HSC Chemistry Question Paper Solution 2024 (Hindi Medium)
MAHARASHTRA STATE BOARD OF SECONDARY AND HIGHER SECONDARY EDUCATION
विषय: रसायनशास्त्र (CHEMISTRY - 55) | कोड: J-855 (H)
दिनांक: 29-02-2024 | अंक: 70 | समय: 3 घंटे
सामान्य सूचनाएँ: गणना के लिए दिए गए स्थिरांक: \(R = 8.314 \, J.K^{-1}.mol^{-1}\), \(N_A = 6.022 \times 10^{23}\), \(F = 96500 \, C\).
विभाग - अ (SECTION - A)
प्र. १. निम्नलिखित बहुविकल्प प्रकार के प्रश्नों के सही उत्तर चुनकर लिखें : [१० अंक]
(i) \(Cr^{3+}\) केटायन का केवल चक्रीय (Spin only) चुंबकीय आघूर्ण ----- है।
स्पष्टीकरण: क्रोमियम (Cr) का परमाणु क्रमांक 24 है। विन्यास: \([Ar]3d^5 4s^1\). \(Cr^{3+}\) का विन्यास \([Ar]3d^3\) है। अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या (n) = 3.
\(\mu = \sqrt{n(n+2)} = \sqrt{3(3+2)} = \sqrt{15} \approx 3.873 \, BM\).
(ii) लैक्टोज़ में उपस्थित श्रृंखला (linkage) ----- है।
स्पष्टीकरण: लैक्टोज़ एक डिसैकराइड है जो \(\beta\)-D-गैलेक्टोज़ और \(\beta\)-D-ग्लूकोज़ से बना होता है, जिनमें \(\beta-1,4\) ग्लायकोसिडीक बंध होता है।
(iii) निम्न अभिक्रिया का उत्पाद ----- है।
\(C_2H_5 - \overset{\overset{O}{||}}{C} - CH_3 \xrightarrow[\Delta]{H_2/Ni} \, ?\)
स्पष्टीकरण: ब्यूटेनोन (कीटोन) के उत्प्रेरकीय अपचयन से ब्यूटेन-2-ऑल (द्वितीयक अल्कोहल) प्राप्त होता है।
(iv) 0.001M HCl विलयन का pH ----- है।
स्पष्टीकरण: \([H^+] = 0.001 \, M = 10^{-3} \, M\). \(pH = -\log_{10}[H^+] = -\log_{10}(10^{-3}) = 3\).
(v) संकुल (Complex) की सही संरचना जिसका आय.यू.पी.ए.सी. नाम सोडियम हेक्सानाइट्रोकोबाल्टेट (III) है:
स्पष्टीकरण: धनायन सोडियम (\(Na^+\)) है और ऋणायन हेक्सानाइट्रोकोबाल्टेट(III) \([Co(NO_2)_6]^{3-}\) है। आवेश संतुलन के लिए 3 सोडियम आयन आवश्यक हैं।
(vi) फलककेंद्रित घनीय मात्रक कोष्ठिका (Face Centered Cubic unit cell) में उपस्थित कणों की संख्या है -
स्पष्टीकरण: कोने: \(8 \times \frac{1}{8} = 1\). फलक: \(6 \times \frac{1}{2} = 3\). कुल = \(1+3=4\).
(vii) टेफ्लॉन को तैयार करने में उपयोग होने वाला एकलक (monomer) ----- है -
स्पष्टीकरण: टेफ्लॉन (PTFE) का एकलक टेट्राफ्लुओरोएथीन (\(CF_2=CF_2\)) है।
(viii) निम्न में से कौन-सा विनाइलिक (Vinylic) हेलाइड है?
स्पष्टीकरण: विनाइलिक हेलाइड में हैलोजन परमाणु सीधे कार्बन-कार्बन द्विबंध के \(sp^2\) संकरित कार्बन से जुड़ा होता है।
(ix) 1% \(HgSO_4\) तथा 40% \(H_2SO_4\) की उपस्थिति में प्रोपाइन (Propyne) के जल-अपघटन (hydrolysis) का उत्पाद है-
स्पष्टीकरण: प्रोपाइन का जलयोजन मार्कोनिकोव नियम के अनुसार होता है, जिससे प्रोपेनॉन (एसिटोन) बनता है।
(x) दर स्थिरांक की इकाई \(mol \, dm^{-3}s^{-1}\) के लिए अभिक्रिया की कोटि है-
स्पष्टीकरण: शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए, दर = k. अतः k की इकाई दर की इकाई (\(mol \, L^{-1} s^{-1}\)) के समान होती है।
HSC Chemistry
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प्र. २. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [८ अंक]
(i) जल से ई.कोलाई जीवाणु निकालने के लिए उपयोग किए जाने वाले धातु नैनोकण का नाम लिखिए।
उत्तर: चाँदी (Silver/Ag) नैनोकण।
(ii) इथाइल साइनाइड की क्रिया सोडियम एवं अल्कोहल के साथ होने पर निर्मित अपचयन उत्पाद का नाम लिखिए।
उत्तर: प्रोपिल एमीन (Propylamine) या प्रोपेन-1-एमीन।
अभिक्रिया: \(C_2H_5CN + 4[H] \xrightarrow{Na/Ethanol} C_2H_5CH_2NH_2\)
(iii) अभिक्रिया पूर्ण कीजिए : \(CH_3CH_2Cl \xrightarrow{AgCN/alc.\Delta} \, ?\)
उत्तर: \(CH_3CH_2NC\) (इथाइल आइसोसाइनाइड)
(iv) \([Co(NH_3)_6]^{3+}\) आयन की प्रभावी परमाणु संख्या की गणना कीजिए।
उत्तर: 36
गणना: \(EAN = Z - X + Y = 27 - 3 + (6 \times 2) = 36\) (क्रिप्टन का विन्यास)।
(v) ----- के कारण \(Ti^{4+}\) आयन के यौगिक रंगहीन होते हैं।
उत्तर: अयुग्मित d-इलेक्ट्रॉनों की अनुपस्थिति (रिक्त d-कक्षक) के कारण (d-d संक्रमण संभव नहीं होता)।
(vi) मोलर चालकता की SI इकाई लिखिए।
उत्तर: \(S \cdot m^2 \cdot mol^{-1}\) (सीमेंस वर्ग मीटर प्रति मोल)।
(vii) गैस के प्रसार के दौरान किए गए कार्य का परिपाटी संकेत (sign convention) लिखिए।
उत्तर: गैस के प्रसार के दौरान किया गया कार्य (W) ऋणात्मक होता है (\(W < 0\))। (प्रणाली द्वारा परिवेश पर किया गया कार्य)।
(viii) व्युत्क्रम परासरण की शर्तें लिखिए।
उत्तर: विलयन पर लगाया गया बाह्य दाब परासरण दाब से अधिक होना चाहिए (\(P > \pi\))।
विभाग - ब (SECTION - B)
निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं आठ प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [१६ अंक]
प्र. ३. किसी आदर्श गैस के प्रारंभिक आयतन (\(V_1\)) से अंतिम आयतन (\(V_2\)) समतापीय उत्क्रमणीय प्रसार (expansion) के दौरान प्राप्त अधिकतम कार्य के लिए व्यंजक (expression) व्युत्पन्न कीजिए।
उत्तर:
- माना कि एक आदर्श गैस के n मोल एक सिलेंडर में हैं।
- अनंत सूक्ष्म प्रसार \(dV\) के लिए किया गया कार्य: \(dW = -P_{ext} dV\).
- उत्क्रमणीय प्रक्रिया के लिए \(P_{ext} \approx P_{gas} = P\). अतः \(dW = -P dV\).
- \(V_1\) से \(V_2\) तक कुल कार्य: \[W_{max} = - \int_{V_1}^{V_2} P \, dV\]
- आदर्श गैस समीकरण \(P = \frac{nRT}{V}\) रखने पर: \[W_{max} = - \int_{V_1}^{V_2} \frac{nRT}{V} \, dV\]
- चूंकि T स्थिर है (समतापीय): \[W_{max} = -nRT \int_{V_1}^{V_2} \frac{dV}{V} = -nRT [\ln V]_{V_1}^{V_2}\] \[W_{max} = -nRT \ln \left(\frac{V_2}{V_1}\right)\]
- प्राकृतिक लघुगणक को आधार 10 में बदलने पर: \[W_{max} = -2.303 nRT \log_{10} \left(\frac{V_2}{V_1}\right)\]
प्र. ४. अन्तर हैलोजन यौगिक (Interhalogen compounds) क्या हैं? रासायनिक अभिक्रिया लिखिए जब क्लोरीन शुष्क कास्टिक चूने (slaked lime) के साथ क्रिया करता है।
उत्तर:
अन्तर हैलोजन यौगिक: दो या दो से अधिक भिन्न हैलोजन परमाणुओं की अभिक्रिया से बनने वाले यौगिकों को अन्तर हैलोजन यौगिक कहते हैं (जैसे ClF, \(ICl_3\))।
अभिक्रिया: क्लोरीन की शुष्क बुझे हुए चूने (\(Ca(OH)_2\)) के साथ क्रिया से विरंजक चूर्ण (Bleaching powder) बनता है।
\(2Ca(OH)_2 + 2Cl_2 \longrightarrow Ca(OCl)_2 + CaCl_2 + 2H_2O\)
प्र. ५. नैनो सामग्री क्या है? जल अपघटन के दौरान सोल-जेल (sol-gel) प्रक्रम में सम्मिलित अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
नैनो सामग्री: ऐसी सामग्री जिसकी कम से कम एक विमा (dimension) नैनोस्केल (1 से 100 nm) के दायरे में होती है, नैनो सामग्री कहलाती है।
सोल-जेल प्रक्रम (जल अपघटन):
\(M(OR)_4 + 4H_2O \longrightarrow M(OH)_4 + 4ROH\)
(जहाँ M = Si, Ti आदि और R = एल्किल समूह है।)
प्र. ६. प्रोटीन का वर्गीकरण उदाहरण के साथ लिखिए।
उत्तर: आणविक आकार के आधार पर प्रोटीन दो प्रकार के होते हैं:
- रेशेदार प्रोटीन (Fibrous Proteins): पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएं समानांतर होती हैं और हाइड्रोजन या डाइसल्फ़ाइड बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं। ये जल में अघुलनशील होते हैं।
उदाहरण: किरेटिन (बाल, ऊन), मायोसिन (मांसपेशियां)। - गोलाकार प्रोटीन (Globular Proteins): पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएं कुंडलित होकर गोलाकार आकृति बनाती हैं। ये जल में घुलनशील होते हैं।
उदाहरण: इंसुलिन, एल्ब्यूमिन।
प्र. ७. 2.4g के Cu जमा होने में लगे समय की गणना कीजिए जब \(CuSO_4\) विलयन में 2.03 A विद्युत धारा प्रवाहित होती है। (Cu का परमाणु द्रव्यमान = 63.5 g.mol\(^{-1}\))
उत्तर:
अभिक्रिया: \(Cu^{2+} + 2e^- \rightarrow Cu\) (n = 2)
दिया है: W = 2.4 g, I = 2.03 A, M = 63.5 g/mol, F = 96500 C.
सूत्र: \(t = \frac{W \times n \times F}{M \times I}\)
\(t = \frac{2.4 \times 2 \times 96500}{63.5 \times 2.03} = \frac{463200}{128.905} \approx 3593.34 \, \text{सेकंड}\)
समय \(\approx\) 3593 सेकंड (या ~60 मिनट)।
प्र. ८. अमीन क्षारीय प्रकृति के क्यों होते हैं? डाइमेथील अमीन (\(pK_b\) = 3.27) एवम् डाइएथील अमीन (\(pK_b\) = 3.0) में से कौन-सा अधिक क्षारीय है?
उत्तर:
कारण: नाइट्रोजन परमाणु पर उपस्थित एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (lone pair) के कारण अमीन प्रोटॉन ग्रहण कर सकते हैं, इसलिए वे लुईस क्षारक होते हैं।
तुलना: कम \(pK_b\) मान का अर्थ है प्रबल क्षारक।
डाइएथील अमीन (\(pK_b\) = 3.0) का मान डाइमेथील अमीन (\(pK_b\) = 3.27) से कम है।
इसलिए, डाइएथील अमीन अधिक क्षारीय है।
प्र. ९. सोडियम एसीटेट-एसीटिक एसिड बफर की बफर क्रिया स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
यह एक अम्लीय बफर है जिसमें \(CH_3COOH\) (दुर्बल अम्ल) और \(CH_3COONa\) (उसका लवण) होता है।
- अम्ल (\(H^+\)) मिलाने पर: अतिरिक्त \(H^+\) आयन एसीटेट आयनों (\(CH_3COO^-\)) द्वारा ग्रहण कर लिए जाते हैं और अवियोजित एसीटिक एसिड बनाते हैं। जिससे pH नहीं बदलता।
- क्षार (\(OH^-\)) मिलाने पर: अतिरिक्त \(OH^-\) आयन एसीटिक एसिड के साथ क्रिया करके जल बनाते हैं। जिससे pH स्थिर रहता है।
प्र. १०. एथिल ब्रोमाइड से (अ) डाइएथिल ईथर (ब) एथिल साइनाइड तैयार करने की अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
(अ) डाइएथिल ईथर (विलियमसन संश्लेषण):
\(C_2H_5Br + C_2H_5ONa \xrightarrow{\Delta} C_2H_5-O-C_2H_5 + NaBr\)
(ब) एथिल साइनाइड:
\(C_2H_5Br + KCN(alc) \xrightarrow{\Delta} C_2H_5CN + KBr\)
प्र. ११. 25°C पर \(CH_3Br(g)\) के लिए हेनरी का स्थिरांक \(0.159 \, mol \, dm^{-3} \cdot bar^{-1}\) है। 25°C पर जल में उसकी विलेयता (solubility) की गणना कीजिए, यदि उसका आंशिक दाब 0.164 bar है।
उत्तर:
सूत्र: \(S = K_H \times P\)
\(S = 0.159 \times 0.164\)
\(S = 0.026076 \, mol \, dm^{-3}\)
विलेयता = \(0.0261 \, mol \, dm^{-3}\).
प्र. १२. निम्न के एकलक की संरचना व नाम लिखिए: (i) नायलॉन -6 (ii) प्राकृतिक रबड़
उत्तर:
(i) नायलॉन-6:
नाम: \(\epsilon\)-कैप्रोलैक्टम (Caprolactam)
संरचना: 7-सदस्यीय वलय जिसमें -NH-CO- समूह होता है।
(ii) प्राकृतिक रबड़:
नाम: आइसोप्रीन (2-मेथिलब्यूटा-1,3-डाईन)
संरचना: \(CH_2=C(CH_3)-CH=CH_2\)
प्र. १३. लेंथेनॉइड संकुचन परिभाषित कीजिए। संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए जब अम्लीकृत \(K_2Cr_2O_7\) की क्रिया \(H_2S\) के साथ होती है।
उत्तर:
लेंथेनॉइड संकुचन: परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ लैंथेनम (La) से ल्यूटेशियम (Lu) तक लैंथेनॉइड्स की परमाणु और आयनिक त्रिज्या में होने वाली क्रमिक कमी को लैंथेनॉइड संकुचन कहते हैं।
समीकरण: अम्लीय पोटेशियम डाइक्रोमेट हाइड्रोजन सल्फाइड को सल्फर में ऑक्सीकृत कर देता है।
\(K_2Cr_2O_7 + 4H_2SO_4 + 3H_2S \longrightarrow K_2SO_4 + Cr_2(SO_4)_3 + 7H_2O + 3S\)
प्र. १४. मोलर द्रव्यमान, पदार्थ का घनत्व एवम् मात्रक कोष्ठिका किनारे (Unit cell edge) की लंबाई के बीच संबंध व्युत्पन्न (derive) कीजिए।
उत्तर:
- माना कोष्ठिका के किनारे की लंबाई 'a' है। आयतन = \(a^3\).
- मोलर द्रव्यमान 'M' और एवोगेड्रो संख्या '\(N_A\)'. एक परमाणु का द्रव्यमान = \(M / N_A\).
- यदि प्रति इकाई कोष्ठिका में 'n' परमाणु हैं, तो कोष्ठिका का द्रव्यमान = \(n \times (M / N_A)\).
- घनत्व (\(\rho\)) = द्रव्यमान / आयतन
- \(\rho = \frac{n \times M}{a^3 \times N_A}\)
विभाग - क (SECTION - C)
निम्नलिखित में से किन्हीं आठ प्रश्नों के उत्तर लिखिए : [२४ अंक]
प्र. १५. परासरण दाब (osmotic pressure) क्या है? परासरण दाब से विलेय का मोलर द्रव्यमान आप कैसे ज्ञात करेंगे?
उत्तर:
परासरण दाब (\(\pi\)): वह अतिरिक्त द्रवस्थैतिक दाब जो विलायक के अणुओं को अर्द्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से विलयन में प्रवेश करने से रोकने के लिए विलयन पर लगाया जाता है, परासरण दाब कहलाता है।
मोलर द्रव्यमान ज्ञात करना:
वांट हॉफ समीकरण के अनुसार: \(\pi = CRT = \frac{n_2}{V} RT\)
जहाँ \(n_2 = \frac{W_2}{M_2}\) (विलेय का द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान)।
\(\pi = \frac{W_2 RT}{M_2 V}\)
अतः, \(M_2 = \frac{W_2 R T}{\pi V}\).
प्र. १६. निम्न में सम्मिलित रासायनिक अभिक्रियाएँ लिखिए :
(अ) रोज़ेनमंड अपचयन (Rosenmund reduction)
(ब) गॉटरमेन कोच फॉर्मिलेशन (Gatterman Koch formylation)
(स) मिथेनल की कैनिज़ारो अभिक्रिया
उत्तर:
(अ) रोज़ेनमंड अपचयन:
\(R-COCl + H_2 \xrightarrow{Pd/BaSO_4} R-CHO + HCl\)
(ब) गॉटरमेन कोच अभिक्रिया:
Benzene + \(CO + HCl \xrightarrow{Anhyd. AlCl_3/CuCl} Benzaldehyde + HCl\)
(स) कैनिज़ारो अभिक्रिया:
\(2HCHO + NaOH(conc.) \longrightarrow CH_3OH + HCOONa\)
प्र. १७. मिथेन की मानक दहन एन्थैल्पी (Standard enthalpy of combustion) की गणना कीजिए यदि मिथेन, कार्बनडाइऑक्साइड तथा जल की मानक उत्पादन एन्थैल्पी (standard enthalpy of formation) क्रमशः –74.8, –393.5 एवम् –285.8 kJmol\(^{-1}\) है।
उत्तर:
अभिक्रिया: \(CH_4(g) + 2O_2(g) \rightarrow CO_2(g) + 2H_2O(l)\)
सूत्र: \(\Delta H_c^\circ = \sum \Delta_f H^\circ(\text{उत्पाद}) - \sum \Delta_f H^\circ(\text{अभिकारक})\)
गणना:
\(\Delta H_c^\circ = [1(-393.5) + 2(-285.8)] - [-74.8 + 0]\)
\(\Delta H_c^\circ = [-393.5 - 571.6] + 74.8\)
\(\Delta H_c^\circ = -965.1 + 74.8\)
\(\Delta H_c^\circ = -890.3 \, kJ \, mol^{-1}\)
प्र. १८. निम्नलिखित की इथाइल ब्रोमाइड पर क्या क्रिया होती है?
(अ) सिल्वर नाइट्राइट (silver nitrite)
(ब) शुष्क ईथर में Mg
(स) अल्कोहलिक सोडियम हाइड्रॉक्साइड
उत्तर:
(अ) सिल्वर नाइट्राइट (\(AgNO_2\)): नाइट्रोएथेन बनता है।
\(C_2H_5Br + AgNO_2 \rightarrow C_2H_5NO_2 + AgBr\)
(ब) Mg (शुष्क ईथर): एथिल मैग्नीशियम ब्रोमाइड (ग्रीग्नार्ड अभिकर्मक) बनता है।
\(C_2H_5Br + Mg \xrightarrow{\text{dry ether}} C_2H_5MgBr\)
(स) अल्कोहलिक NaOH: एथीन (Ethene) बनता है (विलोपन अभिक्रिया)।
\(C_2H_5Br + NaOH(alc) \rightarrow CH_2=CH_2 + NaBr + H_2O\)
प्र. १९. \(A + B \rightarrow P\) अभिक्रिया के लिए यदि स्थिर [A] पर [B] दुगुना होता है, तो अभिक्रिया की दर दुगुनी होती है। यदि [A] तीन गुना एवम् [B] दुगुना होता है, है, अभिक्रिया की दर 6 के गुणांक द्वारा बढ़ती है। दर नियम समीकरण की गणना कीजिए।
उत्तर:
माना दर नियम \(R = k[A]^x[B]^y\) है।
1. [B] दुगुना करने पर दर दुगुनी होती है: \([2B]^y \propto 2R \Rightarrow 2^y = 2^1 \Rightarrow y = 1\).
2. [A] तीन गुना और [B] दुगुना करने पर दर 6 गुना होती है:
\(6R = k[3A]^x[2B]^1\)
\(6 = 3^x \times 2 \Rightarrow 3^x = 3 \Rightarrow x = 1\).
दर नियम: Rate = \(k[A][B]\).
प्र. २०. निम्न को उल्लेख किए गए गुणधर्म के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित (arrange) कीजिए:
(i) \(HOCl, HClO_2, HClO_3, HClO_4\) (अम्लीय सामर्थ्य)
उत्तर: \(HOCl < HClO_2 < HClO_3 < HClO_4\)
(ii) MF, MCl, MBr, MI (आयनिक सामर्थ्य)
उत्तर: \(MI < MBr < MCl < MF\)
(iii) HF, HCl, HBr, HI (तापीय स्थिरता)
उत्तर: \(HI < HBr < HCl < HF\)
प्र. २१. वोल्फ-किश्नर (Wolf-Kishner) अपचयन अभिक्रिया स्पष्ट कीजिए। एथेनॉइल क्लोराइड एवम् डाइमिथाइल कैडमियम के उपयोग द्वारा प्रोपेनॉन का निर्माण लिखिए।
उत्तर:
वोल्फ-किश्नर अपचयन: एल्डिहाइड या कीटोन को हाइड्राजीन (\(NH_2NH_2\)) और KOH के साथ उच्च क्वथनांक वाले विलायक (जैसे एथिलीन ग्लाइकॉल) में गर्म करने पर कार्बोनिल समूह (\(>C=O\)) का मेथिलीन समूह (\(>CH_2\)) में अपचयन हो जाता है।
प्रोपेनॉन निर्माण:
\(2CH_3COCl + (CH_3)_2Cd \longrightarrow 2CH_3-CO-CH_3 + CdCl_2\)
(एथेनॉइल क्लोराइड + डाइमिथाइल कैडमियम \(\rightarrow\) एसीटोन)
प्र. २२. उपसहसंयोजक संकुल के लिए वर्नर सिद्धांत की मान्यताएँ लिखिए। षट्दन्तुक लिगैंड का नाम लिखिए।
उत्तर:
वर्नर सिद्धांत की मान्यताएँ: धातुओं में दो प्रकार की संयोजकताएँ होती हैं - प्राथमिक (आयनिक, ऑक्सीकरण अवस्था) और द्वितीयक (अन-आयनिक, उपसहसंयोजन संख्या)। द्वितीयक संयोजकता दिशात्मक होती है और ज्यामिति निर्धारित करती है।
षट्दन्तुक लिगैंड: EDTA (एथिलीन डायमीन टेट्राएसीटेट)।
प्र. २३. विद्युत रासायनिक श्रेणी को परिभाषित कीजिए एवम् उसकी दो उपयोगिताएँ लिखिए।
उत्तर:
परिभाषा: तत्वों (या इलेक्ट्रोडों) को उनके मानक अपचयन विभव (Standard Reduction Potential) के बढ़ते या घटते क्रम में व्यवस्थित करने पर प्राप्त श्रेणी को विद्युत रासायनिक श्रेणी कहते हैं।
उपयोगिताएँ: 1. ऑक्सीकारक और अपचायक क्षमता की तुलना करना। 2. रेडॉक्स अभिक्रिया की स्वतःप्रवर्तिता (spontaneity) की भविष्यवाणी करना।
प्र. २४. निम्न अभिक्रिया में ‘A’, ‘B’ तथा ‘C’ पहचानिए एवम् रासायनिक अभिक्रिया पुनः लिखिए:
\(CH_3CH_2OH \xrightarrow[\text{Red P}]{Br_2} A \xrightarrow{KCN \, alc} B \xrightarrow{LiAlH_4 / \text{Ether}} C\)
उत्तर:
A = \(CH_3CH_2Br\) (एथिल ब्रोमाइड)
B = \(CH_3CH_2CN\) (एथिल साइनाइड)
C = \(CH_3CH_2CH_2NH_2\) (प्रोपिल एमीन)
प्र. २५. ब्रन्स्टेड-लॉरी सिद्धांत के अनुसार अम्ल तथा क्षार की परिभाषा लिखिए। pH एवम् pOH के मध्य संबंध स्थापित कीजिए।
उत्तर:
ब्रन्स्टेड-लॉरी परिभाषा:
अम्ल: प्रोटॉन ($H^+$) दाता।
क्षार (Base): प्रोटॉन ग्राही।
संबंध: \(K_w = [H^+][OH^-] = 10^{-14}\).
दोनों तरफ ऋणात्मक लॉग लेने पर: \(pH + pOH = 14\).
प्र. २६. क्रोमाइट अयस्क से पोटैशियम डाइक्रोमेट की निर्माणविधि लिखिए।
उत्तर:
- क्रोमाइट अयस्क (\(FeCr_2O_4\)) का सोडियम कार्बोनेट के साथ वायु में भर्जन (Roasting) करके सोडियम क्रोमेट प्राप्त किया जाता है।
- सोडियम क्रोमेट का अम्लीकरण करके सोडियम डाइक्रोमेट प्राप्त किया जाता है।
- सोडियम डाइक्रोमेट की KCl के साथ अभिक्रिया करके \(K_2Cr_2O_7\) के क्रिस्टल प्राप्त किए जाते हैं।
विभाग - ड (SECTION - D)
निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [१२ अंक]
प्र. २७. निम्नलिखित को परिवर्तित कीजिए:
(i) ऐसिटैल्डिहाइड को आइसोप्रोपिल अल्कोहल में
(ii) क्यूमिन को फिनॉल में
(iii) एनीसोल को फिनॉल में
नियॉन के दो उपयोग लिखिए।
उत्तर:
परिवर्तन:
(i) ऐसिटैल्डिहाइड + \(CH_3MgBr \xrightarrow{H_2O} CH_3-CH(OH)-CH_3\) (आइसोप्रोपिल अल्कोहल)।
(ii) क्यूमिन \(\xrightarrow{O_2}\) क्यूमिन हाइड्रोपरॉक्साइड \(\xrightarrow{H^+}\) फिनॉल + एसीटोन।
(iii) एनीसोल + \(HI \longrightarrow\) फिनॉल + मेथिल आयोडाइड।
नियॉन के उपयोग: 1. विसर्जन लैंप और विज्ञापन संकेतों (Neon signs) में। 2. वनस्पति उद्यान (Botanical gardens) में।
प्र. २८. परिभाषा लिखिए :
(i) विस्तृत व गहन गुणधर्म (Extensive and Intensive Properties)
(ii) समदाबी व रूद्धोष्म प्रक्रम (Isobaric and Adiabatic processes)
विकर (enzymes) क्या हैं?
ट्रांसयूरेनियम तत्त्वों की परमाणु संख्या लिखिए।
उत्तर:
परिभाषा:
(i) विस्तृत: द्रव्य की मात्रा पर निर्भर गुणधर्म (जैसे द्रव्यमान)। गहन: मात्रा पर निर्भर न करने वाले गुणधर्म (जैसे तापमान)।
(ii) समदाबी: स्थिर दाब पर होने वाला प्रक्रम (\(\Delta P = 0\))। रूद्धोष्म: ऊष्मा का आदान-प्रदान न होने वाला प्रक्रम (\(q = 0\))।
विकर (Enzymes): जीवित जीवों में जैव रासायनिक अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित करने वाले जैविक उत्प्रेरक (प्रोटीन)।
ट्रांसयूरेनियम तत्व: परमाणु क्रमांक 92 (यूरेनियम) से अधिक वाले तत्व।
प्र. २९. किसी ठोस तत्त्व के घनीय जालक के प्रकार का अनुमान निकालिए जिसके सिरे की लंबाई 400 pm एवम् घनत्व 6.25 g/ml है। (तत्त्व का परमाणु द्रव्यमान = 60)
नैनोविज्ञान को परिभाषित कीजिए।
पॉलीएक्रिलोनाइट्राइल के निर्माण के लिए रासायनिक क्रिया लिखिए।
उत्तर:
गणना: \(n = \frac{\rho \cdot a^3 \cdot N_A}{M}\).
\(n = \frac{6.25 \times (4 \times 10^{-8})^3 \times 6.022 \times 10^{23}}{60} \approx 4\).
अतः, यह फलक केंद्रित घनीय (FCC) जालक है।
नैनोविज्ञान: नैनोमीटर पैमाने (1-100 nm) पर सामग्री के अध्ययन और हेरफेर को नैनोविज्ञान कहते हैं।
पॉलीएक्रिलोनाइट्राइल: \(n \, CH_2=CH(CN) \rightarrow [-CH_2-CH(CN)-]_n\).
प्र. ३०. प्रथम कोटि अभिक्रिया के लिए अर्द्ध आयुकाल एवम् दर स्थिरांक के बीच संबंध व्युत्पन्न कीजिए।
सीसा संचायक (accumulator) के निर्वहन (discharging) के दौरान कुल (net) सेल अभिक्रिया लिखिए।
पैरॉक्सीमोनोसल्फ्यूरिक अम्ल की संरचना बनाइए।
उत्तर:
संबंध: \(t_{1/2} = \frac{0.693}{k}\).
अभिक्रिया (Discharging):
\(Pb(s) + PbO_2(s) + 2H_2SO_4(aq) \longrightarrow 2PbSO_4(s) + 2H_2O(l)\)
संरचना (Caro's acid): \(H_2SO_5\) (इसमें एक -O-O- पेरोक्साइड बंध होता है)।
प्र. ३१. निम्नलिखित संकुल के अयुग्मित इलेक्ट्रॉन की संख्या एवम् ज्यामिति (Geometry) का उल्लेख कीजिए:
(i) \([Ni(Cl)_4]^{2-}\) (ii) \([Ni(CN)_4]^{2-}\)
निम्नलिखित को परिवर्तित कीजिए:
(अ) इथेन नाइट्राइल को इथेनल में
(ब) साइक्लोहेक्सेन को एडिपिक अम्ल में
उत्तर:
संकुल:
(i) \([Ni(Cl)_4]^{2-}\): चतुष्फलकीय (Tetrahedral), 2 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन (अनुचुंबकीय)।
(ii) \([Ni(CN)_4]^{2-}\): वर्ग समतलीय (Square Planar), 0 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन (प्रतिचुंबकीय)।
परिवर्तन:
(अ) स्टीफन अभिक्रिया द्वारा।
(ब) ऑक्सीकरण (\(KMnO_4\) या \(HNO_3\) द्वारा)।