विज्ञान और प्रौद्योगिकी भाग २ (N 425) - २०२४ हल प्रश्नपत्र
१. (अ) निम्नलिखित पर्यायों में से उचित पर्याय चुनकर उसका क्रम लिखिए :
(i) उत्क्रांती याने ....................... है।
(ii) ..................... दुर्लभ प्रजाति का प्राणी है।
(iii) बहती हुई पवन की गतिज ऊर्जा का रूपांतरण विद्युत ऊर्जा में करने वाले यंत्र को ..................... कहते हैं।
(iv) रासायनिक दृष्टि से सिरका अर्थात् ..................... है।
(v) प्रोटीन से हमें ..................... kcal/gm ऊर्जा मिलती है।
१. (ब) निम्नलिखित प्रश्न हल कीजिए :
(i) असंगत शब्द अलग कीजिए : सितारा मछली, मुष्ठिशंख, मेंढक, अमीबा
उत्तर: अमीबा।
कारण: अमीबा एककोशिकीय (आदिजीव) सजीव है, जबकि अन्य सभी बहुकोशिकीय प्राणी हैं।
कारण: अमीबा एककोशिकीय (आदिजीव) सजीव है, जबकि अन्य सभी बहुकोशिकीय प्राणी हैं।
(ii) उचित जोड़ी मिलाइए :
| स्तंभ ‘अ’ | स्तंभ ‘ब’ |
|---|---|
| (1) जैविक घटक | (ब) वनस्पति |
(iii) सहसंबंध शब्द पहचानिए :
श्वेत क्रांति : दुग्धोत्पादन : : नील क्रांति : मत्स्य व्यवसाय / जलचरों का उत्पादन
(iv) आकृति में दर्शाये गये प्राणी का संघ पहचानिए :
[हाइड्रा की आकृति]
उत्तर: संघ सिलेंटराटा (Coelenterata) / निडारिया (Cnidaria)।
(v) निम्नलिखित कथन सही है या गलत, लिखिये :
"किशोरावस्था के लड़के-लड़कियों में हम-उम्र का प्रभाव अधिक होता है।"
उत्तर: सही (True)।
उत्तर: सही (True)।
२. (अ) वैज्ञानिक कारण लिखिए (कोई दो) :
(i) रेशेदार पदार्थ एक महत्व का पोषक तत्त्व है।
१. हम रेशेदार पदार्थों (फाइबर्स) को पचा नहीं सकते, लेकिन वे अन्य पदार्थों के पाचन में मदद करते हैं।
२. अपचित भोजन को शरीर से बाहर निकालने (मल त्याग) की प्रक्रिया में रेशेदार पदार्थ बहुत सहायक होते हैं और कब्ज को रोकते हैं।
३. इसलिए, रेशेदार पदार्थों को एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व माना जाता है।
२. अपचित भोजन को शरीर से बाहर निकालने (मल त्याग) की प्रक्रिया में रेशेदार पदार्थ बहुत सहायक होते हैं और कब्ज को रोकते हैं।
३. इसलिए, रेशेदार पदार्थों को एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व माना जाता है।
(ii) यद्यपि कछुआ जमीन पर और पानी में भी रहता है, फिर भी उसका उभयचर वर्ग में समावेश नहीं होता है।
१. उभयचर प्राणी पानी में त्वचा द्वारा और जमीन पर फेफड़ों द्वारा श्वसन करते हैं, और उनकी त्वचा नम और ग्रंथि युक्त होती है।
२. इसके विपरीत, कछुआ जमीन और पानी दोनों जगह केवल फेफड़ों द्वारा ही श्वसन करता है।
३. कछुए की त्वचा सूखी और शल्कयुक्त होती है, और उस पर बाह्यकंकाल (कवच) होता है।
४. इसलिए कछुआ उभयचर न होकर 'सरीसृप' (Reptilia) वर्ग का प्राणी है।
२. इसके विपरीत, कछुआ जमीन और पानी दोनों जगह केवल फेफड़ों द्वारा ही श्वसन करता है।
३. कछुए की त्वचा सूखी और शल्कयुक्त होती है, और उस पर बाह्यकंकाल (कवच) होता है।
४. इसलिए कछुआ उभयचर न होकर 'सरीसृप' (Reptilia) वर्ग का प्राणी है।
(iii) जल-विद्युत ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा इन्हें नूतनीकरणक्षम ऊर्जा कह सकते हैं।
१. जल, हवा और सूर्यप्रकाश जैसे ऊर्जा स्रोत प्राकृतिक रूप से पुनर्भरण होते रहते हैं और ये कभी समाप्त न होने वाले (अक्षय) स्रोत हैं।
२. इन ऊर्जा स्रोतों के उपयोग से प्रदूषण (जैसे कार्बन उत्सर्जन) नहीं होता है, जिससे पर्यावरण को हानि नहीं पहुँचती।
३. ये स्रोत बार-बार उपयोग में लाए जा सकते हैं, इसलिए इन्हें नूतनीकरणक्षम (Renewable) ऊर्जा कहते हैं।
२. इन ऊर्जा स्रोतों के उपयोग से प्रदूषण (जैसे कार्बन उत्सर्जन) नहीं होता है, जिससे पर्यावरण को हानि नहीं पहुँचती।
३. ये स्रोत बार-बार उपयोग में लाए जा सकते हैं, इसलिए इन्हें नूतनीकरणक्षम (Renewable) ऊर्जा कहते हैं।
२. (ब) निम्नलिखित प्रश्नों को हल कीजिए (कोई तीन) :
(i) जैव-प्रौद्योगिकी के चार लाभ लिखिये।
१. भरपूर फसल उत्पादन: संकर बीजों के कारण प्रति हेक्टेयर उत्पादन में वृद्धि हुई है।
२. रोग प्रतिकारक क्षमता: कीड़ और रोग प्रतिरोधी किस्मों (जैसे बीटी कॉटन) के विकास से कीटनाशकों का उपयोग कम हुआ है।
३. तनाव सहिष्णुता: सूखा, लवणता और गर्मी जैसी परिस्थितियों को सहन करने वाली फसलें विकसित की गई हैं।
४. मानव स्वास्थ्य: इंसुलिन, टीके (Vaccines) और एंटीबायोटिक्स जैसी दवाओं का उत्पादन संभव हुआ है।
२. रोग प्रतिकारक क्षमता: कीड़ और रोग प्रतिरोधी किस्मों (जैसे बीटी कॉटन) के विकास से कीटनाशकों का उपयोग कम हुआ है।
३. तनाव सहिष्णुता: सूखा, लवणता और गर्मी जैसी परिस्थितियों को सहन करने वाली फसलें विकसित की गई हैं।
४. मानव स्वास्थ्य: इंसुलिन, टीके (Vaccines) और एंटीबायोटिक्स जैसी दवाओं का उत्पादन संभव हुआ है।
(ii) अंतर स्पष्ट कीजिए : अलैंगिक प्रजनन तथा लैंगिक प्रजनन।
| लैंगिक प्रजनन | अलैंगिक प्रजनन |
|---|---|
| इसमें नर और मादा दो जनकों की आवश्यकता होती है। | इसमें केवल एक ही जनक भाग लेता है। |
| इसमें युग्मक निर्माण और निषेचन (Fertilization) होता है। | इसमें युग्मक निर्माण या निषेचन नहीं होता। |
| नई संतति में आनुवंशिक विविधता पाई जाती है। | नई संतति जनक के समान (क्लोन) होती है। |
| यह प्रक्रिया धीमी गति से होती है। | यह प्रक्रिया तीव्र गति से होती है। |
(iii) आकृति 'अ' तथा 'ब' का निरीक्षण करके निम्न तालिका पूर्ण कीजिए :
आकृति 'अ':
आपदा: भूकंप
कौनसी सावधानी बरतेंगे: मेज या पलंग के नीचे आश्रय लें (Drop, Cover, Hold on) / सुरक्षित स्थान पर जाएं।
आकृति 'ब':
आपदा: सर्पदंश (Snake Bite)
प्राथमिक (उपचार): घाव को पानी से धोएं / घाव के ऊपर कपड़ा कसकर बांधें।
सावधानी (चरण): (१) रोगी को मानसिक आधार दें। (२) तुरंत डॉक्टरी सहायता लें / एंटीवेनम इंजेक्शन लगवाएं।
आपदा: भूकंप
कौनसी सावधानी बरतेंगे: मेज या पलंग के नीचे आश्रय लें (Drop, Cover, Hold on) / सुरक्षित स्थान पर जाएं।
आकृति 'ब':
आपदा: सर्पदंश (Snake Bite)
प्राथमिक (उपचार): घाव को पानी से धोएं / घाव के ऊपर कपड़ा कसकर बांधें।
सावधानी (चरण): (१) रोगी को मानसिक आधार दें। (२) तुरंत डॉक्टरी सहायता लें / एंटीवेनम इंजेक्शन लगवाएं।
(iv) औद्योगिक सूक्ष्मजीव विज्ञान के दो मुख्य पहलू लिखिये।
१. किण्वन प्रक्रिया (Fermentation) का उपयोग करके विभिन्न उत्पाद बनाना (जैसे ब्रेड, चीज़, शराब, दवाइयां, एंजाइम्स)।
२. कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सूक्ष्मजीवों का उपयोग करना।
२. कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सूक्ष्मजीवों का उपयोग करना।
(v) निम्नलिखित प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए : पर्यावरण संवर्धन की आवश्यकता।
(तालिका में ६ रिक्त स्थान हैं, जिनमें से दो दिए गए हैं। शेष चार निम्न हो सकते हैं:)
१. प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए।
२. जैव विविधता का संरक्षण करने के लिए।
३. प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए।
४. प्रदूषण मुक्त और स्वस्थ जीवन के लिए।
(या भावी पीढ़ी की सुरक्षा के लिए।)
१. प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए।
२. जैव विविधता का संरक्षण करने के लिए।
३. प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए।
४. प्रदूषण मुक्त और स्वस्थ जीवन के लिए।
(या भावी पीढ़ी की सुरक्षा के लिए।)
३. निम्नलिखित प्रश्नों को हल कीजिए (कोई पाँच) :
(i) पक्षी वर्ग प्राणियों की तीन विशेषताएँ लिखिये।
१. ये समतापी (Warm-blooded) प्राणी हैं।
२. हवा में उड़ते समय प्रतिरोध कम करने के लिए इनका शरीर नौकाकर (spindle-shaped) होता है।
३. अग्रपादों का रूपांतरण पंखों में हो गया है। उंगलियां शल्कयुक्त होती हैं और उन पर नाखून होते हैं।
४. शरीर पर परों (feathers) का आवरण होता है और हड्डियाँ खोखली (pneumatic) होती हैं।
२. हवा में उड़ते समय प्रतिरोध कम करने के लिए इनका शरीर नौकाकर (spindle-shaped) होता है।
३. अग्रपादों का रूपांतरण पंखों में हो गया है। उंगलियां शल्कयुक्त होती हैं और उन पर नाखून होते हैं।
४. शरीर पर परों (feathers) का आवरण होता है और हड्डियाँ खोखली (pneumatic) होती हैं।
(ii) (अ) अवशेषांग क्या हैं? (ब) मानवीय शरीर में पाए जाने वाले किन्हीं दो अवशेषांगों के नाम लिखिये। (इ) मानवीय शरीर में पाए जाने वाले अवशेषांग अन्य कौनसे प्राणियों के लिए उपयुक्त हैं, इसके दो उदाहरण लिखिये।
(अ) परिभाषा: सजीवों में नष्ट होने वाले या अपूर्ण विकसित निरुपयोगी अंगों को 'अवशेषांग' (Vestigial Organs) कहते हैं।
(ब) उदाहरण: अपेंडिक्स (आंत्रपुच्छ), पूंछ की हड्डी (Coccyx), अक्कल दाढ़ (Wisdom teeth), कान के स्नायु।
(इ) अन्य प्राणियों में उपयोग:
१. अपेंडिक्स: जुगाली करने वाले प्राणियों (जैसे गाय, भैंस) में सेल्युलोज के पाचन के लिए उपयोगी होता है।
२. कान के स्नायु: बंदरों जैसे प्राणियों में कान हिलाने के लिए उपयोगी होते हैं।
(ब) उदाहरण: अपेंडिक्स (आंत्रपुच्छ), पूंछ की हड्डी (Coccyx), अक्कल दाढ़ (Wisdom teeth), कान के स्नायु।
(इ) अन्य प्राणियों में उपयोग:
१. अपेंडिक्स: जुगाली करने वाले प्राणियों (जैसे गाय, भैंस) में सेल्युलोज के पाचन के लिए उपयोगी होता है।
२. कान के स्नायु: बंदरों जैसे प्राणियों में कान हिलाने के लिए उपयोगी होते हैं।
(iii) कार्बोज पदार्थ, स्निग्ध पदार्थ, प्रथिन का ऑक्सीकरण करके ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया कैसे होती है? निम्नलिखित तालिका दुरुस्त कर पुन: लिखिए :
प्रश्नपत्र में दी गई आकृति का क्रम गलत है। सही क्रम इस प्रकार है:
स्निग्ध पदार्थ (Lipids)
→ स्निग्ध आम्ल (Fatty Acids)
→ अंसेटील-को-एन्जाइम-A
कार्बोज पदार्थ
→ ग्लाइकोलिसिस
→ पायरूविक अम्ल
→ अंसेटील-को-एन्जाइम-A
प्रथिन (Proteins)
→ अमीनो अम्ल
→ अंसेटील-को-एन्जाइम-A
↓
क्रेब चक्र (Kreb's cycle)
→ CO2 + H2O + ऊर्जा
(iv) नीचे दिए गए चिह्न संकेत क्या बता रहे हैं? उस आधार पर आप अपनी भूमिका स्पष्ट कीजिए।
१. चिह्न (कूड़ेदान): "कचरा कूड़ेदान में डालें / स्वच्छता रखें"।
भूमिका: परिसर स्वच्छ रखने के लिए गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डिब्बों में डालेंगे।
२. चिह्न (प्लग और पत्ती): "ऊर्जा की बचत / हरित ऊर्जा"।
भूमिका: बिजली बचाएंगे, जब जरूरत न हो तो उपकरण बंद रखेंगे।
३. चिह्न (साइकिल): "साइकिल का उपयोग करें"।
भूमिका: ईंधन बचाने और प्रदूषण कम करने के लिए छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग करेंगे।
भूमिका: परिसर स्वच्छ रखने के लिए गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डिब्बों में डालेंगे।
२. चिह्न (प्लग और पत्ती): "ऊर्जा की बचत / हरित ऊर्जा"।
भूमिका: बिजली बचाएंगे, जब जरूरत न हो तो उपकरण बंद रखेंगे।
३. चिह्न (साइकिल): "साइकिल का उपयोग करें"।
भूमिका: ईंधन बचाने और प्रदूषण कम करने के लिए छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग करेंगे।
(v) नीचे दी गई आकृति का निरीक्षण करके प्रश्नों के उत्तर लिखिए (औष्णिक विद्युत केंद्र):
(अ) उपर्युक्त आकृति में कौनसी ऊर्जा पर आधारित विद्युत निर्मित की जाती है?
औष्णिक ऊर्जा (Thermal Energy - भाप आधारित)।
(आ) इस विद्युत निर्मिती केन्द्र में किस ईंधन का उपयोग करते हैं?
कोयला (Coal)।
(इ) इस विद्युत निर्मिती के कारण निर्माण होने वाली कोई-सी भी एक समस्या लिखिये।
कोयले के जलने से होने वाला वायु प्रदूषण (CO2, SO2 गैसों का उत्सर्जन) या राख के कणों से श्वसन विकार।
औष्णिक ऊर्जा (Thermal Energy - भाप आधारित)।
(आ) इस विद्युत निर्मिती केन्द्र में किस ईंधन का उपयोग करते हैं?
कोयला (Coal)।
(इ) इस विद्युत निर्मिती के कारण निर्माण होने वाली कोई-सी भी एक समस्या लिखिये।
कोयले के जलने से होने वाला वायु प्रदूषण (CO2, SO2 गैसों का उत्सर्जन) या राख के कणों से श्वसन विकार।
(vi) जैव खेती में जैव कीटनाशकों का महत्व स्पष्ट कीजिए।
१. रासायनिक कीटनाशकों से मिट्टी और जल प्रदूषण होता है, जो जैव कीटनाशकों से नहीं होता।
२. जैव कीटनाशक (जैसे नीम का अर्क, सूक्ष्मजीव) पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं।
३. इससे कृषि उत्पादों में विषैले रसायनों के अवशेष नहीं रहते।
४. मित्र कीटों (जैसे मधुमक्खी) को नुकसान नहीं पहुँचता, जिससे प्रकृति का संतुलन बना रहता है।
२. जैव कीटनाशक (जैसे नीम का अर्क, सूक्ष्मजीव) पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होते हैं।
३. इससे कृषि उत्पादों में विषैले रसायनों के अवशेष नहीं रहते।
४. मित्र कीटों (जैसे मधुमक्खी) को नुकसान नहीं पहुँचता, जिससे प्रकृति का संतुलन बना रहता है।
(vii) विभिन्न रोगों के उपचार में उपयोगों के आधार पर नीचे दिए संकल्पना-चित्र को पूर्ण कीजिए (मूल कोशिका):
मध्यवर्ती संकल्पना: मूल कोशिका (Stem Cells) के उपयोग।
बॉक्स १: अंग प्रत्यारोपण (किडनी, लिवर)।
बॉक्स २: रक्त कोशिकाओं का निर्माण (एनीमिया, ल्यूकेमिया, थैलेसीमिया)।
बॉक्स ३: सेल थेरेपी (मधुमेह, अल्जाइमर, पार्किंसन का उपचार)।
बॉक्स ४: ऊतक संवर्धन / जीन थेरेपी।
बॉक्स १: अंग प्रत्यारोपण (किडनी, लिवर)।
बॉक्स २: रक्त कोशिकाओं का निर्माण (एनीमिया, ल्यूकेमिया, थैलेसीमिया)।
बॉक्स ३: सेल थेरेपी (मधुमेह, अल्जाइमर, पार्किंसन का उपचार)।
बॉक्स ४: ऊतक संवर्धन / जीन थेरेपी।
(viii) आपदा प्रबंधन के तीन उद्देश्य लिखिये।
१. आपदा में फँसे लोगों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना।
२. प्रभावित लोगों को आवश्यक वस्तुएं (भोजन, पानी, दवाएं) उपलब्ध कराना।
३. जनजीवन को सामान्य स्थिति में लाना और पीड़ितों का पुनर्वास करना।
२. प्रभावित लोगों को आवश्यक वस्तुएं (भोजन, पानी, दवाएं) उपलब्ध कराना।
३. जनजीवन को सामान्य स्थिति में लाना और पीड़ितों का पुनर्वास करना।
४. निम्नलिखित प्रश्न हल कीजिए (कोई एक) :
(i) मानवीय स्त्री प्रजनन संस्थान:
(अ) मानवीय स्त्री प्रजनन संस्थान की नामांकित आकृति बनाइये।
(विद्यार्थी को अंडाशय, अंडनलिका, गर्भाशय, योनि दर्शाते हुए नामांकित आकृति बनानी चाहिए।)
(ब) स्त्री प्रजनन संस्थान के अंडाशय से स्रावित होने वाले संप्रेरकों के नाम लिखिये।
एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone)।
(क) मासिक धर्म रुक जाने की उम्र कितनी होती है?
साधारणतः 45 से 50 वर्ष की आयु के बीच रजोनिवृत्ति (Menopause) होती है।
(ड) जन्म के समय स्त्री के अंडाशय में कितनी अंडकोशिकाएँ (डिंब) होती हैं?
जन्म के समय अंडाशय में 20 से 40 लाख (2 to 4 million) अपक्व अंडकोशिकाएँ होती हैं।
(विद्यार्थी को अंडाशय, अंडनलिका, गर्भाशय, योनि दर्शाते हुए नामांकित आकृति बनानी चाहिए।)
(ब) स्त्री प्रजनन संस्थान के अंडाशय से स्रावित होने वाले संप्रेरकों के नाम लिखिये।
एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone)।
(क) मासिक धर्म रुक जाने की उम्र कितनी होती है?
साधारणतः 45 से 50 वर्ष की आयु के बीच रजोनिवृत्ति (Menopause) होती है।
(ड) जन्म के समय स्त्री के अंडाशय में कितनी अंडकोशिकाएँ (डिंब) होती हैं?
जन्म के समय अंडाशय में 20 से 40 लाख (2 to 4 million) अपक्व अंडकोशिकाएँ होती हैं।
(ii) प्रत्येक के दो उदाहरण लिखिए :
(अ) तनाव को कम करने वाले शौक: संगीत सुनना, बागवानी, पढ़ना, चित्रकारी।
(ब) सामाजिक स्वास्थ्य को धोखा (क्षति) पहुँचाने वाले रोग: एड्स (AIDS), टीबी (क्षयरोग), कुष्ठरोग।
(क) मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाली शारीरिक तकलीफें: सिरदर्द, नींद न आना (अनिद्रा), आंखों की समस्या, जोड़ों का दर्द।
(ड) सायबर अपराध कक्ष में आने वाली घटनाएँ: हैकिंग, बैंक धोखाधड़ी (पिन चोरी), पहचान की चोरी, सायबर स्टॉकिंग।
(इ) मद्य सेवन से निर्माण होने वाली समस्याएँ: लिवर की बीमारियाँ, तंत्रिका तंत्र की क्षति, पारिवारिक कलह, आर्थिक नुकसान।
(ब) सामाजिक स्वास्थ्य को धोखा (क्षति) पहुँचाने वाले रोग: एड्स (AIDS), टीबी (क्षयरोग), कुष्ठरोग।
(क) मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाली शारीरिक तकलीफें: सिरदर्द, नींद न आना (अनिद्रा), आंखों की समस्या, जोड़ों का दर्द।
(ड) सायबर अपराध कक्ष में आने वाली घटनाएँ: हैकिंग, बैंक धोखाधड़ी (पिन चोरी), पहचान की चोरी, सायबर स्टॉकिंग।
(इ) मद्य सेवन से निर्माण होने वाली समस्याएँ: लिवर की बीमारियाँ, तंत्रिका तंत्र की क्षति, पारिवारिक कलह, आर्थिक नुकसान।
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