प्रश्न 1. (अ) दिए गये पर्यायों में उचित पर्याय का क्रमांक लिखिये :
(i) आक्सीश्वसन में ग्लूकोज का पूर्ण आक्सीकरण होकर ऊर्जा के साथ-साथ पानी और __________ के अणु बनते हैं।
उत्तर: (अ) \(CO_{2}\)
(ii) सिरका (व्हिनेगर) में __________ अम्ल होता है।
उत्तर: (अ) ऐसीटिक
(iii) जनुकों में अचानक अपनी जगह बदलकर जो छोटा-सा परिवर्तन होता है, वह बदलाव अर्थात् __________ है।
उत्तर: (ब) उत्परिवर्तन
(iv) मनुष्य में शुक्रकोशिका का निर्माण __________ अंग में होता है।
उत्तर: (क) वृषण
(v) सौर विद्युत सेल सूर्य की किरणों की प्रकाशीय ऊर्जा का रूपांतरण सीधे __________ में करते हैं।
उत्तर: (ड) विदयुत ऊर्जा
प्रश्न 1. (ब) निम्न प्रश्नों को हल कीजिये :
(i) असंगत घटक पहचानिये: खंडीभवन, पुनर्जनन, मुकुलन, फलन।
उत्तर: फलन (Fertilization)
कारण: फलन लैंगिक प्रजनन की प्रक्रिया है, जबकि अन्य तीनों अलैंगिक प्रजनन के प्रकार हैं।
कारण: फलन लैंगिक प्रजनन की प्रक्रिया है, जबकि अन्य तीनों अलैंगिक प्रजनन के प्रकार हैं।
(ii) सहसंबंध लिखिये: मधुमेह : इन्सुलिन :: कैन्सर : __________
उत्तर: इंटरफेरॉन (या कीमोथेरेपी)।
(iii) कथन सत्य है या असत्य, लिखिये: जीवाश्मों का अध्ययन उत्क्रांती के अध्ययन का ही एक महत्वपूर्ण अंग है।
उत्तर: सत्य
(iv) जैव प्रौद्योगिकी के दो व्यावहारिक उपयोग लिखिये।
उत्तर:
- टीकों का निर्माण (Vaccine production)।
- इन्सुलिन जैसे मानव संप्रेरकों का निर्माण।
- जनुकीय दृष्ट्या उन्नत फसलों (Bt Cotton) का निर्माण।
(v) मैं मत्स्यवर्ग होते हुए भी फेफड़े द्वारा श्वसन की क्रिया करता हूँ, तो मैं कौन ?
उत्तर: लंगफिश (Lungfish)
प्रश्न 2. (अ) वैज्ञानिक कारण लिखिये (कोई दो) :
(i) कुछ उच्चस्तरीय वनस्पति और प्राणी भी कभी-कभी अनाक्सीश्वसन करते हैं।
कारण:
- आक्सीश्वसन के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। जब आसपास के वातावरण में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, तब जीवित रहने के लिए ये सजीव अनाक्सीश्वसन का सहारा लेते हैं।
- उदाहरण के लिए, जब जमीन पानी में डूब जाती है तो पौधों की जड़ें अनाक्सीश्वसन करती हैं।
(ii) लड़की होने पर स्त्री को पूरी तरह से जिम्मेदार मानना अनुचित है।
कारण:
- स्त्रियों में केवल 'X' गुणसूत्र (XX) होते हैं, इसलिए उनके द्वारा उत्पादित सभी डिंब कोशिकाएं 'X' गुणसूत्र वाली होती हैं।
- पुरुषों में 'X' और 'Y' गुणसूत्र (XY) होते हैं। 50% शुक्राणु 'X' और 50% 'Y' गुणसूत्र वाले होते हैं।
- लिंग का निर्धारण इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सा शुक्राणु डिंब को निषेचित करता है। यदि 'Y' वाला शुक्राणु मिलता है तो लड़का होता है। अतः लिंग निर्धारण पुरुष के गुणसूत्रों पर निर्भर है, न कि स्त्री पर।
(iii) परमाणु ऊर्जा से प्राप्त होने वाली विद्युत ऊर्जा पर्यावरणस्नेही नहीं है।
कारण:
- परमाणु ऊर्जा केंद्रों में उपयोग किए जाने वाले ईंधन से खतरनाक रेडियोधर्मी कचरा (Radioactive waste) उत्पन्न होता है।
- इस कचरे का निपटान करना एक बड़ी समस्या है।
- दुर्घटना की स्थिति में घातक विकिरण का रिसाव हो सकता है जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए विनाशकारी है।
प्रश्न 2. (ब) निम्न प्रश्नों को हल कीजिये (कोई तीन) :
(i) निम्न भोजन श्रृंखला पूर्ण कीजिये: हरित वनस्पति -> __________ -> मेंढक -> __________ -> बाज
उत्तर:
हरित वनस्पति -> टिड्डा/नाकतोडा (Grasshopper) -> मेंढक -> साँप (Snake) -> बाज
हरित वनस्पति -> टिड्डा/नाकतोडा (Grasshopper) -> मेंढक -> साँप (Snake) -> बाज
(ii) अंतर स्पष्ट कीजिये: मत्स्य प्राणी वर्ग तथा सरीसृप प्राणी वर्ग।
| मत्स्य प्राणी वर्ग (Pisces) | सरीसृप प्राणी वर्ग (Reptilia) |
|---|---|
| ये पूर्णतः जलीय (पानी में रहने वाले) प्राणी हैं। | ये रेंगने वाले प्राणी हैं जो मुख्य रूप से जमीन पर रहते हैं। |
| श्वसन गलफड़ों (Gills) द्वारा होता है। | श्वसन फेफड़ों (Lungs) द्वारा होता है। |
| शरीर पर शल्क (Scales) होते हैं। | त्वचा शुष्क और खुरदरी होती है। |
(iii) नीचे दिए गए चित्र का निरीक्षण कीजिये। इस आपदा के कोई भी दो परिणाम लिखिये। (बाढ़ का दृश्य)
आपदा: बाढ़ (Flood)।
परिणाम:
परिणाम:
- यातायात में बाधा: रेल और सड़क मार्ग पानी में डूबने से यातायात ठप हो जाता है।
- आर्थिक व स्वास्थ्य हानि: फसलों और संपत्ति का नुकसान होता है और पानी जमा होने से बीमारियाँ फैलने का खतरा रहता है।
(iv) तनाव कम करने के कोई चार मार्ग लिखिये।
उत्तर:
- नियमित व्यायाम और योगासन।
- छंद (Hobbies) जोपासना (जैसे गायन, वादन, चित्रकला)।
- मित्रों और परिवार के साथ संवाद साधना।
- प्रकृति के सानिध्य में समय बिताना।
(v) दिए गए संकल्पना चित्र को पूरा कीजिये: प्रक्रिया के बाद प्राप्त निष्काषित जल।
उत्तर:
शुद्ध पानी (पीने योग्य)
बायोगैस (ईंधन)
स्ludge / खाद (कृषि के लिए)
विद्युत ऊर्जा (बायोगैस से)
प्रश्न 3. निम्नलिखित उपप्रश्न हल कीजिये (कोई पाँच) :
(i) आनुवंशिकता क्या है ? यह बताकर आनुवंशिक परिवर्तन कैसे होता है, स्पष्ट कीजिये।
आनुवंशिकता: एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जनुकों (Genes) के माध्यम से जैविक लक्षणों के संक्रमित होने की प्रक्रिया को आनुवंशिकता कहते हैं。
आनुवंशिक परिवर्तन:
आनुवंशिक परिवर्तन:
- उत्परिवर्तन (Mutation): कभी-कभी जनुक (Gene) के न्यूक्लियोटाइड की स्थिति अचानक बदल जाती है, जिससे जनुक में छोटा सा बदलाव आता है। इसे उत्परिवर्तन कहते हैं।
- पुनर्संयोजन (Recombination): अर्धसूत्री विभाजन के दौरान गुणसूत्रों की अदला-बदली (Crossing over) होती है, जिससे आनुवंशिक विविधता आती है।
(ii) समसूत्री कोशिका विभाजन की चारों अवस्थाओं के नाम बताइये व किन्हीं दो अवस्थाओं को स्पष्ट कीजिये।
चार अवस्थाएं: 1. पूर्वावस्था (Prophase), 2. मध्यावस्था (Metaphase), 3. पश्चावस्था (Anaphase), 4. अंत्यावस्था (Telophase)।
स्पष्टीकरण:
स्पष्टीकरण:
- पूर्वावस्था (Prophase): गुणसूत्र घनीभूत होकर स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। केंद्रक आवरण और केंद्रिका लुप्त होने लगती है।
- मध्यावस्था (Metaphase): सभी गुणसूत्र कोशिका के मध्य भाग (विषुववृत्तीय प्रतल) में समानांतर व्यवस्थित हो जाते हैं। तुर्क तंतु (Spindle fibers) बनते हैं।
(iii) एककोशिकीय सजीवों में अलैंगिक प्रजनन के प्रकार उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिये।
प्रकार:
- द्विविभाजन (Binary Fission): जनक कोशिका दो समान भागों में विभाजित होती है। (उदा. अमीबा, पैरामीशियम)।
- बहुविभाजन (Multiple Fission): प्रतिकूल परिस्थितियों में अमीबा पुटी (Cyst) बनाता है और उसके अंदर कई बार विभाजित होता है। स्थिति अनुकूल होने पर पुटी फूटती है और कई अमीबा बाहर आते हैं।
- मुकुलन (Budding): जनक कोशिका पर एक छोटी उभार (कलिका) आती है जो बढ़कर अलग हो जाती है। (उदा. ईस्ट/किण्व)।
(iv) ऊष्मीय विद्युत निर्मिती में किस ईंधन का उपयोग करते हैं ? इस विद्युत निर्मिती के कारण निर्माण होने वाली दो समस्याएँ स्पष्ट कीजिये।
ईंधन: कोयला (Coal)।
समस्याएँ:
समस्याएँ:
- वायु प्रदूषण: कोयले के जलने से कार्बन डाइऑक्साइड (\(CO_2\)), सल्फर डाइऑक्साइड (\(SO_2\)) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (\(NO_x\)) जैसी हानिकारक गैसें निकलती हैं।
- स्वास्थ्य समस्याएँ: हवा में छोड़े गए सूक्ष्म कण (Soot particles) श्वसन तंत्र के गंभीर रोग पैदा कर सकते हैं।
(v) मृदु कवचधारी प्राणी संघ के प्राणियों की तीन विशेषताएँ बताइये।
मृदु कवचधारी (Phylum Mollusca) की विशेषताएँ:
- इनका शरीर बहुत नरम और चिपचिपा होता है।
- अधिकांश प्राणियों के शरीर के चारों ओर कैल्शियम कार्बोनेट का कठोर कवच (Shell) होता है।
- ये प्राणी प्रचलन के लिए मांसल पैर (Muscular foot) का उपयोग करते हैं। (उदा. घोंघा, ऑक्टोपस)।
(vi) अम्लीय वर्षा के घटक कौन-कौनसे हैं ? इसके पृथ्वी के पृष्ठभाग पर होने वाले कोई भी दो दुष्परिणाम बताइये।
घटक: सल्फ्यूरिक अम्ल (\(H_2SO_4\)) और नाइट्रिक अम्ल (\(HNO_3\))।
दुष्परिणाम:
दुष्परिणाम:
- मृदा और जल: मिट्टी और जल स्रोतों की अम्लता बढ़ती है, जिससे जलीय जीवों और वनस्पतियों को नुकसान होता है।
- क्षरण: ऐतिहासिक इमारतों, पुलों और मूर्तियों का क्षरण (Corrosion) होता है। (जैसे ताजमहल का रंग बदलना)।
(vii) निम्नलिखित शब्द पहेली हल कीजिये :
उत्तर:
- 1. (बाएं से दाएं) व्यसनाधिनता: मद्य, तंबाकूजन्य पदार्थों का निरंतर सेवन।
- 2. (ऊपर से नीचे) फेसबुक: इस एप के कारण साइबर अपराध होने की संभावना।
- 3. (ऊपर से नीचे) गायन: तनाव को नष्ट करने का एक उपाय।
- 4. (बाएं से दाएं) हास्यक्लब (Laughter Club): स्वास्थ्यवर्धक जीवन बिताने के लिए आवश्यक (या मैदान)।
(viii) अपने अनुभव की किसी एक आपदा के कारण, परिणाम तथा की गई उपाय-योजना के बारे में लिखिये।
उदाहरण: भूकंप
- कारण: पृथ्वी के भूगर्भ में हलचल या टेक्टोनिक प्लेट्स का खिसकना।
- परिणाम: जान-माल की हानि, इमारतों का गिरना, बिजली आपूर्ति बाधित होना।
- उपाय-योजना: भूकंप के समय मेज के नीचे छिपना, खुली जगह में जाना और घबराने के बजाय दूसरों की मदद करना।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कोई भी एक उपप्रश्न हल कीजिये :
(i) जैव-विविधता का अर्थ क्या है ? जैव-विविधताओं के संवर्धन के चार उपाय बताइये।
जैव-विविधता (Biodiversity): प्रकृति में पाए जाने वाले सजीवों की विविधता, एक ही प्रजाति के जीवों में आनुवंशिक अंतर, और विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक तंत्रों के अस्तित्व को जैव-विविधता कहते हैं。
संवर्धन के उपाय:
संवर्धन के उपाय:
- दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण करना।
- राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य स्थापित करना।
- जैव-आरक्षित क्षेत्र घोषित करना।
- शिकार और अवैध कटाई पर कड़े कानून लागू करना और उनका पालन करना।
(ii) मूल कोशिका का अर्थ क्या है ? मूल कोशिकाओं के चार उपयोग स्पष्ट कीजिये।
मूल कोशिका (Stem Cells): बहुकोशिकीय जीवों में पाई जाने वाली ऐसी अविभेदित कोशिकाएं, जिनमें शरीर की किसी भी प्रकार की कोशिका (जैसे रक्त, स्नायु) में रूपांतरित होने की क्षमता होती है, उन्हें मूल कोशिका कहते हैं。
उपयोग:
उपयोग:
- अंग प्रत्यारोपण: किडनी, लीवर जैसे अंगों को प्रयोगशाला में विकसित करने के लिए।
- कोशिका चिकित्सा (Cell Therapy): मधुमेह, पार्किंसंस जैसे रोगों में क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को बदलने के लिए।
- रक्त निर्माण: ल्यूकेमिया और थैलेसीमिया के इलाज में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए।
- औषधि अनुसंधान: नई दवाओं के प्रभाव और दुष्प्रभावों की जांच करने के लिए।
No comments:
Post a Comment