OMTEX AD 2

Social Sciences (History & Political Science) Paper Solution (Hindi Medium) | SSC Board Exam 2024

Question Paper Page No. 1 Question Paper Page No. 2 Question Paper Page No. 3 Question Paper Page No. 4 Question Paper Page No. 5 Question Paper Page No. 6 Question Paper Page No. 7 Question Paper Page No. 8 For all your study Materials Visit : omtexclasses.com

Social Sciences (73) Paper-I Solution (Hindi Medium)

Subject: History and Political Science | Set: N 668 | Year: 2024

इतिहास (History)

प्रश्न १. (अ) निम्नलिखित विकल्पों में से उचित पर्याय चुनकर कथन पूर्ण कीजिए :

(१) मथुरा शिल्पशैली का उदय ...................... के शासनकाल में हुआ।

  1. कुषाण
  2. गुप्त
  3. राष्ट्रकूट
  4. मौर्य

(२) महाबलेश्वर के निकट भिलार ............... गाँव के रूप में प्रसिद्ध है।

  1. पुस्तकों का
  2. वनस्पतियों का
  3. आमों का
  4. किलों का

(३) ‘‘मानव का इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास है’’ यह मत .................. इस विचारक ने प्रस्तुत किया।

  1. वोल्टेयर
  2. जॉर्ज विल्हेम फ्रेडरिक हेगेल
  3. लियोपोल्ड वॉन रांके
  4. कार्ल मार्क्स
प्रश्न १. (ब) निम्न में से असत्य जोड़ी पहचानकर उसे पुनः लिखिए :

सेट १:

असत्य जोड़ी: रम्मन - पश्चिम बंगाल का नृत्य

(सही उत्तर: रम्मन - गढ़वाल हिमालय का धार्मिक उत्सव और विधिनाट्य)

सेट २:

असत्य जोड़ी: दशावतार - त्यागराज

(सही उत्तर: दशावतार - कोंकण का लोकनाट्य)

सेट ३:

असत्य जोड़ी: जेम्स मिल - स्त्रीवादी इतिहासकार

(सही उत्तर: जेम्स मिल - साम्राज्यवादी इतिहासकार)

प्रश्न २. (अ) निम्न दी गई सूचना के अनुसार कृति कीजिए (कोई दो) :

(१) निम्न संकल्पना-चित्र को पूर्ण कीजिए : पर्यटन के प्रकार

ऐतिहासिक पर्यटन
भौगोलिक पर्यटन
कृषि पर्यटन
चिकित्सा पर्यटन

(अन्य मान्य उत्तर: क्रीडा पर्यटन, अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन)

(२) निम्न कालरेखाएँ पूर्ण कीजिए : भारत के प्राकृतिक विश्व विरासत स्थान

ई. स. / स्थान उत्तर
ई. स. (काझीरंगा के लिए) १९८५
स्थान (१९८७ के लिए) सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान
ई. स. (पश्चिम घाट के लिए) २०१२
स्थान (२०१४ के लिए) ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क

(३) निम्न सारणी को पूर्ण कीजिए : ललित व भारूड़

गुण विशेषताएँ / उदाहरण ललित भारूड़
गुण विशेषताएँ गोवा और कोंकण में उत्सव के अवसर पर प्रस्तुत लोकनाट्य। यह देवताओं से माँगने की प्रथा है। रूपकात्मक गीत जिनमें आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा होती है। यह लोक शिक्षण का माध्यम है।
उदाहरण गोवा या कोंकण का ललित। संत एकनाथ के भारूड़।
प्रश्न २. (ब) संक्षेप में टिप्पणियाँ लिखिए (कोई दो) :

(१) स्थलकोश:

इतिहास के अध्ययन के लिए भूगोल का ज्ञान आवश्यक है। ऐतिहासिक स्थानों की जानकारी देने वाले कोश को स्थलकोश कहते हैं।
  • महानुभाव पंथ के मुनि व्यास ने 'स्थानपोथी' की रचना की, जिसमें चक्रधर स्वामी द्वारा भ्रमण किए गए स्थानों का विवरण है।
  • सिद्धेश्वरशास्त्री चित्राव ने 'प्राचीन भारतीय स्थलकोश' की रचना की।
  • इससे विभिन्न स्थानों की भौगोलिक और ऐतिहासिक जानकारी मिलती है।

(२) प्राच्यवादी इतिहासलेखन:

अठारहवीं शताब्दी में यूरोप के कुछ विद्वानों में पूर्व की सभ्यताओं और देशों के प्रति जिज्ञासा और आदर का भाव था। इन विद्वानों को 'प्राच्यवादी' (Orientalists) कहा जाता है।
  • इन्होंने संस्कृत और यूरोपीय भाषाओं के बीच समानताओं का अध्ययन किया।
  • फ्रेडरिक मैक्स म्यूलर एक प्रमुख प्राच्यवादी विद्वान थे, जिन्होंने 'ऋग्वेद' का जर्मन भाषा में अनुवाद किया।
  • सर विलियम जोन्स ने कोलकाता में 'एशियाटिक सोसायटी' की स्थापना की।

(३) भारत के स्वतंत्रता संग्राम में समाचार पत्रों का योगदान:

स्वतंत्रता संग्राम में समाचार पत्रों ने केवल समाचार देने का नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक जनजागृति का कार्य किया।
  • 'केसरी' और 'मराठा' जैसे पत्रों ने सरकारी नीतियों की कड़ी आलोचना की।
  • इन पत्रों ने स्वतंत्रता और राष्ट्रवाद के विचारों को आम जनता तक पहुँचाया।
  • 'दर्पण' और 'प्रभाकर' जैसे पत्रों ने सामाजिक कुरीतियों (जैसे सती प्रथा, विधवा विवाह निषेध) पर प्रहार कर समाज सुधार का कार्य किया।
  • यह स्वतंत्रता सेनानियों और जनता के बीच संचार का प्रमुख माध्यम बने।
प्रश्न ३. निम्न कथन कारण सहित स्पष्ट कीजिए (कोई दो) :

(१) फुको उनकी लेखन पद्धति को ‘ज्ञान का पुरातत्व’ कहते थे।

माइकल फुको, एक फ्रांसीसी इतिहासकार, का मत था कि इतिहास को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करने की प्रचलित पद्धति सही नहीं है।
  • उनके अनुसार, पुरातत्व का उद्देश्य अंतिम ऐतिहासिक सत्य तक पहुँचना नहीं है, बल्कि भूतकाल में हुए परिवर्तनों (स्थित्यंतरों) को स्पष्ट करना है।
  • चूँकि उन्होंने इन ऐतिहासिक परिवर्तनों के स्पष्टीकरण पर जोर दिया, इसलिए उन्होंने अपनी पद्धति को 'ज्ञान का पुरातत्व' (Archaeology of Knowledge) कहा।

(२) चित्रकथी जैसी विलुप्त होती जा रही परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।

  • चित्रकथी कोंकण के ठाकर समुदाय की एक परंपरा है, जिसमें लकड़ी की कठपुतलियों और चित्रों के माध्यम से रामायण और महाभारत की कहानियाँ सुनाई जाती हैं।
  • यह परंपरा भारत के मौखिक इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।
  • आधुनिक मनोरंजन के साधनों के कारण यह कला लुप्त होने की कगार पर है। हमारी प्राचीन लोककला और संस्कृति को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने हेतु इसे पुनर्जीवित करना आवश्यक है।

(३) खिलौने इतिहास के बारे में बता सकते हैं।

  • खिलौने उस काल के इतिहास और तकनीकी विकास पर प्रकाश डालते हैं।
  • इनसे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का पता चलता है (जैसे महाराष्ट्र में दिवाली पर बनाए जाने वाले किले)।
  • ये देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को भी दर्शाते हैं (जैसे पॉम्पेई में मिली भारतीय हाथीदाँत की गुड़िया, जो भारत-रोम व्यापार का प्रमाण है)।

(४) विश्व विरासत के पद के लिए पात्र सिद्ध होने वाले स्थानों, परंपराओं की सूची यूनेस्को द्वारा घोषित की जाती है।

  • समय के साथ कई ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों के नष्ट होने का खतरा बना रहता है।
  • इन अनमोल धरोहरों को संरक्षित करने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 'यूनेस्को' (UNESCO) कार्य करता है।
  • यूनेस्को ने संरक्षण के लिए कुछ दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं।
  • इन दिशा-निर्देशों के आधार पर ही यूनेस्को विश्व विरासत के लिए पात्र स्थानों और परंपराओं की सूची घोषित करता है।
प्रश्न ४. निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़कर इसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

(१) ‘हॉकी का जादूगर’ किसे कहा जाता है?
उत्तर: मेजर ध्यानचंद को ‘हॉकी का जादूगर’ कहा जाता है।

(२) भारत में मेजर ध्यानचंद का जन्मदिवस किस रूप में मनाया जाता है?
उत्तर: भारत में उनका जन्मदिवस (29 अगस्त) ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

(३) ओलंपिक स्पर्धाओं में मेजर ध्यानचंद द्वारा दिए गए योगदान की जानकारी संक्षेप में लिखिए।
उत्तर: मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी टीम के महान खिलाड़ी और कप्तान थे। उनके योगदान से भारतीय हॉकी टीम ने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीते। 1936 के बर्लिन ओलंपिक में वे टीम के कप्तान थे।

प्रश्न ५. निम्न प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए (कोई दो) :

(१) स्त्रीवादी इतिहासलेखन किसे कहते हैं?

स्त्रीवादी इतिहासलेखन का अर्थ है स्त्रियों के दृष्टिकोण से इतिहास की पुनर्रचना करना।
  • इसमें इतिहास लेखन के पुरुष-प्रधान दृष्टिकोण को चुनौती दी गई।
  • इस विचारधारा को 'सीमा द बोउवार' (Simone de Beauvoir) नामक फ्रांसीसी विदुषी ने स्थापित किया।
  • इसमें महिलाओं के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे रोजगार, ट्रेड यूनियन, पारिवारिक जीवन और उनके लिए कार्य करने वाली संस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • भारत में ताराबाई शिंदे और पंडिता रमाबाई ने स्त्रीवादी लेखन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

(२) ग्रंथालय प्रबंधन क्यों महत्त्वपूर्ण है?

ग्रंथालय प्रबंधन निम्नलिखित कारणों से महत्वपूर्ण है:
  • संरक्षण: प्राचीन ग्रंथों, पांडुलिपियों और ऐतिहासिक स्रोतों को नष्ट होने से बचाना।
  • सुव्यवस्थित व्यवस्था: पुस्तकों का सही वर्गीकरण और सूचीकरण करना ताकि पाठकों को जानकारी आसानी से मिल सके।
  • ज्ञान प्रसार: समाज में ज्ञान और सूचना का प्रभावी प्रसार करना।
  • आधुनिकीकरण: पुरानी पुस्तकों का डिजिटलीकरण (Digitization) करना ताकि वे भविष्य के लिए सुरक्षित रहें।

(३) कला क्षेत्र में व्यवसाय के कौन-कौन से अवसर उपलब्ध हैं? इन्हें स्पष्ट कीजिए।

कला क्षेत्र में व्यवसाय के अनेक अवसर उपलब्ध हैं:
  • इतिहास और अनुसंधान: कला समीक्षक, पत्रकारिता, और अध्यापन।
  • संग्रहालय और अभिलेखागार: क्यूरेटर (संग्रहाध्यक्ष), पुरातत्वविद्, और संरक्षण विशेषज्ञ।
  • व्यावहारिक कला (Applied Art): ग्राफिक डिजाइन, विज्ञापन, फोटोग्राफी, इंटीरियर डिजाइन, और फिल्म/टीवी के लिए आर्ट डायरेक्शन।
  • प्रदर्शन कला: अभिनेता, निर्देशक, नृत्य और नाटक क्षेत्र।

(४) दशावतारी नाटकों के बारे में जानकारी लिखिए।

  • स्वरूप: दशावतार कोंकण क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोकनाट्य है। इसमें भगवान विष्णु के दस अवतारों (जैसे मत्स्य, कूर्म, राम आदि) की कथाएँ प्रस्तुत की जाती हैं।
  • प्रस्तुति: नाटक की शुरुआत सूत्रधार द्वारा भगवान गणेश के आह्वान से होती है। पात्र लकड़ी के मुखौटे पहनते हैं और वेशभूषा पारंपरिक होती है।
  • महत्व: यह न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि समाज को नैतिक शिक्षा भी देता है।
  • प्रभाव: मराठी रंगमंच के जनक विष्णुदास भावे ने अपने नाटकों में दशावतार शैली का उपयोग किया था।

राजनीति विज्ञान (Political Science)

प्रश्न ६. निम्न विकल्पों में से उचित विकल्प चुनकर कथन पूर्ण कीजिए :

(१) 73 वें और 74 वें संविधान संशोधन के कारण ........................ के अधिकार बढ़ गए हैं।

  1. विधानसभा
  2. स्थानीय शासन संस्थाओं
  3. लोकसभा
  4. राज्यसभा

(२) विश्व में सभी लोकतांत्रिक देशों के सामने ..................... बड़ी चुनौती है।

  1. धार्मिक संघर्ष
  2. नक्सलवादी गतिविधियाँ
  3. लोकतंत्र को और दृढ़ बनाना
  4. अपराधीकरण को महत्त्व
प्रश्न ७. निम्न कथन सत्य हैं या असत्य, सकारण स्पष्ट कीजिए (कोई दो) :

(१) विशेष परिस्थिति में निर्वाचन आयोग किसी निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा चुनाव करवा सकता है।

यह कथन सत्य है।
कारण: निर्वाचन आयोग का मुख्य कार्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। यदि किसी निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, बूथ कैप्चरिंग, हिंसा होती है, या चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी उम्मीदवार की मृत्यु हो जाती है, तो आयोग उस क्षेत्र में चुनाव रद्द करके दोबारा चुनाव (उपचुनाव) करवाता है।

(२) गठबंधन सरकार के कारण अस्थिरता उत्पन्न होती है।

यह कथन असत्य है।
कारण: शुरुआत में ऐसा माना जाता था कि गठबंधन सरकारें अस्थिर होती हैं। लेकिन 1989 के बाद के भारतीय राजनीति के अनुभवों ने यह सिद्ध किया है कि गठबंधन सरकारें भी स्थिर हो सकती हैं (जैसे एन.डी.ए. और यू.पी.ए.)। राजनीतिक दलों ने 'न्यूनतम साझा कार्यक्रम' (Common Minimum Programme) के आधार पर मिलकर कार्य करना सीख लिया है।

(३) उपभोक्ता आंदोलन अस्तित्व में आया।

यह कथन सत्य है।
कारण: अर्थव्यवस्था में बदलाव के साथ उपभोक्ताओं को मिलावट, कम वजन, और अधिक कीमत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए 1986 में उपभोक्ता संरक्षण कानून बनाया गया, जिससे उपभोक्ता आंदोलन को मजबूती मिली।
प्रश्न ८. (अ) निम्न संकल्पनाएँ स्पष्ट कीजिए (कोई एक) :

(१) राजनीति का अपराधीकरण:

राजनीति में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों का बढ़ता हस्तक्षेप 'राजनीति का अपराधीकरण' कहलाता है। कई बार राजनीतिक दल चुनाव जीतने के लिए धन और बाहुबल का उपयोग करने वाले अपराधियों को टिकट देते हैं। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया दूषित होती है और चुनावों में हिंसा बढ़ती है।

(२) अधिकार आधारित दृष्टिकोण (Rights based approach):

स्वतंत्रता के बाद के दशकों में नागरिकों को विकास का 'लाभार्थी' माना जाता था। लेकिन अब यह दृष्टिकोण बदल गया है। अब विकास और मूलभूत सुविधाओं को नागरिकों का 'अधिकार' माना जाता है। इसे ही 'अधिकार आधारित दृष्टिकोण' कहते हैं। सूचना का अधिकार (RTI) और शिक्षा का अधिकार (RTE) इसी के उदाहरण हैं, जिससे शासन अधिक जवाबदेह बनता है।
प्रश्न ८. (ब) नीचे दी गई सूचना के अनुसार कृति कीजिए (कोई एक) :

(१) निम्न संकल्पना-चित्र को पूर्ण कीजिए : चुनाव प्रक्रिया

  1. निर्वाचन क्षेत्रों का गठन
  2. मतदाता सूची निश्चित करना
  3. प्रत्याशियों से नामांकन पत्र भरवाना और उनकी छानबीन करना
  4. चुनाव प्रचार
  5. प्रत्यक्ष मतदान
  6. मतगणना
  7. चुनाव परिणाम
  8. चुनाव संबंधी विवादों का निराकरण

(२) निम्न संकल्पना-चित्र पूर्ण कीजिए : भारतीय लोकतंत्र के सम्मुख चुनौतियाँ

सांप्रदायिकता
आतंकवाद / नक्सलवाद
भ्रष्टाचार
राजनीति का अपराधीकरण
प्रश्न ९. निम्न प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए (कोई एक) :

(१) सामाजिक न्याय को स्थापित करने का अर्थ क्या है?

सामाजिक न्याय स्थापित करने का अर्थ है उन सभी सामाजिक स्थितियों को समाप्त करना जो अन्याय का कारण बनती हैं, और सभी व्यक्तियों को समान दर्जा देना। इसका उद्देश्य जाति, धर्म, भाषा, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव को खत्म करना और सभी को विकास के समान अवसर प्रदान करना है।

(२) मध्यावधि चुनाव किसे कहते हैं?

जब लोकसभा या विधानसभा का 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही सरकार अल्पमत में आ जाती है या गठबंधन टूट जाता है, और कोई वैकल्पिक सरकार नहीं बन पाती, तो सदन को भंग कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में कार्यकाल पूरा होने से पहले जो चुनाव कराए जाते हैं, उन्हें 'मध्यावधि चुनाव' (Midterm Elections) कहते हैं।