प्रश्न १ (Question 1)
(अ) नीचे दिए गए प्रश्नों के उचित पर्याय चुनकर उत्तर लिखिये :
(i) जब हम व्यायाम करते हैं, तब हमारी माँसपेशियाँ __________ प्रकार का श्वसन करती हैं।
उत्तर: (ब) अनाक्सीश्वसन
(ii) __________ प्राणी अपने टूटे हुए शरीर के भाग की पुनः निर्मिती कर सकता है।
उत्तर: (ड) सितारा मछली
(iii) भारत सरकार ने NKM-16 इस कार्यक्रम द्वारा __________ व्यवसाय के उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रोत्साहन दिया है।
उत्तर: (क) मत्स्य व्यवसाय
(iv) जिला स्तर आपदा प्रबंधन और आपदा निवारण योजनाओं की परिपूर्णता के लिए __________ जिम्मेदार होते हैं।
उत्तर: (अ) जिलाधिकारी
(υ) पश्चिम बंगाल का __________ बाघों के लिए आरक्षित है।
उत्तर: (ड) सुंदरबन अभयारण्य
(ब) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिये :
(i) निम्न वाक्य सत्य है या असत्य, लिखिये : उत्क्रांति अर्थात् सजीवों में अत्यंत धीमी गति से होने वाला क्रमिक परिवर्तन है।
उत्तर: सत्य
(ii) किसी एक लैंगिक रोग का नाम लिखिये।
उत्तर: सिफिलिस (या गोनोरिया)
(iii) असंगत शब्द लिखिये : गुटखा, योगासन, शराब, सिगरेट
उत्तर: योगासन (अन्य सभी नशीले/हानिकारक पदार्थ हैं)।
(iv) रिक्त चौकट में उचित उत्तर लिखिये : बहते हुए पवन की गतिज ऊर्जा → [ ______ ]
उत्तर: टर्बाइन की गतिज ऊर्जा (या विद्युत ऊर्जा)।
(υ) उचित जोड़ी मिलाइये :
| 'अ' समूह | 'ब' समूह |
|---|---|
| झायलीटॉल | (b) मिठास |
प्रश्न २ (Question 2)
(अ) वैज्ञानिक कारण लिखिए (कोई दो) :
(i) मनुष्य के शरीर के कुछ अंग बहुमूल्य हैं।
कारण: मानव शरीर के कुछ अंग जैसे वृक्क (Kidney), हृदय, यकृत और आँखें जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यदि ये अंग विफल हो जाते हैं, तो व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ जाता है। मृत्यु के बाद (नेत्रदान) या जीवित रहते हुए (जैसे एक किडनी), इन अंगों का दान करके जरूरतमंद रोगियों की जान बचाई जा सकती है। उनकी इस जीवनदायी उपयोगिता के कारण, इन अंगों को बहुमूल्य माना जाता है।
(ii) जल-विद्युत ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा इन्हें नूतनीकरणक्षम ऊर्जा कह सकते हैं।
कारण: ये ऊर्जा स्रोत (पानी, सूर्य, हवा) प्रकृति में असीमित मात्रा में उपलब्ध हैं और कभी समाप्त नहीं होते। इनका उपयोग करने के बाद ये प्राकृतिक रूप से पुनः प्राप्त हो जाते हैं। इसके अलावा, ये प्रदूषण रहित और पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। इसलिए, इन्हें नूतनीकरणक्षम (अक्षय) ऊर्जा कहा जाता है।
(iii) रेशेदार पदार्थ एक महत्व का पोषकतत्त्व है।
कारण: यद्यपि मानव शरीर रेशेदार पदार्थों (फाइबर) को पचा नहीं सकता, फिर भी ये पाचन क्रिया में बहुत मदद करते हैं। ये भोजन को पाचन तंत्र में आगे बढ़ाने और अपचित भोजन (मल) को शरीर से बाहर निकालने में सहायता करते हैं। इससे कब्ज जैसी समस्याएँ नहीं होतीं। इसलिए, इन्हें एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व माना जाता है।
(ब) निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लिखिये :
(i) आकृति का निरीक्षण करके निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिये :
(अ) प्राणियों के नाम:
आकृति 'A' : डकबिल प्लॅटिपस (Duck-billed Platypus)
आकृति 'B' : लंगफिश (Lungfish)
(ब) उत्क्रांति का प्रमाण:
ये प्राणी 'जोड़ने वाली कड़ी' (Connecting Links) के उदाहरण हैं।
आकृति 'A' : डकबिल प्लॅटिपस (Duck-billed Platypus)
आकृति 'B' : लंगफिश (Lungfish)
(ब) उत्क्रांति का प्रमाण:
ये प्राणी 'जोड़ने वाली कड़ी' (Connecting Links) के उदाहरण हैं।
(ii) तालिका पूर्ण कीजिये: बहुकोशिकीय सजीवों में अलैंगिक प्रजनन के प्रकार।
1. खंडीभवन (Fragmentation)
2. पुनर्जनन (Regeneration)
3. मुकुलन (Budding)
4. शाकीय प्रजनन (Vegetative Propagation)
5. बीजाणु निर्मिती (Spore Formation)
2. पुनर्जनन (Regeneration)
3. मुकुलन (Budding)
4. शाकीय प्रजनन (Vegetative Propagation)
5. बीजाणु निर्मिती (Spore Formation)
(iii) निम्नलिखित तालिका पूर्ण कीजिये :
| अ.क्र. | सहभागी सूक्ष्मजीव | पेय पदार्थ का नाम |
|---|---|---|
| 1. | लॅक्टोबॅसीलस ब्रुईस | कॉफी |
| 2. | कॅन्डीडा, हॅन्सेन्युला, पिचिया, सॅकरोमायसिस | कोको (Cocoa) |
| 3. | सॅकरोमायसिस सेरेव्हिसी | वाईन |
| 4. | सॅकरोमायसिस सेरेव्हिसी | सिडर (Cider) |
(iv) प्रत्येक प्रश्न के दो उदाहरण दीजिये :
(अ) मोबाईल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाली शारीरिक तकलीफें:
1. सिरदर्द / अनिद्रा
2. आँखों की समस्या / जोड़ों का दर्द
(आ) सायबर अपराध कक्ष में आने वाली घटनाएँ:
1. हैकिंग (बैंक खाते से पैसे चुराना)
2. पहचान की चोरी (Identity Theft) / डेटा चोरी
1. सिरदर्द / अनिद्रा
2. आँखों की समस्या / जोड़ों का दर्द
(आ) सायबर अपराध कक्ष में आने वाली घटनाएँ:
1. हैकिंग (बैंक खाते से पैसे चुराना)
2. पहचान की चोरी (Identity Theft) / डेटा चोरी
(υ) आपदा प्रबंधन के दो उद्देश्य लिखिये।
1. आपदाओं से होने वाली जीवित हानि को रोकना और लोगों को बचाना।
2. आपदा ग्रस्त लोगों को आवश्यक वस्तुएँ (भोजन, पानी, दवा) उपलब्ध कराना और उनका पुनर्वास करना।
2. आपदा ग्रस्त लोगों को आवश्यक वस्तुएँ (भोजन, पानी, दवा) उपलब्ध कराना और उनका पुनर्वास करना।
प्रश्न ३ (Question 3)
निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर लिखिये :
(i) अंतर स्पष्ट कीजिये : लैंगिक प्रजनन तथा अलैंगिक प्रजनन।
| लैंगिक प्रजनन | अलैंगिक प्रजनन |
|---|---|
| इसमें दो जनक (नर और मादा) भाग लेते हैं। | इसमें केवल एक जनक भाग लेता है। |
| युग्मक (Gametes) का निर्माण होता है। | युग्मक का निर्माण नहीं होता। |
| संतान में आनुवंशिक विविधता होती है। | संतान जनक के समान (क्लोन) होती है। |
| यह एक धीमी प्रक्रिया है। | यह एक तीव्र प्रक्रिया है। |
(ii) निम्नलिखित तालिका पूर्ण कीजिये (श्वसन/ग्लाइकोलिसिस) :
(अ) स्निग्ध अम्ल (Fatty acids)
(ब) अमीनो अम्ल (Amino acids)
(क) पायरुविक अम्ल (Pyruvic acid)
(ड) एसिटाइल को-एंजाइम-ए (Acetyl Co-A)
(इ) क्रेब चक्र (Krebs Cycle)
(ई) $CO_2 + H_2O + \text{ऊर्जा}$
(ब) अमीनो अम्ल (Amino acids)
(क) पायरुविक अम्ल (Pyruvic acid)
(ड) एसिटाइल को-एंजाइम-ए (Acetyl Co-A)
(इ) क्रेब चक्र (Krebs Cycle)
(ई) $CO_2 + H_2O + \text{ऊर्जा}$
(iii) निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिये (अवशेषांग) :
(अ) अवशेषांग क्या हैं? सजीवों में नष्ट होने वाले या अपूर्ण विकसित निरुपयोगी अंगों को अवशेषांग कहते हैं।
(ब) मानवीय शरीर में पाए जाने वाले किन्हीं दो अवशेषांगों के नाम लिखिये। अपेंडिक्स (Appendix), पूँछ की हड्डी (Coccyx), अक्कल दाढ़ (Wisdom teeth), कान की मांसपेशियाँ।
(क) उन दो अवशेषांगों के नाम लिखिये जो मानव के लिए निरुपयोगी परंतु अन्य प्राणियों के लिए उपयुक्त हैं। अपेंडिक्स (जुगाली करने वाले जानवरों में उपयोगी), कान की मांसपेशियाँ (बंदरों में उपयोगी)।
(ब) मानवीय शरीर में पाए जाने वाले किन्हीं दो अवशेषांगों के नाम लिखिये। अपेंडिक्स (Appendix), पूँछ की हड्डी (Coccyx), अक्कल दाढ़ (Wisdom teeth), कान की मांसपेशियाँ।
(क) उन दो अवशेषांगों के नाम लिखिये जो मानव के लिए निरुपयोगी परंतु अन्य प्राणियों के लिए उपयुक्त हैं। अपेंडिक्स (जुगाली करने वाले जानवरों में उपयोगी), कान की मांसपेशियाँ (बंदरों में उपयोगी)।
(iv) निम्नलिखित प्रवाह आकृति पूर्ण कीजिये (ऊष्मीय विद्युत) :
(अ) ऊष्मीय ऊर्जा पर आधारित विद्युत ऊर्जा निर्मिती:
ईंधन कोयला → [पानी से भाप बनाने के लिए बॉयलर] → [भाप पर चलने वाला टर्बाइन] → जनित्र → विद्युत ऊर्जा
(ब) ऊष्मीय विद्युत निर्मिती केंद्र में ऊर्जा रूपांतरण:
कोयले की रासायनिक ऊर्जा → [ऊष्मीय ऊर्जा] → [भाप की गतिज ऊर्जा] → [टर्बाइन की गतिज ऊर्जा] → विद्युत ऊर्जा
ईंधन कोयला → [पानी से भाप बनाने के लिए बॉयलर] → [भाप पर चलने वाला टर्बाइन] → जनित्र → विद्युत ऊर्जा
(ब) ऊष्मीय विद्युत निर्मिती केंद्र में ऊर्जा रूपांतरण:
कोयले की रासायनिक ऊर्जा → [ऊष्मीय ऊर्जा] → [भाप की गतिज ऊर्जा] → [टर्बाइन की गतिज ऊर्जा] → विद्युत ऊर्जा
(υ) कोष्ठक में दिए गए पर्यायों में से उचित पर्याय चुनकर निम्न परिच्छेद पूर्ण कीजिये :
दुनियाभर में बड़ी मात्रा में उपलब्ध गाय के दूध का इस्तेमाल कर पनीर बनाया जाता है। सबसे पहले दूध का रासायनिक और सूक्ष्मजैविक (microbiological) परीक्षण होता है। दूध में लॅक्टोबॅसिलस लॅक्टिस, लॅक्टोबॅसिलस क्रिमॉरिस (Lactobacillus cremoris) और स्ट्रेप्टोकॉकस थर्मोफिलीस ये सूक्ष्मजीव तथा रंग मिलाए जाते हैं जिससे दूध में खट्टापन आता है। उसके बाद दही में स्थित पानी निकालने के लिए उसे और गाढ़ा होना आवश्यक होता है। इसके लिए जानवरों के अन्ननलिका से प्राप्त रेनेट (rennet) प्रकिण्व पहले ही से उपयोग में लाया जाता था; पर आजकल कवकों से प्राप्त प्रोटीएज (Protease) नामक प्रकिण्व का उपयोग कर शाकाहारी पनीर बनता है।
(vi) संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये : औषधीय वनस्पती का महत्त्व।
भारत में आयुर्वेद की एक महान परंपरा है, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके रोगों का इलाज किया जाता है। इसमें औषधीय वनस्पतियों का बहुत महत्व है। उदाहरण के लिए, सर्दी-खाँसी के लिए अडुलसा, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तुलसी, और शक्ति के लिए अश्वगंधा का उपयोग किया जाता है। इन वनस्पतियों का संरक्षण आवश्यक है क्योंकि इनके उपचार के कोई दुष्प्रभाव (Side-effects) नहीं होते।
(vii) अन्य लोगों से सुसंवाद करने का महत्व बताइये।
दूसरों के साथ अच्छा संवाद रखने से हम अपनी भावनाओं, विचारों और समस्याओं को व्यक्त कर सकते हैं। इससे मानसिक तनाव कम होता है। माता-पिता, मित्रों और शिक्षकों के साथ खुलकर बात करने से कठिन परिस्थितियों में मदद मिलती है और अवसाद (Depression) जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। अच्छे सामाजिक स्वास्थ्य के लिए संवाद अत्यंत आवश्यक है।
(viii) निम्न आपदाओं के प्रकार पहचानिये और परिणाम स्पष्ट कीजिये :
| घटना | आपदा का प्रकार | परिणाम |
|---|---|---|
| (अ) आतंकवाद | मानव निर्मित (जानबूझकर) | जनहानि, संपत्ति का नुकसान, भय का वातावरण। |
| (ब) दावानल (वन की आग) | प्राकृतिक या मानव निर्मित | जैव विविधता का नाश, वायु प्रदूषण। |
| (क) चोरी | मानव निर्मित (जानबूझकर) | आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव। |
प्रश्न ४ (Question 4)
निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न को हल कीजिये :
(i) 'पर्यावरण संवर्धन में मेरी भूमिका' को दर्शाने वाली तालिका पूर्ण कीजिये :
पर्यावरण संवर्धन में मेरी भूमिका:
- संभालना (Conservation): उपलब्ध संसाधनों को संभालकर रखना।
- नियंत्रण (Control): नुकसान रोकना; हानिकारक गतिविधियों को रोकना।
- निर्मिती (Production): पर्यावरण के नुकसान हुए घटकों का पुनरुज्जीवन करना; नवनिर्मिती का प्रयास करना।
- प्रसार (Awareness): शिक्षा, मार्गदर्शन, जागरूकता, अनुकरण, संगठन, और भागीदारी के माध्यम से जागरूकता फैलाना।
- प्रतिबंध (Prevention): संभावित खतरों को रोकना; नई योजनाओं का निर्माण करना।
- जतन (Preservation): जो बचा है उसे सुरक्षित रखना; जैव विविधता का जतन करना।
(ii) नीचे दी गई आकृतियों के आधार पर प्रश्नों के उत्तर लिखिये (आकृति 'अ' - मछली, आकृति 'ब' - कबूतर) :
(अ) उपर्युक्त आकृति में दर्शाये गये प्राणियों के वर्ग लिखिये।
आकृति 'अ' (मछली) का वर्ग: मत्स्य (Pisces)।
आकृति 'ब' (कबूतर) का वर्ग: पक्षी (Aves)।
(ब) इन प्राणियों में अनुकूलन की दृष्टि से कौनसी समानतायें दिखाई देती हैं ?
दोनों प्राणियों का शरीर नौकाकार (Spindle-shaped / Streamlined) होता है। यह आकार उन्हें पानी में तैरते समय या हवा में उड़ते समय घर्षण (विरोध) को कम करने में मदद करता है।
(क) इन प्राणियों में समानतायें होने पर भी उनका वर्गीकरण भिन्न वर्ग में क्यों किया है ?
यद्यपि उनका आकार समान है, फिर भी उनमें महत्वपूर्ण अंतर हैं:
आकृति 'अ' (मछली) का वर्ग: मत्स्य (Pisces)।
आकृति 'ब' (कबूतर) का वर्ग: पक्षी (Aves)।
(ब) इन प्राणियों में अनुकूलन की दृष्टि से कौनसी समानतायें दिखाई देती हैं ?
दोनों प्राणियों का शरीर नौकाकार (Spindle-shaped / Streamlined) होता है। यह आकार उन्हें पानी में तैरते समय या हवा में उड़ते समय घर्षण (विरोध) को कम करने में मदद करता है।
(क) इन प्राणियों में समानतायें होने पर भी उनका वर्गीकरण भिन्न वर्ग में क्यों किया है ?
यद्यपि उनका आकार समान है, फिर भी उनमें महत्वपूर्ण अंतर हैं:
- श्वसन: मछलियाँ गलफड़ों (Gills) से साँस लेती हैं, जबकि पक्षी फेफड़ों (Lungs) से।
- आवास: मछलियाँ जलचर हैं, पक्षी खेचर/भूचर हैं।
- त्वचा: मछलियों पर शल्क (Scales) होते हैं, पक्षियों पर पंख (Feathers) होते हैं।
- रक्त: मछलियाँ असमतापी (Cold-blooded) होती हैं, जबकि पक्षी समतापी (Warm-blooded) होते हैं।
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