SSC Board March 2025
Science and Technology Part 1 (Hindi Medium)
Model Answer Paper
प्रश्न 1. (अ) उचित पर्याय चुनकर लिखिए : (5)
(i) भू-क्षारीय धातु की संयोजकता 2 है अर्थात् उनका आधुनिक आवर्त सारणी में स्थान ______ में है।
- (A) समूह 2
- (B) समूह 16
- (C) आवर्त 2
- (D) डी-खंड
(ii) जिस अभिक्रिया में अभिकारी पदार्थों के आयनों की अदलाबदली होकर अवक्षेप तैयार होता है उस अभिक्रिया को ______ अभिक्रिया कहते हैं।
- (A) संयोग
- (B) अपघटन (विच्छेदन)
- (C) विस्थापन
- (D) युग्म विस्थापन
(iii) ______ का उपयोग परिनालिका (solenoid), विद्युत बल्ब के तार में किया जाता है।
- (A) नाइक्रोम
- (B) कॉपर
- (C) टंगस्टन
- (D) ऐल्युमिनियम
(iv) प्रकाश जब एक पारदर्शक माध्यम में से दूसरे पारदर्शक माध्यम में जाता है तब उसके संचरण की दिशा परिवर्तित हो जाती है, इसे ही प्रकाश का ______ कहते हैं।
- (A) परावर्तन
- (B) विक्षेपण
- (C) विकिरण
- (D) अपवर्तन
(v) CaO + H2O → Ca(OH)2 + ऊष्मा। दी गई रासायनिक अभिक्रिया ______ है।
- (A) ऊष्माउन्मोची
- (B) विद्युत अपघटन
- (C) अपघटन
- (D) ऊष्माग्राही
प्रश्न 1. (ब) दिये गये प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (5)
(i) निम्नलिखित कथन सत्य है या असत्य, बताइये : कोशिका में श्वसन के दौरान रेडॉक्स अभिक्रिया घटित होती है।
उत्तर: सत्य (True)
(ii) असंगत शब्द अलग करके लिखिए : ध्वनिवर्धक, सूक्ष्मश्रवणी, विद्युत चलित्र, चुंबक
उत्तर: चुंबक (बाकी सभी विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव या विद्युत ऊर्जा के रूपांतरण से संबंधित उपकरण हैं, जबकि चुंबक एक स्थायी चुंबकीय पदार्थ है)।
(iii) तारों के टिमटिमाने का कारण क्या है ?
उत्तर: वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction)। वायुमंडल की हवा का घनत्व और तापमान निरंतर बदलता रहता है, जिससे उसका अपवर्तनांक बदलता है और तारे की आभासी स्थिति बदलती रहती है, जिससे वह टिमटिमाता हुआ प्रतीत होता है।
(iv) उचित जोड़ियाँ मिलाओ :
उत्तर: सरल सूक्ष्मदर्शी - घड़ी मरम्मत के लिए
| 'अ' स्तंभ | 'ब' स्तंभ |
|---|---|
| सरल सूक्ष्मदर्शी | (c) घड़ी मरम्मत के लिए |
(v) 0°C से 4°C तापमान के बीच होने वाले पानी के इस व्यवहार को क्या कहते हैं ?
उत्तर: पानी का असंगत व्यवहार (Anomalous behaviour of water)।
प्रश्न 2. (अ) वैज्ञानिक कारण लिखिए (कोई दो) : (4)
(i) आवर्त में बाएँ से दाहिनी ओर जाने पर परमाणु का आकार कम हो जाता है।
उत्तर: आवर्त में बाएँ से दाहिनी ओर जाने पर परमाणु क्रमांक एक-एक से बढ़ता है, अर्थात नाभिक पर धन आवेश बढ़ता जाता है। फिर भी, जुड़ने वाला नया इलेक्ट्रॉन उसी बाहरी कक्षा में जमा होता है। बढ़े हुए नाभिकीय आवेश के कारण इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक बल से खींचे जाते हैं, जिससे परमाणु का आकार (त्रिज्या) कम हो जाता है।
(ii) विद्युत का स्थानांतरण करने के लिए तांबे या ऐल्युमिनियम के तारों का उपयोग किया जाता है।
उत्तर: तांबा और ऐल्युमिनियम विद्युत के बहुत अच्छे सुचालक हैं। इनकी प्रतिरोधकता (Resistivity) बहुत कम होती है, जिससे विद्युत धारा प्रवाहित होते समय ऊष्मा के रूप में ऊर्जा की हानि कम होती है। इसके अतिरिक्त, ये धातुएँ तन्य होती हैं, इसलिए इनका उपयोग विद्युत तारों के लिए किया जाता है।
(iii) कुछ देशों में पेट्रोल की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इथेनॉल का उपयोग किया जाता है।
उत्तर: इथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है जो जलने पर कम प्रदूषण करता है। इसे पेट्रोल में मिलाने से ईंधन का पूर्ण दहन होता है और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जैसे हानिकारक उत्सर्जनों में कमी आती है। साथ ही, यह पेट्रोल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करता है। इस मिश्रण को 'गैसोहोल' भी कहते हैं।
प्रश्न 2. (ब) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए (कोई तीन) : (6)
(i) पदार्थ की विशिष्ट ऊष्माधारिता मापने के लिए किस सिद्धांत का उपयोग किया जाता है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: ऊष्मा विनिमय का सिद्धांत (Principle of Heat Exchange)।
सिद्धांत: यदि दो वस्तुओं (एक गर्म और एक ठंडी) को एक-दूसरे के संपर्क में रखा जाए और वे वातावरण से अलग (isolated) हों, तो गर्म वस्तु द्वारा खोई गई ऊष्मा, ठंडी वस्तु द्वारा ग्रहण की गई ऊष्मा के बराबर होती है।
(गर्म वस्तु द्वारा खोई गई ऊष्मा = ठंडी वस्तु द्वारा ग्रहण की गई ऊष्मा)।
सिद्धांत: यदि दो वस्तुओं (एक गर्म और एक ठंडी) को एक-दूसरे के संपर्क में रखा जाए और वे वातावरण से अलग (isolated) हों, तो गर्म वस्तु द्वारा खोई गई ऊष्मा, ठंडी वस्तु द्वारा ग्रहण की गई ऊष्मा के बराबर होती है।
(गर्म वस्तु द्वारा खोई गई ऊष्मा = ठंडी वस्तु द्वारा ग्रहण की गई ऊष्मा)।
(ii) लोहे के दरवाजे पर जंग रोकने के लिए क्या किया जाता है ?
उत्तर: लोहे के दरवाजे को जंग से बचाने के लिए उस पर पेंट (रंग) या वार्निश की परत चढ़ाई जाती है। यह परत लोहे की सतह का हवा की नमी और ऑक्सीजन के साथ सीधा संपर्क रोक देती है, जिससे ऑक्सीकरण की प्रक्रिया नहीं हो पाती और जंग नहीं लगता।
(iii) द्रव्यमान और भार में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
- द्रव्यमान (Mass): किसी वस्तु में समाविष्ट द्रव्य की मात्रा को द्रव्यमान कहते हैं। यह एक अदिश राशि है और इसका मान सभी जगह समान रहता है।
- भार (Weight): किसी वस्तु को पृथ्वी जिस गुरुत्वीय बल से अपनी ओर आकर्षित करती है, उसे भार कहते हैं। यह एक सदिश राशि है और इसका मान स्थान के अनुसार बदलता रहता है ($W = mg$)।
(iv) दीपावली के दिनों में उड़ाया जाने वाला 'राकेट' एक प्रकार का प्रक्षेपक है। (a) प्रक्षेपक का नाम लिखिये। (b) यह क्रिया कौनसे नियम पर आधारित है ?
(a) प्रक्षेपक: बोतल या पाइप (Launcher)।
(b) नियम: न्यूटन का गति विषयक तीसरा नियम (Newton's Third Law of Motion) - "प्रत्येक क्रिया बल के लिए समान परिमाण और विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल होता है।"
(b) नियम: न्यूटन का गति विषयक तीसरा नियम (Newton's Third Law of Motion) - "प्रत्येक क्रिया बल के लिए समान परिमाण और विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल होता है।"
(υ) अपघटन अभिक्रिया किसे कहते हैं ? गर्म करने पर चीनी की अपघटन अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिये।
अपघटन अभिक्रिया (Decomposition Reaction): वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक ही अभिकारक पदार्थ टूटकर दो या दो से अधिक उत्पाद बनाता है, उसे अपघटन अभिक्रिया कहते हैं।
समीकरण:
$$C_{12}H_{22}O_{11} \xrightarrow{\Delta} 12C + 11H_{2}O$$ (चीनी → कार्बन + पानी)
समीकरण:
$$C_{12}H_{22}O_{11} \xrightarrow{\Delta} 12C + 11H_{2}O$$ (चीनी → कार्बन + पानी)
प्रश्न 3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए (कोई पाँच) : (15)
(i) एक 3 kg द्रव्यमान का लोहे का गोला 125 मीटर ऊँचाई से नीचे गिराया जाता है। g का मान 10 m/s² मानकर, नीचे दी गई राशियों के मान ज्ञात कीजिए : (a) जमीन तक पहुँचने के लिए लगने वाली समयावधि। (b) जमीन तक पहुँचते समय उसका वेग।
दिया गया है:
द्रव्यमान ($m$) = 3 kg
ऊँचाई/दूरी ($s$) = 125 m
प्रारंभिक वेग ($u$) = 0 m/s
गुरुत्वीय त्वरण ($g$) = 10 m/s²
(a) समयावधि ($t$):
न्यूटन के गति के दूसरे समीकरण से,
$$s = ut + \frac{1}{2}gt^2$$
$$125 = 0 \times t + \frac{1}{2} \times 10 \times t^2$$
$$125 = 5t^2$$
$$t^2 = \frac{125}{5} = 25$$
$$t = 5 \text{ सेकंड}$$
उत्तर: समयावधि 5 सेकंड होगी।
(b) वेग ($v$):
न्यूटन के गति के पहले समीकरण से,
$$v = u + gt$$
$$v = 0 + 10 \times 5$$
$$v = 50 \text{ m/s}$$
उत्तर: जमीन तक पहुँचते समय वेग 50 m/s होगा।
द्रव्यमान ($m$) = 3 kg
ऊँचाई/दूरी ($s$) = 125 m
प्रारंभिक वेग ($u$) = 0 m/s
गुरुत्वीय त्वरण ($g$) = 10 m/s²
(a) समयावधि ($t$):
न्यूटन के गति के दूसरे समीकरण से,
$$s = ut + \frac{1}{2}gt^2$$
$$125 = 0 \times t + \frac{1}{2} \times 10 \times t^2$$
$$125 = 5t^2$$
$$t^2 = \frac{125}{5} = 25$$
$$t = 5 \text{ सेकंड}$$
उत्तर: समयावधि 5 सेकंड होगी।
(b) वेग ($v$):
न्यूटन के गति के पहले समीकरण से,
$$v = u + gt$$
$$v = 0 + 10 \times 5$$
$$v = 50 \text{ m/s}$$
उत्तर: जमीन तक पहुँचते समय वेग 50 m/s होगा।
(ii) किए गये वर्णन के आधार पर तत्वों के नाम एवं उनके संकेत लिखिए :
(a) सर्वाधिक विद्युतऋण वाला परमाणु: फ्लोरीन (F)
(b) सबसे कम परमाणु द्रव्यमान वाला परमाणु: हाइड्रोजन (H)
(c) सबसे कम परमाणु त्रिज्या वाली निष्क्रिय गैस: हीलियम (He)
(b) सबसे कम परमाणु द्रव्यमान वाला परमाणु: हाइड्रोजन (H)
(c) सबसे कम परमाणु त्रिज्या वाली निष्क्रिय गैस: हीलियम (He)
(iii) (a) क्या होता है, जब ताँबे की सांद्र नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया होती है ? अभिक्रिया के दौरान मुक्त गैस का रंग बताइये। (b) अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिये। (c) अभिकारी और परिणामी पदार्थ लिखिये।
(a) जब ताँबे की सांद्र नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया होती है, तो लाल-भूरे रंग की 'नाइट्रोजन डाइऑक्साइड' ($NO_2$) गैस मुक्त होती है।
(b) समीकरण:
$$Cu + 4HNO_3 (Conc.) \rightarrow Cu(NO_3)_2 + 2NO_2 \uparrow + 2H_2O$$
(c) अभिकारी: कॉपर (ताँबा), सांद्र नाइट्रिक अम्ल। परिणामी: कॉपर नाइट्रेट, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, पानी।
(b) समीकरण:
$$Cu + 4HNO_3 (Conc.) \rightarrow Cu(NO_3)_2 + 2NO_2 \uparrow + 2H_2O$$
(c) अभिकारी: कॉपर (ताँबा), सांद्र नाइट्रिक अम्ल। परिणामी: कॉपर नाइट्रेट, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, पानी।
(iv) निम्न आकृतियों का नाम देकर संकल्पना स्पष्ट कीजिए :
अ. फ्लेमिंग का वामहस्त नियम (Fleming's Left Hand Rule): (विद्युत मोटर के लिए) बाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को एक-दूसरे के लंबवत रखने पर; यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा विद्युत धारा की दिशा दर्शाती है, तो अंगूठा विद्युत चालक पर लगने वाले बल की दिशा दर्शाता है।
आ. फ्लेमिंग का दक्षिणहस्त नियम (Fleming's Right Hand Rule): (विद्युत जनित्र के लिए) दाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को लंबवत रखने पर; यदि अंगूठा चालक की गति की दिशा और तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दर्शाती है, तो मध्यमा प्रेरित विद्युत धारा की दिशा दर्शाती है।
अ. फ्लेमिंग का वामहस्त नियम (Fleming's Left Hand Rule): (विद्युत मोटर के लिए) बाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को एक-दूसरे के लंबवत रखने पर; यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा विद्युत धारा की दिशा दर्शाती है, तो अंगूठा विद्युत चालक पर लगने वाले बल की दिशा दर्शाता है।आ. फ्लेमिंग का दक्षिणहस्त नियम (Fleming's Right Hand Rule): (विद्युत जनित्र के लिए) दाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को लंबवत रखने पर; यदि अंगूठा चालक की गति की दिशा और तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दर्शाती है, तो मध्यमा प्रेरित विद्युत धारा की दिशा दर्शाती है।
(v) 'इंद्रधनुष की निर्मिती' पर आधारित निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिये :
(a) आकृति:
(b) प्राकृतिक घटनाएँ: प्रकाश का अपवर्तन (Refraction), विक्षेपण (Dispersion) और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)।
(c) पानी की सूक्ष्म बूँद प्रिज्म (Prism) की तरह कार्य करती है।
(b) प्राकृतिक घटनाएँ: प्रकाश का अपवर्तन (Refraction), विक्षेपण (Dispersion) और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)।(c) पानी की सूक्ष्म बूँद प्रिज्म (Prism) की तरह कार्य करती है।
(vi) निम्नलिखित का नाम लिखिये :
(a) चाकू के द्वारा काटी जाने वाली दो धातुओं के नाम: सोडियम (Na), पोटैशियम (K)।
(b) धातु के टकराने से ध्वनि का निर्माण होता है। धातु के इस गुणधर्म का नाम: ध्वन्यात्मकता (Sonority)।
(c) ऐसी अधातु जो विद्युत की सुचालक हो: ग्रेफाइट (Graphite)।
(b) धातु के टकराने से ध्वनि का निर्माण होता है। धातु के इस गुणधर्म का नाम: ध्वन्यात्मकता (Sonority)।
(c) ऐसी अधातु जो विद्युत की सुचालक हो: ग्रेफाइट (Graphite)।
(vii) नीचे दी गई आकृति की सहायता से निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिये :
(a) इस पद्धति का नाम: विद्युत लेपन (Electroplating)।
(b) प्रक्रिया: विद्युत अपघटनी सेल में, धनाग्र (चांदी) से चांदी के आयन ($Ag^+$) विलयन में घुलते हैं और ऋणाग्र (चम्मच) पर जाकर जमा हो जाते हैं। इस प्रकार कम क्रियाशील धातु की परत अधिक क्रियाशील धातु पर चढ़ाई जाती है।
(c) उदाहरण: सोने का पानी चढ़े हुए आभूषण, लोहे पर जस्ते का लेप (गैल्वनाइजेशन), चांदी के चम्मच।
(a) इस पद्धति का नाम: विद्युत लेपन (Electroplating)।(b) प्रक्रिया: विद्युत अपघटनी सेल में, धनाग्र (चांदी) से चांदी के आयन ($Ag^+$) विलयन में घुलते हैं और ऋणाग्र (चम्मच) पर जाकर जमा हो जाते हैं। इस प्रकार कम क्रियाशील धातु की परत अधिक क्रियाशील धातु पर चढ़ाई जाती है।
(c) उदाहरण: सोने का पानी चढ़े हुए आभूषण, लोहे पर जस्ते का लेप (गैल्वनाइजेशन), चांदी के चम्मच।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लिखिए : (5)
(viii) निम्नलिखित सारणी पूर्ण कीजिये :
| उपग्रह का प्रकार | उपग्रह का कार्य | भारत की उपग्रह मालिका और प्रक्षेपक |
|---|---|---|
| (a) मौसम उपग्रह (Weather Satellite) | मौसम का अध्ययन और भविष्यवाणी। | INSAT व GSAT (प्रक्षेपक: GSLV) |
| (b) दिशादर्शक उपग्रह (Navigation Satellite) | पृथ्वी पर स्थित किसी भी जगह का भौगोलिक स्थान निश्चित करना। | IRNSS (प्रक्षेपक: PSLV) |
| (c) पृथ्वी प्रेक्षक उपग्रह (Earth Observation Satellite) | संसाधनों का प्रबंधन, वनों का निरीक्षण आदि। | IRS (प्रक्षेपक: PSLV) |
अथवा
(i) (a) मानव नेत्र की रचना की नामांकित आकृति बनाइए। (b) सामान्य मानव नेत्र में सुस्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी कितनी है ? (c) नाभ्यंतर को आवश्यकतानुसार परिवर्तित करने की लेंस की क्षमता को क्या कहते हैं ? (d) सामान्यतः आयु में वृद्धि होने के कारण नेत्र की समायोजन क्षमता घट जाती है। इस दोष का नाम लिखिये।
(a) आकृति:
(b) सुस्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी: 25 सेमी (25 cm)।
(c) क्षमता का नाम: समंजन क्षमता (Power of Accommodation)।
(d) दोष का नाम: जरादूरदृष्टिता (Presbyopia)।
(b) सुस्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी: 25 सेमी (25 cm)।(c) क्षमता का नाम: समंजन क्षमता (Power of Accommodation)।
(d) दोष का नाम: जरादूरदृष्टिता (Presbyopia)।
(ii) क्लोरीन का परमाणु क्रमांक 17 है। (a) क्लोरीन का इलेक्ट्रॉनिक संरूपण लिखिये। (b) क्लोरीन परमाणु के संयोजकता कवच में इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी होती है ? (c) क्लोरीन का अणुसूत्र लिखिये। (d) क्लोरीन अणु के निर्माण में कौनसे बंध का निर्माण होता है ? (e) क्लोरीन अणु की डॉट इलेक्ट्रॉन की संरचना बनाइये।
(a) इलेक्ट्रॉनिक संरूपण: (2, 8, 7)
(b) संयोजकता कवच में इलेक्ट्रॉन: 7
(c) अणुसूत्र: $Cl_2$
(d) बंध का प्रकार: सहसंयोजकीय बंध (Covalent Bond)।
(e) डॉट इलेक्ट्रॉन संरचना:
.. ..
: Cl . . Cl : → : Cl - Cl :
.. ..
(b) संयोजकता कवच में इलेक्ट्रॉन: 7
(c) अणुसूत्र: $Cl_2$
(d) बंध का प्रकार: सहसंयोजकीय बंध (Covalent Bond)।
(e) डॉट इलेक्ट्रॉन संरचना:
.. ..
: Cl . . Cl : → : Cl - Cl :
.. ..
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