इतिहास (History) - Part 1
1. (अ) दिए गए विकल्पों में से उचित विकल्प चुनकर कथन पूर्ण कीजिए : (3 अंक)
(1) संसार का सबसे प्राचीन संग्रहालय ................... नगर का उत्खनन करते समय पाया गया।
उत्तर: उर
(2) महाराष्ट्र राज्य के प्रथम मुख्य मंत्री ................ थे।
उत्तर: यशवंतराव चव्हाण
(3) संस्कृत ग्रंथ ‘हितोपदेश’ का जर्मन भाषा में ................. ने अनुवाद किया।
उत्तर: फ्रेडरिक मैक्समूलर
(ब) निम्न में से असत्य जोड़ी पहचानिये और लिखिए : (3 अंक)
(1)
(i) रायगडाला जेव्हा जाग येते — वसंत कानेटकर
(ii) टिळक आणि आगरकर — विश्राम बेडेकर
(iii) साष्टांग नमस्कार — आचार्य अत्रे
(iv) एकच प्याला — अण्णासाहेब किर्लोस्कर
(i) रायगडाला जेव्हा जाग येते — वसंत कानेटकर
(ii) टिळक आणि आगरकर — विश्राम बेडेकर
(iii) साष्टांग नमस्कार — आचार्य अत्रे
(iv) एकच प्याला — अण्णासाहेब किर्लोस्कर
असत्य जोड़ी: एकच प्याला — अण्णासाहेब किर्लोस्कर
सही जोड़ी (संदर्भ के लिए): एकच प्याला — राम गणेश गडकरी
सही जोड़ी (संदर्भ के लिए): एकच प्याला — राम गणेश गडकरी
(2)
(i) लिओपॉल्ड वॉन रांके — द सीक्रेट ऑफ़ वर्ल्ड हिस्ट्री
(ii) मायकेल फूको — आर्किओलॉजी ऑफ़ नॉलेज
(iii) कार्ल मार्क्स — दास कैपिटल
(iv) रेने देकार्त — रीजन इन हिस्ट्री
(i) लिओपॉल्ड वॉन रांके — द सीक्रेट ऑफ़ वर्ल्ड हिस्ट्री
(ii) मायकेल फूको — आर्किओलॉजी ऑफ़ नॉलेज
(iii) कार्ल मार्क्स — दास कैपिटल
(iv) रेने देकार्त — रीजन इन हिस्ट्री
असत्य जोड़ी: रेने देकार्त — रीजन इन हिस्ट्री
सही जोड़ी (संदर्भ के लिए): रेने देकार्त — डिस्कोर्स ऑन मेथड (Discourse on Method)
सही जोड़ी (संदर्भ के लिए): रेने देकार्त — डिस्कोर्स ऑन मेथड (Discourse on Method)
(3)
(i) प्रभाकर — आचार्य प्र. के. अत्रे
(ii) दर्पण — बालशास्त्री जांभेकर
(iii) दीनबंधु — कृष्णराव भालेकर
(iv) केसरी — बाल गंगाधर तिलक
(i) प्रभाकर — आचार्य प्र. के. अत्रे
(ii) दर्पण — बालशास्त्री जांभेकर
(iii) दीनबंधु — कृष्णराव भालेकर
(iv) केसरी — बाल गंगाधर तिलक
असत्य जोड़ी: प्रभाकर — आचार्य प्र. के. अत्रे
सही जोड़ी (संदर्भ के लिए): प्रभाकर — भाऊ महाजन
सही जोड़ी (संदर्भ के लिए): प्रभाकर — भाऊ महाजन
2. (अ) दी गई सूचनानुसार कृति कीजिए (कोई दो) : (4 अंक)
(1) निम्न संकल्पना चित्र को पूर्ण कीजिए (भारत स्थित ग्रंथालय-शहर):
- कोलकाता: नेशनल लाइब्रेरी
- दिल्ली: नेशनल म्यूजियम लाइब्रेरी / नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी
- हैदराबाद: स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी
- मुंबई: एशियाटिक सोसाइटी की लाइब्रेरी
(2) निम्न संकल्पना चित्र को पूर्ण कीजिए : ‘भारत एक खोज’ धारावाहिक पर प्रस्तुत की गई घटनाएँ
‘भारत एक खोज’ की घटनाएँ
हड़प्पा सभ्यता
वैदिक काल
रामायण - महाभारत
मौर्य काल / मुघल काल
(3) निम्न संकल्पना चित्र को पूर्ण कीजिए : महाराष्ट्र के ठंडी हवा के स्थान
महाराष्ट्र के ठंडी हवा के स्थान
महाबलेश्वर
पंचगनी
लोनावला
माथेरान
(ब) संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए (कोई दो) : (4 अंक)
(1) उपयोजित इतिहास (Applied History):
उपयोजित इतिहास का अर्थ है भूतकाल की घटनाओं के ज्ञान का उपयोग वर्तमान और भविष्य के मानवी जीवन के कल्याण के लिए करना। इसे 'जनांसाठी इतिहास' (Public History) भी कहा जाता है। वर्तमान की सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं के समाधान में इतिहास का ज्ञान मार्गदर्शक सिद्ध होता है।
(2) मराठा चित्रशैली (Maratha Style of Painting):
मराठा चित्रशैली का विकास 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में शुरू हुआ। यह शैली रंगीन चित्रों के रूप में भित्ति चित्रों (murals) और हस्तलिखितों में लघुचित्रों के रूप में पाई जाती है। सातारा, वाई, मेणवली जैसे स्थानों के पुराने वाड़ों में यह शैली देखने को मिलती है। यह शैली यथार्थवादी न होकर सादी और स्पष्ट रूपरेखाओं पर आधारित है।
(3) स्थल कोश (Sthalakosh):
इतिहास लेखन के लिए भूगोल का ज्ञान महत्वपूर्ण होता है। ऐतिहासिक स्थानों की जानकारी देने वाले कोश को 'स्थल कोश' कहते हैं। महानुभाव पंथ के मुनि व्यास द्वारा रचित 'स्थानपोथी' में चक्रधर स्वामी द्वारा भ्रमण किए गए स्थानों का वर्णन है। सिद्धेश्वरशास्त्री चित्राव ने 'प्राचीन भारतीय स्थलकोश' की रचना की, जिसमें वैदिक साहित्य और महाकाव्यों में उल्लेखित स्थानों की जानकारी दी गई है।
उपयोजित इतिहास का अर्थ है भूतकाल की घटनाओं के ज्ञान का उपयोग वर्तमान और भविष्य के मानवी जीवन के कल्याण के लिए करना। इसे 'जनांसाठी इतिहास' (Public History) भी कहा जाता है। वर्तमान की सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं के समाधान में इतिहास का ज्ञान मार्गदर्शक सिद्ध होता है।
(2) मराठा चित्रशैली (Maratha Style of Painting):
मराठा चित्रशैली का विकास 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में शुरू हुआ। यह शैली रंगीन चित्रों के रूप में भित्ति चित्रों (murals) और हस्तलिखितों में लघुचित्रों के रूप में पाई जाती है। सातारा, वाई, मेणवली जैसे स्थानों के पुराने वाड़ों में यह शैली देखने को मिलती है। यह शैली यथार्थवादी न होकर सादी और स्पष्ट रूपरेखाओं पर आधारित है।
(3) स्थल कोश (Sthalakosh):
इतिहास लेखन के लिए भूगोल का ज्ञान महत्वपूर्ण होता है। ऐतिहासिक स्थानों की जानकारी देने वाले कोश को 'स्थल कोश' कहते हैं। महानुभाव पंथ के मुनि व्यास द्वारा रचित 'स्थानपोथी' में चक्रधर स्वामी द्वारा भ्रमण किए गए स्थानों का वर्णन है। सिद्धेश्वरशास्त्री चित्राव ने 'प्राचीन भारतीय स्थलकोश' की रचना की, जिसमें वैदिक साहित्य और महाकाव्यों में उल्लेखित स्थानों की जानकारी दी गई है।
3. निम्न कथनों को कारण सहित स्पष्ट कीजिए (कोई दो) : (4 अंक)
(1) फूको की लेखन पद्धति को ‘ज्ञान का पुरातत्व’ कहा है।
कारण: मायकेल फूको ने इतिहास को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करने की पारंपरिक पद्धति की आलोचना की। उन्होंने तर्क दिया कि इतिहास का उद्देश्य केवल अंतिम सत्य तक पहुँचना नहीं है, बल्कि भूतकाल में हुए विभिन्न संक्रमणों (transitions) या बदलाओं को स्पष्ट करना है। उन्होंने इन बदलाओं के स्पष्टीकरण पर जोर दिया, इसलिए उनकी पद्धति को ‘ज्ञान का पुरातत्व’ (Archaeology of Knowledge) कहा गया है।
(2) ऐतिहासिक साहित्य में बखर महत्वपूर्ण प्रकार है।
कारण: 'बखर' मध्ययुगीन ऐतिहासिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण प्रकार है। 'बखर' शब्द 'खबर' से बना है जिसका अर्थ 'समाचार' होता है। इसमें शूरवीरों का गुणगान, ऐतिहासिक घटनाओं, युद्धों और महापुरुषों के चरित्रों का वर्णन होता है। मराठा इतिहास के अध्ययन के लिए बखर अत्यंत उपयोगी साधन है।
(3) फिल्म माध्यम में इतिहास विषय महत्वपूर्ण है।
कारण: ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित फिल्में (Period Movies) बनाते समय उस काल के वातावरण का निर्माण करना आवश्यक होता है। उस समय की वेशभूषा, केशभूषा, भाषा, वास्तुकला और सामाजिक जीवन को प्रामाणिकता से दिखाने के लिए इतिहास का गहरा ज्ञान और शोध आवश्यक होता है। इसलिए फिल्म उद्योग में इतिहास के जानकारों की आवश्यकता होती है।
(4) तकनीकी विज्ञान के इतिहास का अध्ययन करना आवश्यक है।
कारण: मानव की प्रगति तकनीक और विज्ञान में हुए आविष्कारों पर निर्भर है। कृषि, उत्पादन, वास्तुकला और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में समय के साथ जो परिवर्तन हुए हैं, उन्हें समझने के लिए तकनीकी विज्ञान के इतिहास का अध्ययन आवश्यक है। यह विज्ञान और तकनीक के बीच की पारस्परिकता को समझने में भी मदद करता है।
कारण: मायकेल फूको ने इतिहास को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करने की पारंपरिक पद्धति की आलोचना की। उन्होंने तर्क दिया कि इतिहास का उद्देश्य केवल अंतिम सत्य तक पहुँचना नहीं है, बल्कि भूतकाल में हुए विभिन्न संक्रमणों (transitions) या बदलाओं को स्पष्ट करना है। उन्होंने इन बदलाओं के स्पष्टीकरण पर जोर दिया, इसलिए उनकी पद्धति को ‘ज्ञान का पुरातत्व’ (Archaeology of Knowledge) कहा गया है।
(2) ऐतिहासिक साहित्य में बखर महत्वपूर्ण प्रकार है।
कारण: 'बखर' मध्ययुगीन ऐतिहासिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण प्रकार है। 'बखर' शब्द 'खबर' से बना है जिसका अर्थ 'समाचार' होता है। इसमें शूरवीरों का गुणगान, ऐतिहासिक घटनाओं, युद्धों और महापुरुषों के चरित्रों का वर्णन होता है। मराठा इतिहास के अध्ययन के लिए बखर अत्यंत उपयोगी साधन है।
(3) फिल्म माध्यम में इतिहास विषय महत्वपूर्ण है।
कारण: ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित फिल्में (Period Movies) बनाते समय उस काल के वातावरण का निर्माण करना आवश्यक होता है। उस समय की वेशभूषा, केशभूषा, भाषा, वास्तुकला और सामाजिक जीवन को प्रामाणिकता से दिखाने के लिए इतिहास का गहरा ज्ञान और शोध आवश्यक होता है। इसलिए फिल्म उद्योग में इतिहास के जानकारों की आवश्यकता होती है।
(4) तकनीकी विज्ञान के इतिहास का अध्ययन करना आवश्यक है।
कारण: मानव की प्रगति तकनीक और विज्ञान में हुए आविष्कारों पर निर्भर है। कृषि, उत्पादन, वास्तुकला और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में समय के साथ जो परिवर्तन हुए हैं, उन्हें समझने के लिए तकनीकी विज्ञान के इतिहास का अध्ययन आवश्यक है। यह विज्ञान और तकनीक के बीच की पारस्परिकता को समझने में भी मदद करता है।
4. निम्न परिच्छेद को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (4 अंक)
(मेजर ध्यानचंद और भारतीय हॉकी टीम से संबंधित परिच्छेद)
(मेजर ध्यानचंद और भारतीय हॉकी टीम से संबंधित परिच्छेद)
(1) 1936 में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान कौन थे ?
उत्तर: 1936 में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मेजर ध्यानचंद थे।
(2) भारत में कौनसा दिवस राष्ट्रीय क्रीड़ा दिवस के रूप में मनाया जाता है ?
उत्तर: भारत में 29 अगस्त (ध्यानचंद का जन्मदिवस) राष्ट्रीय क्रीड़ा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
(3) ‘हॉकी’ खेल पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर: हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है और यह अत्यंत ऊर्जावान और रोमांचक खेल है। इस खेल से खिलाड़ियों में अनुशासन और टीम भावना का विकास होता है। मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाड़ियों के कारण हॉकी ने भारत को विश्व स्तर पर ओलंपिक स्वर्ण पदकों के माध्यम से प्रतिष्ठा दिलाई है।
उत्तर: 1936 में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मेजर ध्यानचंद थे।
(2) भारत में कौनसा दिवस राष्ट्रीय क्रीड़ा दिवस के रूप में मनाया जाता है ?
उत्तर: भारत में 29 अगस्त (ध्यानचंद का जन्मदिवस) राष्ट्रीय क्रीड़ा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
(3) ‘हॉकी’ खेल पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर: हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है और यह अत्यंत ऊर्जावान और रोमांचक खेल है। इस खेल से खिलाड़ियों में अनुशासन और टीम भावना का विकास होता है। मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाड़ियों के कारण हॉकी ने भारत को विश्व स्तर पर ओलंपिक स्वर्ण पदकों के माध्यम से प्रतिष्ठा दिलाई है।
5. निम्न प्रश्नों के उत्तर विस्तार में लिखिए (कोई दो) : (6 अंक)
(1) स्त्रीवादी इतिहास लेखन किसे कहते हैं ?
उत्तर: स्त्रीवादी इतिहास लेखन का अर्थ है स्त्रियों के दृष्टिकोण से इतिहास की पुनर्रचना करना।
(2) कला क्षेत्र में व्यवसाय के कौन-कौनसे अवसर उपलब्ध हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: कला के क्षेत्र में व्यवसाय के अनेक अवसर उपलब्ध हैं:
(3) पोवाड़ा किसे कहते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
(4) पर्यटन के कोई तीन प्रकार स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
उत्तर: स्त्रीवादी इतिहास लेखन का अर्थ है स्त्रियों के दृष्टिकोण से इतिहास की पुनर्रचना करना।
- फ्रांसीसी विदुषी सीमोन द बोउआ ने स्त्रीवाद की मूलभूत भूमिका प्रस्तुत की।
- इसमें न केवल इतिहास में स्त्रियों का समावेश किया गया, बल्कि इतिहास लेखन के पुरुष प्रधान दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने पर भी जोर दिया गया।
- स्त्रियों के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे रोजगार, ट्रेड यूनियन, पारिवारिक जीवन आदि पर शोध किया गया।
- भारत में ताराबाई शिंदे ने 'स्त्रीपुरुषतुलना' ग्रंथ के माध्यम से स्त्रीवादी लेखन की शुरुआत की।
(2) कला क्षेत्र में व्यवसाय के कौन-कौनसे अवसर उपलब्ध हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: कला के क्षेत्र में व्यवसाय के अनेक अवसर उपलब्ध हैं:
- कला इतिहासकार: शोधकर्ता, लेखक और कला समीक्षक के रूप में पत्रकारिता और मीडिया में कार्य कर सकते हैं।
- संग्रहालय और अभिलेखागार: यहाँ क्यूरेटर (संग्रहाध्यक्ष) और संरक्षण विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है।
- उपयोजित कला: विज्ञापन जगत, इंटीरियर डिजाइन, और फिल्म उद्योग में कला निर्देशक (Art Director) के रूप में अवसर।
- फोटोग्राफी और ग्राफिक डिजाइन: इन क्षेत्रों में भी कलात्मक दृष्टि की मांग होती है।
(3) पोवाड़ा किसे कहते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
- पोवाड़ा एक प्रकार का गद्य-पद्य मिश्रित नाटकीय प्रस्तुतीकरण है।
- इसमें ऐतिहासिक घटनाओं या वीर पुरुषों के पराक्रम का आवेशपूर्ण और प्रेरणादायक शैली में वर्णन किया जाता है।
- यह लोकजागृति और मनोरंजन का एक सशक्त माध्यम है।
- शिवाजी महाराज के समय में अज्ञानदास द्वारा अफजल खान वध पर और तुलसीदास द्वारा सिंहगढ़ की लड़ाई पर रचे गए पोवाड़े प्रसिद्ध हैं।
- स्वतंत्रता संग्राम और संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के दौरान भी पोवाड़ों ने लोगों में चेतना जगाने का कार्य किया।
(4) पर्यटन के कोई तीन प्रकार स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
- स्थानीय और अंतर्राज्यीय पर्यटन: यह देश या राज्य के भीतर किया जाने वाला पर्यटन है। इसमें भाषा और मुद्रा की कोई समस्या नहीं होती।
- अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन: एक देश से दूसरे देश में किया जाने वाला प्रवास। इसके लिए पासपोर्ट, वीजा और विदेशी मुद्रा की आवश्यकता होती है।
- ऐतिहासिक पर्यटन: ऐतिहासिक किलों, स्मारकों और युद्ध स्थलों को देखने के लिए किया जाने वाला पर्यटन। जैसे - ताजमहल या रायगढ़ किला देखना।
राज्यशास्त्र (Political Science) - Part 2
6. निम्न विकल्पों में से उचित विकल्प चुनकर कथन पूर्ण कीजिए : (2 अंक)
(1) महाराष्ट्र में स्थानीय शासन संस्थाओं में महिलाओं के लिए .................................. स्थान आरक्षित है।
उत्तर: 50%
(2) खेती का उत्पादन बढ़ाने और खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर होने के लिए ................................ की गई।
उत्तर: हरित क्रांति
7. निम्न कथन सत्य हैं या असत्य, सकारण स्पष्ट कीजिए (कोई दो) : (4 अंक)
(1) विशेष परिस्थिति में निर्वाचन आयोग किसी निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा चुनाव करवा सकता है।
उत्तर: यह कथन सत्य है।
कारण: यदि किसी निर्वाचन क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा आ जाए, या चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी (जैसे बूथ कैप्चरिंग या हिंसा) हो, या चुनाव के दौरान किसी उम्मीदवार की मृत्यु हो जाए, तो निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग वहां दोबारा चुनाव (re-election) करवा सकता है।
(2) सूचना के अधिकार के कारण शासन व्यवस्था में गोपनीयता बढ़ गई है।
उत्तर: यह कथन असत्य है।
कारण: सूचना के अधिकार (RTI) के कारण शासन व्यवस्था में गोपनीयता कम हुई है और पारदर्शिता बढ़ी है। नागरिक अब सरकार के कामकाज की जानकारी मांग सकते हैं, जिससे प्रशासन अधिक जवाबदेह हुआ है और जनता का सरकार पर विश्वास बढ़ा है।
(3) गठबंधन सरकार के कारण अस्थिरता उत्पन्न होती है।
उत्तर: यह कथन असत्य है।
कारण: पहले यह माना जाता था कि गठबंधन सरकारें अस्थिर होती हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों में (जैसे NDA और UPA सरकारें) गठबंधन सरकारों ने अपना कार्यकाल सफलतापूर्व पूरा किया है। भारतीय राजनीति में अब गठबंधन सरकारें एक स्थिर और प्रभावी शासन पद्धति साबित हुई हैं।
उत्तर: यह कथन सत्य है।
कारण: यदि किसी निर्वाचन क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा आ जाए, या चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी (जैसे बूथ कैप्चरिंग या हिंसा) हो, या चुनाव के दौरान किसी उम्मीदवार की मृत्यु हो जाए, तो निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग वहां दोबारा चुनाव (re-election) करवा सकता है।
(2) सूचना के अधिकार के कारण शासन व्यवस्था में गोपनीयता बढ़ गई है।
उत्तर: यह कथन असत्य है।
कारण: सूचना के अधिकार (RTI) के कारण शासन व्यवस्था में गोपनीयता कम हुई है और पारदर्शिता बढ़ी है। नागरिक अब सरकार के कामकाज की जानकारी मांग सकते हैं, जिससे प्रशासन अधिक जवाबदेह हुआ है और जनता का सरकार पर विश्वास बढ़ा है।
(3) गठबंधन सरकार के कारण अस्थिरता उत्पन्न होती है।
उत्तर: यह कथन असत्य है।
कारण: पहले यह माना जाता था कि गठबंधन सरकारें अस्थिर होती हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों में (जैसे NDA और UPA सरकारें) गठबंधन सरकारों ने अपना कार्यकाल सफलतापूर्व पूरा किया है। भारतीय राजनीति में अब गठबंधन सरकारें एक स्थिर और प्रभावी शासन पद्धति साबित हुई हैं।
8. (अ) निम्न संकल्पना स्पष्ट कीजिए (कोई एक) : (2 अंक)
(1) अल्पसंख्यक संबंधी प्रावधान:
भारत में धर्म, भाषा या वंश के आधार पर जो समूह संख्या में कम हैं, उन्हें अल्पसंख्यक कहा जाता है। संविधान ने उन्हें विशेष संरक्षण दिया है। धर्म, जाति, या भाषा के आधार पर भेदभाव निषिद्ध है। अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को सुरक्षित रखने का और अपनी पसंद के शिक्षण संस्थान स्थापित करने का अधिकार है।
(2) श्रमिक आंदोलन:
भारत में औद्योगीकरण के साथ ही श्रमिक या कामगार आंदोलन की शुरुआत हुई। रेल और कपड़ा मिल मजदूरों की समस्याओं जैसे कम वेतन और काम के घंटों को लेकर आंदोलन हुए। नारायण मेघाजी लोखंडे ने मजदूरों को संगठित किया। 1920 में 'आयटक' (AITUC) की स्थापना हुई। वैश्वीकरण के बाद श्रमिक आंदोलन के सामने नई चुनौतियां आई हैं।
भारत में धर्म, भाषा या वंश के आधार पर जो समूह संख्या में कम हैं, उन्हें अल्पसंख्यक कहा जाता है। संविधान ने उन्हें विशेष संरक्षण दिया है। धर्म, जाति, या भाषा के आधार पर भेदभाव निषिद्ध है। अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को सुरक्षित रखने का और अपनी पसंद के शिक्षण संस्थान स्थापित करने का अधिकार है।
(2) श्रमिक आंदोलन:
भारत में औद्योगीकरण के साथ ही श्रमिक या कामगार आंदोलन की शुरुआत हुई। रेल और कपड़ा मिल मजदूरों की समस्याओं जैसे कम वेतन और काम के घंटों को लेकर आंदोलन हुए। नारायण मेघाजी लोखंडे ने मजदूरों को संगठित किया। 1920 में 'आयटक' (AITUC) की स्थापना हुई। वैश्वीकरण के बाद श्रमिक आंदोलन के सामने नई चुनौतियां आई हैं।
(ब) दी गयी सूचनानुसार कृती कीजिए (कोई एक) : (2 अंक)
(1) संकल्पना चित्र पूर्ण कीजिए : चुनाव प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग (भूमिका):
- मतदाता सूची तैयार करना।
- चुनाव का समय-पत्रक तय करना और चुनाव करवाना।
- मतदान करना।
- आचार संहिता का पालन करना / योग्य उम्मीदवार चुनना।
(2) निम्न संकल्पना चित्र पूर्ण कीजिए : भारतीय लोकतंत्र के सम्मुख सामाजिक चुनौतियाँ
सामाजिक चुनौतियाँ
सांप्रदायिकता
नक्सलवाद
भ्रष्टाचार
राजनीति का अपराधीकरण
9. संक्षेप में उत्तर लिखिए (कोई एक) : (2 अंक)
(1) राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देशित निकष स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए निम्न शर्तें पूरी होनी चाहिए:
(2) भारत में लोकतंत्र की सफलता के लिए किन बातों की आवश्यकता है ?
उत्तर:
उत्तर: राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए निम्न शर्तें पूरी होनी चाहिए:
- पार्टी को लोकसभा या विधानसभा चुनाव में कम से कम 4 राज्यों में कुल वैध मतों का 6% मत प्राप्त होना चाहिए और साथ ही लोकसभा में किसी भी राज्य या राज्यों से कम से कम 4 सदस्य चुने जाने चाहिए।
- अथवा, लोकसभा की कुल सीटों में से कम से कम 2% सीटें (लगभग 11 सीटें) जीती हों और ये सीटें कम से कम 3 अलग-अलग राज्यों से हों।
(2) भारत में लोकतंत्र की सफलता के लिए किन बातों की आवश्यकता है ?
उत्तर:
- जागरूक नागरिक: नागरिकों का शिक्षित और सजग होना आवश्यक है।
- सक्षम विपक्ष: सरकार पर नियंत्रण रखने के लिए मजबूत विरोधी पक्ष होना चाहिए।
- पारदर्शिता: शासन प्रशासन में भ्रष्टाचार का अंत और पारदर्शिता।
- संवैधानिक मूल्यों का पालन: स्वतंत्रता, समता और बंधुता जैसे मूल्यों का समाज में प्रसार।
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