशावर, लाहौर, या कराची
(४) १८५७ ई. का स्वतंत्रता संग्राम वर्तमान महाराष्ट्र के किस स्थान पर भी हुआ?
सातारा, कोल्हापुर, नागपुर, या औरंगाबाद
(५) अरब सागर में स्थित भारतीय द्वीप का नाम लिखिए।
लक्षद्वीप

प्र. ३. (ब) निम्नलिखित अवधारणा चित्र पूर्ण कीजिए (कोई चार)

(१) मुंबई के द्वीप (सात द्वीप)
मुंबई के द्वीप
मुंबई
वडाला
माझगांव
कुलाबा
माहिम
परल (Parel)
वरली
(२) भारत में स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी संगठन
क्रांतिकारी संगठन
अभिनव भारत
अनुशीलन समिति
गदर पार्टी
हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन
(३) डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा प्रारंभ किए गए समाचार पत्र
समाचार पत्र
मूकनायक
बहिष्कृत भारत
जनता
समता
(४) फ्रांसीसी उपनिवेश से स्वतंत्र हुए देश
फ्रांसीसी उपनिवेश
वियतनाम
लाओस
कंबोडिया
मोरक्को / ट्यूनीशिया
(५) भारतीय क्रीड़ा (खेल) क्षेत्र के पुरस्कार
खेल पुरस्कार
अर्जुन पुरस्कार
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न
द्रोणाचार्य पुरस्कार
ध्यानचंद पुरस्कार
(६) सॉफ्टवेयर क्षेत्र में भारत के कुल निर्यात में योगदान में वृद्धि के कारण
कारण
अंग्रेजी भाषा पर प्रभुत्व
कुशल जनशक्ति
१९९१ का आर्थिक उदारीकरण
संगणक/आईटी शिक्षा

प्र. ४. (अ) निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए (कोई तीन)

(१) आर्थिक राष्ट्रवाद
उत्तर: आर्थिक राष्ट्रवाद का अर्थ है अपने राष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण रखकर विदेशी प्रभुत्व का विरोध करना। भारत में दादाभाई नौरोजी (जिन्होंने 'धन निष्कासन' का सिद्धांत दिया) और रमेश चंद्र दत्त जैसे नेताओं ने इसे विकसित किया। इसमें शामिल था:
  • राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ आर्थिक स्वतंत्रता भी अनिवार्य है।
  • 'स्वदेशी' वस्तुओं का उपयोग और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार।
  • भारत की संपत्ति को ब्रिटेन जाने से रोकने के लिए स्वदेशी उद्योगों और बैंकों का विकास करना।
(२) प्रार्थना समाज
उत्तर:
  • स्थापना: १८६७ में मुंबई में दादोबा पांडुरंग तर्खडकर ने इसकी स्थापना की। यह ब्राह्मो समाज और केशव चंद्र सेन के विचारों से प्रेरित था।
  • प्रमुख सदस्य: न्यायमूर्ति एम.जी. रानाडे, डॉ. आर.जी. भंडारकर और न्यायमूर्ति के.टी. तेलंग इसके प्रमुख नेता थे।
  • सिद्धांत: यह एकेश्वरवाद में विश्वास करता था और मूर्तिपूजा का विरोध करता था। इन्होंने धार्मिक कर्मकांडों के बजाय समाज सुधार पर ध्यान केंद्रित किया।
  • समाज सुधार: स्त्री शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह, अस्पृश्यता निवारण और बाल विवाह विरोध के लिए कार्य किया।
(३) निःउपनिवेशीकरण (Decolonisation)
उत्तर: निःउपनिवेशीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा उपनिवेश औपनिवेशिक शक्तियों के नियंत्रण से मुक्त होकर अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाते हैं।
  • द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यह प्रक्रिया तेज हुई।
  • युद्ध के कारण यूरोपीय शक्तियों (जैसे ब्रिटेन और फ्रांस) का कमजोर होना, और एशिया-अफ्रीका में राष्ट्रवादी आंदोलनों का उदय इसके प्रमुख कारण थे।
  • संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी राष्ट्रों की संप्रभुता का समर्थन किया।
  • उदाहरण: भारत (१९४७), श्रीलंका (१९४८) और इंडोनेशिया (१९४९)।

प्र. ४. (ब) निम्नलिखित विधान कारण सहित स्पष्ट कीजिए (कोई तीन)

(१) १५वीं - १६वीं शताब्दी यूरोप में पुनर्जागरण का युग माना जाता है।
कारण:
  • इस काल में मानव रचनात्मकता के सभी क्षेत्रों जैसे कला, वास्तुकला, विज्ञान और साहित्य में अभूतपूर्व प्रगति हुई।
  • लियोनार्डो द विंची और माइकल एंजेलो जैसे कलाकारों ने महान कृतियाँ रचीं।
  • छापखाने (Printing Press) के आविष्कार से ज्ञान और नए विचारों का प्रसार तेजी से हुआ।
  • बुद्धिवाद और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने अंधविश्वासों का स्थान लेना शुरू किया, जिससे यह यूरोप में सांस्कृतिक पुनर्जन्म का शिखर बन गया।
(२) पुर्तगालियों का सामना करना, भारतीय शासकों के लिए कठिन होने लगा।
कारण:
  • पुर्तगालियों की नौसेना भारतीय शासकों की तुलना में अत्यंत शक्तिशाली और आधुनिक थी।
  • उन्होंने तटीय क्षेत्रों (जैसे गोवा, दीव, वसई) में मजबूत किले बनाए थे जिन्हें जीतना मुश्किल था।
  • उनके पास तोपों और बंदूकों जैसे उन्नत हथियार थे।
  • समुद्र पर उनका पूर्ण नियंत्रण था; उन्होंने "कार्ताज़" (परमिट) प्रणाली लागू की, जिसके बिना भारतीय जहाज समुद्र में सुरक्षित नहीं थे।
(३) भारत की ब्रिटिश सरकार ने घर वापसी का निर्णय लिया।
कारण:
  • द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद ब्रिटेन आर्थिक रूप से कमजोर हो गया था और अपने विशाल साम्राज्य को संभालने में असमर्थ था।
  • भारत में स्वतंत्रता संग्राम चरम पर था (जैसे भारत छोड़ो आंदोलन, आजाद हिंद फौज और १९४६ का नौसेना विद्रोह)।
  • अमेरिका और रूस जैसी महाशक्तियों का दबाव और ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार (जो भारत की स्वतंत्रता के पक्ष में थी) के कारण उन्हें भारत छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा।

प्र. ५. निम्नलिखित विधानों पर आपका मत स्पष्ट कीजिए (कोई तीन)

(१) अमेरिका में उपनिवेश से स्पेन की उन्नति हुई।
मत: मैं इस कथन से सहमत हूँ।
स्पष्टीकरण: स्पेन ने अमेरिका में एज़्टेक और इंका जैसी सभ्यताओं को जीतकर वहां अपने उपनिवेश स्थापित किए। वहां से उन्होंने भारी मात्रा में सोना और चांदी लूटा और स्पेन भेजा। इस धन ने १६वीं शताब्दी में स्पेन को यूरोप का सबसे अमीर और शक्तिशाली राष्ट्र बना दिया, जिससे उन्होंने अपने युद्धों और व्यापार का विस्तार किया।
(२) छत्रपति शिवाजी महाराज ने नौसेना का निर्माण किया।
मत: यह एक अत्यंत दूरदर्शी और रणनीतिक निर्णय था।
स्पष्टीकरण: शिवाजी महाराज ने पहचाना कि "जिसके पास नौसेना है, समुद्र उसी का है।" कोंकण तट पर पुर्तगाली, सिद्दी, अंग्रेज और डच शक्तियों का प्रभुत्व था। स्वराज्य की रक्षा करने, व्यापार मार्गों को सुरक्षित करने और विदेशी आक्रमणों का सामना करने के लिए एक स्वतंत्र और मजबूत नौसेना का होना अनिवार्य था।
(३) स्वातंत्र्यवीर सावरकर के अनुसार १८५७ का स्वतंत्रता संघर्ष ‘प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ था।
मत: मैं इस मत से सहमत हूँ।
स्पष्टीकरण: १८५७ से पहले के विद्रोह स्थानीय थे। लेकिन १८५७ में, राजाओं, सैनिकों, जमींदारों और आम जनता ने एकजुट होकर विदेशी ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने का प्रयास किया। यह केवल एक सैनिक विद्रोह नहीं था, बल्कि 'स्वराज्य' और 'स्वधर्म' के लिए लड़ा गया एक राष्ट्रीय युद्ध था, जिसमें हिंदू और मुसलमानों ने मिलकर भाग लिया।

प्र. ६. निम्नलिखित प्रश्नों के विस्तृत उत्तर लिखिए (कोई दो)

(१) यूरोप के धर्मयुद्धों की असफलता के कारण एवं परिणाम लिखिए।
असफलता के कारण:
  • पोप और यूरोपीय शासकों में एकता का अभाव था।
  • धर्मयुद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों में अनुशासन की कमी थी।
  • बीजान्टिन सम्राटों ने धर्मयुद्धों में अपेक्षित सहयोग नहीं दिया।
परिणाम:
  • यूरोप में सामंतवाद का अंत होना शुरू हो गया।
  • पोप की प्रतिष्ठा में कमी आई।
  • यूरोप का पूर्व (एशिया) के साथ व्यापार बढ़ा, जिससे इटली के शहर समृद्ध हुए।
  • यूरोपीय लोगों को नए ज्ञान, गणित, चिकित्सा और दर्शन का परिचय मिला।
  • किलेबंदी और युद्ध की नई तकनीकों का विकास हुआ।
(२) भारत में कश्मीर के विलीनीकरण की जानकारी लिखिए।
उत्तर:
  • पृष्ठभूमि: विभाजन के बाद कश्मीर के राजा हरिसिंह ने भारत या पाकिस्तान में शामिल न होकर स्वतंत्र रहने का निर्णय लिया था।
  • पाकिस्तान का आक्रमण: २२ अक्टूबर १९४७ को पाकिस्तानी सेना के समर्थन से कबायली आक्रमणकारियों ने कश्मीर पर हमला कर दिया।
  • भारत से मदद: जब आक्रमणकारी श्रीनगर के करीब पहुंचे, तो राजा हरिसिंह ने भारत से सैन्य सहायता मांगी। भारत ने विलय की शर्त रखी।
  • विलय पत्र: २६ अक्टूबर १९४७ को राजा हरिसिंह ने 'विलय पत्र' (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर किए और कश्मीर आधिकारिक रूप से भारत का हिस्सा बन गया।
  • सैन्य कार्रवाई: भारतीय सेना ने कश्मीर पहुंचकर आक्रमणकारियों को पीछे धकेला। हालांकि, कुछ हिस्सा (PoK) पाकिस्तान के अवैध कब्जे में रह गया।
(३) भारतीय संरक्षण क्षेत्र की जानकारी स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
  • संरचना: भारत के राष्ट्रपति तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना, वायु सेना) के सर्वोच्च कमांडर होते हैं। रक्षा मंत्रालय प्रशासन संभालता है।
  • उद्देश्य: देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना और बाहरी आक्रमणों व आंतरिक विद्रोहों का सामना करना।
  • अनुसंधान और विकास: रक्षा में आत्मनिर्भरता के लिए DRDO (रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन) की स्थापना की गई। इसने अग्नि, पृथ्वी, आकाश जैसी मिसाइलें विकसित की हैं।
  • आत्मनिर्भरता: भारत ने 'तेजस' लड़ाकू विमान, 'आईएनएस विक्रांत' और टैंकों का स्वदेशी निर्माण कर आयात कम करने पर जोर दिया है।
  • अर्धसैनिक बल: बीएसएफ (BSF), तटरक्षक बल (Coast Guard) और सीआरपीएफ (CRPF) मुख्य सेना की सहायता करते हैं।

प्र. ७. दिए गए मुद्दों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के विस्तारपूर्वक उत्तर लिखिए (कोई तीन)

(१) उपनिवेशवाद का स्वरूप स्पष्ट कीजिए :
(अ) उपनिवेशवाद का अर्थ: जब एक शक्तिशाली देश किसी कमजोर देश पर अपना वर्चस्व स्थापित करता है और वहां के संसाधनों का अपने हित में शोषण करता है, तो उसे उपनिवेशवाद कहते हैं। इसमें राजनीतिक और आर्थिक गुलामी शामिल है।

(ब) उपनिवेशवाद के कारण:
  • औद्योगिक क्रांति: कारखानों के लिए सस्ते कच्चे माल की आवश्यकता और तैयार माल बेचने के लिए नए बाजारों की जरूरत।
  • खनिज संपदा: एशिया और अफ्रीका में सोने, हीरे और कोयले के भंडारों ने उपनिवेशवादियों को आकर्षित किया।
  • सभ्यता का प्रसार: यूरोपीय मानते थे कि पिछड़े देशों को सभ्य बनाना उनका कर्तव्य (White Man's Burden) है।
(क) उपनिवेशवाद के परिणाम:
  • उपनिवेशों का आर्थिक शोषण हुआ और स्थानीय उद्योग नष्ट हो गए।
  • लोगों की राजनीतिक स्वतंत्रता छीन ली गई।
  • पाश्चात्य शिक्षा और स्वतंत्रता के विचारों से राष्ट्रवाद का उदय हुआ।
(२) पुर्तगाली और मराठा संबंध स्पष्ट कीजिए :
(अ) पुर्तगाली एवं छत्रपति शिवाजी महाराज: शिवाजी महाराज ने पुर्तगालियों की आक्रामक नीतियों का विरोध किया। उन्होंने नौसेना का निर्माण किया और सिंधुदुर्ग किला बनाकर उन्हें चुनौती दी। नमक के व्यापार पर कर लगाकर उनकी आर्थिक नाकेबंदी की। हालांकि, कभी-कभी पुर्तगालियों ने मराठों को गोला-बारूद भी बेचा।

(ब) पुर्तगाली एवं छत्रपति संभाजी महाराज: इस काल में संघर्ष तीव्र हो गया। पुर्तगालियों ने मुगलों की मदद की। इसके जवाब में संभाजी महाराज ने १६८३ में गोवा पर आक्रमण किया और फोंडा का किला जीत लिया। वे गोवा जीतने ही वाले थे कि मुगलों के आक्रमण के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा।

(क) पुर्तगाली एवं छत्रपति शाहूजी महाराज: इनके शासनकाल में पेशवा बाजीराव के भाई चिमाजी अप्पा ने पुर्तगालियों के खिलाफ अभियान चलाया। १७३९ की वसई की लड़ाई में मराठों ने पुर्तगालियों को हराकर वसई का मजबूत किला जीत लिया, जिससे उत्तर कोंकण में पुर्तगाली सत्ता समाप्त हो गई।
(३) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन की जानकारी लिखिए :
(अ) प्रथम अधिवेशन: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन २८ दिसंबर १८८५ को मुंबई के 'गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज' में आयोजित किया गया था। ए.ओ. ह्यूम ने इसमें अहम भूमिका निभाई।

(ब) उपस्थित प्रतिनिधि: इस अधिवेशन में भारत के विभिन्न प्रांतों से ७२ प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी।

(क) पारित प्रस्ताव:
  • भारतीय प्रशासन की जाँच के लिए एक रॉयल कमीशन की नियुक्ति।
  • सैन्य खर्च में कटौती करना।
  • विधान परिषदों में भारतीय प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाना।
  • आईसीएस (ICS) परीक्षा इंग्लैंड और भारत में एक साथ आयोजित करना।