प्रश्न १. (अ) दिए गए पर्यायों में से उचित पर्याय चुनकर लिखिए : (५ अंक)
(i) भूक्षारीय धातुओं की संयोजकता २ है। अतः आधुनिक आवर्त सारणी में उनका स्थान _______ में है।
(अ) समूह २
(ब) समूह १६
(क) आवर्त २
(ड) डी-खंड
(अ) समूह २
(ब) समूह १६
(क) आवर्त २
(ड) डी-खंड
उत्तर: (अ) समूह २
(ii) किसी परमाणु या आयन पर जब धनावेश बढ़ता है या ऋणावेश कम होता है, तो उसे _______ कहते हैं।
(अ) अपचयन
(ब) ऑक्सीकरण
(क) विस्थापन
(ड) अपघटन (विच्छेदन)
(अ) अपचयन
(ब) ऑक्सीकरण
(क) विस्थापन
(ड) अपघटन (विच्छेदन)
उत्तर: (ब) ऑक्सीकरण
(iii) _______ उपकरण का उपयोग विद्युत धारा निर्मिति के लिए किया जाता है।
(अ) विद्युत चलित्र
(ब) गैल्वनोमीटर
(क) विद्युत जनित्र
(ड) वोल्टमीटर
(अ) विद्युत चलित्र
(ब) गैल्वनोमीटर
(क) विद्युत जनित्र
(ड) वोल्टमीटर
उत्तर: (क) विद्युत जनित्र
(iv) प्रकाश के एक पारदर्शक माध्यम में से दूसरे पारदर्शक माध्यम में जाते समय दिशा बदलने की घटना को _______ कहते हैं।
(अ) परावर्तन
(ब) विक्षेपण
(क) अपवर्तन
(ड) अवशोषण
(अ) परावर्तन
(ब) विक्षेपण
(क) अपवर्तन
(ड) अवशोषण
उत्तर: (क) अपवर्तन
(v) उच्च कक्षा की भूपृष्ठ से ऊँचाई _______
(अ) = २०,००० km
(ब) = २७,००० km
(क) < ३०,७८० km
(ड) > ३५,७८० km
(अ) = २०,००० km
(ब) = २७,००० km
(क) < ३०,७८० km
(ड) > ३५,७८० km
उत्तर: (ड) > ३५,७८० km
प्रश्न १. (ब) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (५ अंक)
(i) असंगत शब्द छाँटकर लिखिए : संगलक तार, अवरोधक पदार्थ, रबर के मोजे, जनित्र।
उत्तर: जनित्र।
कारण: जनित्र विद्युत धारा उत्पन्न करने वाला उपकरण है, जबकि अन्य सभी (संगलक तार, अवरोधक पदार्थ, रबर के मोजे) विद्युत सुरक्षा से संबंधित घटक हैं।
कारण: जनित्र विद्युत धारा उत्पन्न करने वाला उपकरण है, जबकि अन्य सभी (संगलक तार, अवरोधक पदार्थ, रबर के मोजे) विद्युत सुरक्षा से संबंधित घटक हैं।
(ii) सहसंबंध पहचानिए :
लाल तरंग की तरंगदैर्ध्य लगभग ७०० nm : बैंगनी तरंग की तरंगदैर्ध्य : _______
लाल तरंग की तरंगदैर्ध्य लगभग ७०० nm : बैंगनी तरंग की तरंगदैर्ध्य : _______
उत्तर: लगभग ४०० nm (400 nm)
(iii) उचित जोड़ी बनाइए :
स्तंभ 'अ': दूरदृष्टि दोष
स्तंभ 'ब': (अ) दूर की वस्तु स्पष्ट दिखाई देती है (ब) निकट की वस्तु स्पष्ट दिखाई देती है (क) दूर की वस्तु स्पष्ट दिखाई नहीं देती है
स्तंभ 'अ': दूरदृष्टि दोष
स्तंभ 'ब': (अ) दूर की वस्तु स्पष्ट दिखाई देती है (ब) निकट की वस्तु स्पष्ट दिखाई देती है (क) दूर की वस्तु स्पष्ट दिखाई नहीं देती है
उत्तर: दूरदृष्टि दोष — (अ) दूर की वस्तु स्पष्ट दिखाई देती है।
(iv) इलेक्ट्रॉनिक संरूपण लिखिए : एल्युमिनियम।
उत्तर: एल्युमिनियम (Al) का परमाणु क्रमांक १३ है।
इलेक्ट्रॉनिक संरूपण: २, ८, ३ (2, 8, 3)
इलेक्ट्रॉनिक संरूपण: २, ८, ३ (2, 8, 3)
(v) निम्नलिखित कथन सत्य है या असत्य, लिखिए : चंद्रमा पर मुक्ति वेग पृथ्वी पर मुक्ति वेग से कम होता है।
उत्तर: सत्य।
प्रश्न २. (अ) वैज्ञानिक कारण लिखिए (कोई दो) : (४ अंक)
(i) सोडियम को हमेशा मिट्टी के तेल (केरोसिन) में डुबाकर रखते हैं।
उत्तर:
- सोडियम एक अत्यंत क्रियाशील धातु है।
- सामान्य तापमान पर वह हवा में उपस्थित ऑक्सीजन और नमी के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करता है।
- यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी होती है और इससे सोडियम आग पकड़ लेता है।
- सोडियम मिट्टी के तेल (केरोसिन) के साथ अभिक्रिया नहीं करता और उसमें डूब जाता है; इसलिए दुर्घटना से बचने के लिए सोडियम को हमेशा मिट्टी के तेल में डुबाकर रखते हैं।
(ii) आँख से 25 cm से कम दूरी पर रखी वस्तु को सामान्य आँख सुस्पष्ट रूप से देख नहीं सकती।
उत्तर:
- आँख की पुतली के स्नायु (Ciliary muscles) लेंस की वक्रता को समायोजित करके फोकस दूरी को कम या ज्यादा करते हैं (समंजन क्षमता)।
- परंतु, लेंस की वक्रता बढ़ाने की एक सीमा होती है।
- सामान्य मानव आँख के लिए सुस्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी लगभग २५ सेमी (25 cm) होती है। इससे कम दूरी पर रखी वस्तु पर आँख ठीक से फोकस नहीं कर पाती।
- अतः, 25 cm से कम दूरी पर रखी वस्तु धुंधली दिखाई देती है और उसे स्पष्ट रूप से नहीं देखा जा सकता।
(iii) विद्युत बल्ब में कुंडली बनाने के लिए टंगस्टन धातु का उपयोग किया जाता है।
उत्तर:
- विद्युत बल्ब के फिलामेंट (तंतु) को प्रकाश उत्सर्जित करने के लिए अत्यधिक गर्म होना पड़ता है।
- टंगस्टन धातु का गलनांक (Melting point) बहुत उच्च ($3422^{\circ}C$) होता है।
- यह उच्च तापमान पर भी पिघलता नहीं है।
- इसलिए, विद्युत बल्ब में प्रकाश उत्पन्न करने वाली कुंडली बनाने के लिए टंगस्टन का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न २. (ब) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए (कोई तीन) : (६ अंक)
(i) यदि किसी ग्रह पर एक पिंड को ५ m (5 m) ऊपर से नीचे आने में ५ सेकंड (5 s) लगते हैं, तो उस ग्रह पर गुरुत्वीय त्वरण ($g$) कितना होगा?
दिया गया है:
समय ($t$) = ५ s
विस्थापन ($s$) = ५ m
प्रारंभिक वेग ($u$) = ० m/s
ज्ञात करना है: गुरुत्वीय त्वरण ($g$)
सूत्र: $s = ut + \frac{1}{2}gt^2$
गणना:
$$५ = (० \times ५) + \frac{1}{2} \times g \times (५)^2$$
$$५ = ० + \frac{1}{2} \times g \times २५$$
$$५ = १२.५ \times g$$
$$g = \frac{५}{१२.५}$$
$$g = ०.४ \, m/s^2$$
उत्तर: उस ग्रह पर गुरुत्वीय त्वरण ०.४ m/s² होगा।
समय ($t$) = ५ s
विस्थापन ($s$) = ५ m
प्रारंभिक वेग ($u$) = ० m/s
ज्ञात करना है: गुरुत्वीय त्वरण ($g$)
सूत्र: $s = ut + \frac{1}{2}gt^2$
गणना:
$$५ = (० \times ५) + \frac{1}{2} \times g \times (५)^2$$
$$५ = ० + \frac{1}{2} \times g \times २५$$
$$५ = १२.५ \times g$$
$$g = \frac{५}{१२.५}$$
$$g = ०.४ \, m/s^2$$
उत्तर: उस ग्रह पर गुरुत्वीय त्वरण ०.४ m/s² होगा।
(ii) किसी तत्त्व का इलेक्ट्रॉनिक संरूपण २, ८, २ है। इस आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(अ) इस तत्त्व का परमाणु क्रमांक क्या है?
(ब) यह तत्त्व कौनसे आवर्त में है?
(अ) इस तत्त्व का परमाणु क्रमांक क्या है?
(ब) यह तत्त्व कौनसे आवर्त में है?
उत्तर:
(अ) परमाणु क्रमांक = इलेक्ट्रॉनों का योग = २ + ८ + २ = १२. अतः परमाणु क्रमांक १२ है।
(ब) इसमें ३ कक्षाएँ (K, L, M) हैं, इसलिए यह तत्त्व तीसरे आवर्त में है।
(अ) परमाणु क्रमांक = इलेक्ट्रॉनों का योग = २ + ८ + २ = १२. अतः परमाणु क्रमांक १२ है।
(ब) इसमें ३ कक्षाएँ (K, L, M) हैं, इसलिए यह तत्त्व तीसरे आवर्त में है।
(iii) निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रिया पूर्ण कीजिए तथा उत्पादों के नाम लिखिए :
$CuSO_{4(aq)} + Fe_{(s)} \longrightarrow ......... + .......$
$CuSO_{4(aq)} + Fe_{(s)} \longrightarrow ......... + .......$
उत्तर:
अभिक्रिया: $CuSO_{4(aq)} + Fe_{(s)} \longrightarrow FeSO_{4(aq)} + Cu_{(s)}$
उत्पादों के नाम: फेरस सल्फेट (आयरन सल्फेट) और तांबा (Copper)।
अभिक्रिया: $CuSO_{4(aq)} + Fe_{(s)} \longrightarrow FeSO_{4(aq)} + Cu_{(s)}$
उत्पादों के नाम: फेरस सल्फेट (आयरन सल्फेट) और तांबा (Copper)।
(iv) विशिष्ट ऊष्माधारिता की परिभाषा लिखकर उसकी SI प्रणाली और CGS प्रणाली में इकाइयाँ लिखिए।
परिभाषा: इकाई द्रव्यमान वाले पदार्थ का तापमान $1^{\circ}C$ से बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को उस पदार्थ की 'विशिष्ट ऊष्माधारिता' कहते हैं।
SI इकाई: जूल प्रति किलोग्राम डिग्री सेल्सियस ($J/kg^{\circ}C$)
CGS इकाई: कैलोरी प्रति ग्राम डिग्री सेल्सियस ($cal/g^{\circ}C$)
SI इकाई: जूल प्रति किलोग्राम डिग्री सेल्सियस ($J/kg^{\circ}C$)
CGS इकाई: कैलोरी प्रति ग्राम डिग्री सेल्सियस ($cal/g^{\circ}C$)
(v) मीथेन ($CH_4$) और इथेन ($C_2H_6$) का इलेक्ट्रॉन-डॉट संरचना सूत्र लिखिए।
उत्तर:
१. मीथेन ($CH_4$): केंद्र में एक कार्बन परमाणु चार हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करता है।
२. इथेन ($C_2H_6$): दो कार्बन परमाणु आपस में एक इलेक्ट्रॉन जोड़ी साझा करते हैं और प्रत्येक कार्बन तीन हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ इलेक्ट्रॉन साझा करता है।
(नोट: परीक्षा में आपको वृत्त और बिंदुओं/क्रॉस का उपयोग करके संरचना बनानी चाहिए।)
१. मीथेन ($CH_4$): केंद्र में एक कार्बन परमाणु चार हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करता है।
२. इथेन ($C_2H_6$): दो कार्बन परमाणु आपस में एक इलेक्ट्रॉन जोड़ी साझा करते हैं और प्रत्येक कार्बन तीन हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ इलेक्ट्रॉन साझा करता है।
(नोट: परीक्षा में आपको वृत्त और बिंदुओं/क्रॉस का उपयोग करके संरचना बनानी चाहिए।)
प्रश्न ३. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए (कोई पाँच) : (१५ अंक)
(i) 'मुक्ति वेग' की संकल्पना स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
- जब किसी पिंड को पृथ्वी के पृष्ठभाग से लंबवत ऊपर की ओर फेंका जाता है, तो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के कारण उसका वेग कम होता जाता है।
- यदि हम प्रारंभिक वेग बढ़ाते हैं, तो पिंड अधिक ऊँचाई तक जाएगा।
- प्रारंभिक वेग का वह विशिष्ट मान, जिससे ऊपर फेंका गया पिंड पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण को पार कर सके और वापस पृथ्वी पर न गिरे, उसे मुक्ति वेग ($v_{esc}$) कहते हैं।
- पृथ्वी के लिए मुक्ति वेग लगभग ११.२ km/s है।
- सूत्र: $v_{esc} = \sqrt{\frac{2GM}{R}}$
(ii) आधुनिक आवर्त सारणी संबंधी निम्नलिखित जानकारी लिखिए :
(अ) आधुनिक आवर्त नियम लिखिए।
(ब) आवर्तों और समूहों की संख्या लिखिए।
(क) हैलोजन समूह के तत्त्वों की संयोजकता लिखिए।
(अ) आधुनिक आवर्त नियम लिखिए।
(ब) आवर्तों और समूहों की संख्या लिखिए।
(क) हैलोजन समूह के तत्त्वों की संयोजकता लिखिए।
उत्तर:
(अ) आधुनिक आवर्त नियम: "तत्त्वों के गुणधर्म उनके परमाणु क्रमांकों के आवर्ती फलन होते हैं।"
(ब) आधुनिक आवर्त सारणी में ७ आवर्त और १८ समूह हैं।
(क) हैलोजन समूह (समूह १७) के तत्त्वों की संयोजकता १ होती है।
(अ) आधुनिक आवर्त नियम: "तत्त्वों के गुणधर्म उनके परमाणु क्रमांकों के आवर्ती फलन होते हैं।"
(ब) आधुनिक आवर्त सारणी में ७ आवर्त और १८ समूह हैं।
(क) हैलोजन समूह (समूह १७) के तत्त्वों की संयोजकता १ होती है।
(iii) नीचे दी गई रासायनिक अभिक्रियाएँ ऊष्माग्राही हैं या ऊष्मादायी (ऊष्मा उन्मोची) यह पहचानकर लिखिए :
(अ) $HCl + NaOH \to NaCl + H_2O + \text{ऊष्मा}$
(ब) $2KClO_{3(s)} \to 2KCl_{(s)} + 3O_2 \uparrow$
(क) $CaO + H_2O \to Ca(OH)_2 + \text{ऊष्मा}$
(अ) $HCl + NaOH \to NaCl + H_2O + \text{ऊष्मा}$
(ब) $2KClO_{3(s)} \to 2KCl_{(s)} + 3O_2 \uparrow$
(क) $CaO + H_2O \to Ca(OH)_2 + \text{ऊष्मा}$
उत्तर:
(अ) ऊष्मादायी (Exothermic) - ऊष्मा बाहर निकलती है।
(ब) ऊष्माग्राही (Endothermic) - अपघटन के लिए ऊष्मा की आवश्यकता होती है।
(क) ऊष्मादायी (Exothermic) - बुझा हुआ चूना बनते समय ऊष्मा उत्पन्न होती है।
(अ) ऊष्मादायी (Exothermic) - ऊष्मा बाहर निकलती है।
(ब) ऊष्माग्राही (Endothermic) - अपघटन के लिए ऊष्मा की आवश्यकता होती है।
(क) ऊष्मादायी (Exothermic) - बुझा हुआ चूना बनते समय ऊष्मा उत्पन्न होती है।
(iv) दी गई आकृतियाँ अ, ब, क पहचानिए और उनके उपयोग लिखिए।
(चित्र में गैल्वनोमीटर दर्शाया गया है)
पहचान: यह उपकरण गैल्वनोमीटर (Galvanometer) है।
उपयोग: इसका उपयोग विद्युत परिपथ में अल्प विद्युत धारा की उपस्थिति का पता लगाने और उसकी दिशा ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
पहचान: यह उपकरण गैल्वनोमीटर (Galvanometer) है।
उपयोग: इसका उपयोग विद्युत परिपथ में अल्प विद्युत धारा की उपस्थिति का पता लगाने और उसकी दिशा ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
(v) ५ kg द्रव्यमान वाले पानी का तापमान $20^{\circ}C$ से $100^{\circ}C$ तक बढ़ाने के लिए कितनी ऊष्मा लगेगी? (पानी की विशिष्ट ऊष्माधारिता $= 1~kcal/kg^{\circ}C$)
दिया गया है:
द्रव्यमान ($m$) = ५ kg
तापमान में परिवर्तन ($\Delta T$) = $100^{\circ}C - 20^{\circ}C = 80^{\circ}C$
विशिष्ट ऊष्मा ($c$) = $1~kcal/kg^{\circ}C$
सूत्र: ऊष्मा ($Q$) = $m \times c \times \Delta T$
गणना:
$$Q = ५ \times १ \times ८०$$
$$Q = ४०० \text{ kcal}$$
उत्तर: ४०० kcal ऊष्मा लगेगी।
द्रव्यमान ($m$) = ५ kg
तापमान में परिवर्तन ($\Delta T$) = $100^{\circ}C - 20^{\circ}C = 80^{\circ}C$
विशिष्ट ऊष्मा ($c$) = $1~kcal/kg^{\circ}C$
सूत्र: ऊष्मा ($Q$) = $m \times c \times \Delta T$
गणना:
$$Q = ५ \times १ \times ८०$$
$$Q = ४०० \text{ kcal}$$
उत्तर: ४०० kcal ऊष्मा लगेगी।
(vi) लेंस के लिए कार्तीय (कार्टेशिअन) चिह्न संकेत लिखिए।
उत्तर:
- लेंस के प्रकाशिक केंद्र (O) को मूल बिंदु माना जाता है। मुख्य अक्ष को X-अक्ष माना जाता है।
- सभी दूरियाँ प्रकाशिक केंद्र से नापी जाती हैं।
- आपतित प्रकाश की दिशा में नापी गई दूरियाँ धनात्मक मानी जाती हैं।
- आपतित प्रकाश की विपरीत दिशा में नापी गई दूरियाँ ऋणात्मक मानी जाती हैं।
- मुख्य अक्ष के लंबवत और ऊपर की ओर नापी गई दूरियाँ (वस्तु की ऊँचाई) धनात्मक होती हैं।
- मुख्य अक्ष के लंबवत और नीचे की ओर नापी गई दूरियाँ (प्रतिबिंब की ऊँचाई) ऋणात्मक होती हैं।
- उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक और अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है।
(vii) निम्नलिखित तालिका पूर्ण कीजिए (उपग्रह प्रकार व कार्य):
IRNSS, मौसम संबंधी उपग्रह, पृथ्वी निरीक्षण।
IRNSS, मौसम संबंधी उपग्रह, पृथ्वी निरीक्षण।
उत्तर:
- IRNSS: दिशादर्शक उपग्रह (Navigation) - स्थान निश्चिती (Fixation of location)।
- मौसम संबंधी उपग्रह: मौसम का अध्ययन और भविष्यवाणी (उदा. INSAT/GSAT)।
- पृथ्वी निरीक्षण: पृथ्वी के संसाधनों का प्रबंधन और निरीक्षण (उदा. IRS)।
(viii) निम्नलिखित घटनाओं के लिए रासायनिक समीकरण लिखिए :
(अ) थर्मिट अभिक्रिया
(ब) मैग्नीशियम के फीते का हवा में ज्वलन
(क) लोहे की कील/बुरादे को कॉपर सल्फेट के जलीय विलयन में डाला जाए।
(अ) थर्मिट अभिक्रिया
(ब) मैग्नीशियम के फीते का हवा में ज्वलन
(क) लोहे की कील/बुरादे को कॉपर सल्फेट के जलीय विलयन में डाला जाए।
उत्तर:
(अ) थर्मिट अभिक्रिया:
$$Fe_2O_{3(s)} + 2Al_{(s)} \longrightarrow 2Fe_{(l)} + Al_2O_{3(s)} + \text{ऊष्मा}$$
(ब) मैग्नीशियम का ज्वलन:
$$2Mg_{(s)} + O_{2(g)} \longrightarrow 2MgO_{(s)}$$
(क) लोहा और कॉपर सल्फेट:
$$Fe_{(s)} + CuSO_{4(aq)} \longrightarrow FeSO_{4(aq)} + Cu_{(s)}$$
(अ) थर्मिट अभिक्रिया:
$$Fe_2O_{3(s)} + 2Al_{(s)} \longrightarrow 2Fe_{(l)} + Al_2O_{3(s)} + \text{ऊष्मा}$$
(ब) मैग्नीशियम का ज्वलन:
$$2Mg_{(s)} + O_{2(g)} \longrightarrow 2MgO_{(s)}$$
(क) लोहा और कॉपर सल्फेट:
$$Fe_{(s)} + CuSO_{4(aq)} \longrightarrow FeSO_{4(aq)} + Cu_{(s)}$$
प्रश्न ४. निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लिखिए : (५ अंक)
(i) इंद्रधनुष यह प्रकाश के विक्षेपण, अपवर्तन और पूर्ण आंतरिक परावर्तन इन तीन प्राकृतिक घटनाओं का एकत्रीकरण है। इस कथन को आकृति के आधार पर सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
इंद्रधनुष आकाश में दिखने वाली एक सुंदर प्राकृतिक घटना है जो मुख्यत: बारिश के बाद दिखाई देती है। यह प्रकाश के अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन का संयुक्त परिणाम है।
स्पष्टीकरण:
(नोट: उत्तर में पानी की बूंद और प्रकाश किरण के मार्ग को दर्शाने वाली नामांकित आकृति बनाना आवश्यक है।)
इंद्रधनुष आकाश में दिखने वाली एक सुंदर प्राकृतिक घटना है जो मुख्यत: बारिश के बाद दिखाई देती है। यह प्रकाश के अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन का संयुक्त परिणाम है।
स्पष्टीकरण:
- जब सूर्य का प्रकाश हवा में लटकी हुई पानी की सूक्ष्म बूंदों में प्रवेश करता है, तो उसका अपवर्तन और विक्षेपण होता है। इससे प्रकाश अपने सात रंगों (बैंजानीहपीनाला) में विभाजित हो जाता है।
- इसके बाद, बूंद के अंदर प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है।
- अंत में, जब प्रकाश बूंद से बाहर निकलता है, तो उसका पुनः अपवर्तन होता है।
(नोट: उत्तर में पानी की बूंद और प्रकाश किरण के मार्ग को दर्शाने वाली नामांकित आकृति बनाना आवश्यक है।)
(ii) निम्नलिखित सारणी पूर्ण कीजिए (ऐल्केन की समजातीय श्रेणी)।
उत्तर:
| अ. क्र. | कार्बन परमाणुओं की सरल श्रृंखला | अणुसूत्र | नाम |
|---|---|---|---|
| १. | C | $CH_4$ | मीथेन |
| २. | C-C | $C_2H_6$ | ईथेन |
| ३. | C-C-C | $C_3H_8$ | प्रोपेन |
| ४. | C-C-C-C | $C_4H_{10}$ | ब्यूटेन |
| ५. | C-C-C-C-C | $C_5H_{12}$ | पेन्टेन |
| ६. | C-C-C-C-C-C | $C_6H_{14}$ | हेक्सेन |
| ७. | C-C-C-C-C-C-C | $C_7H_{16}$ | हेप्टेन |
| ८. | C-C-C-C-C-C-C-C | $C_8H_{18}$ | ऑक्टेन |
| ९. | C-C-C-C-C-C-C-C-C | $C_9H_{20}$ | नोनेन |
| १०. | C-C-C-C-C-C-C-C-C-C | $C_{10}H_{22}$ | डेकेन |
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