[Hindi] Chapter 2 : मुहावरे और मुंशी जी की सनक

पाठ का सार : एक मुंशी जी को मुहावरे प्रिय थीं और वह सबको सुनाते की मुहावरों का सही इस्तेमाल करो। जब उनकी बीवी गुजर जाती है तो बेटी 'चिराग गुल कर दिया' कहती है इसलिए बीवी के मरने का जरा भी शोक न करते वह गलत मुहावरा इस्तेमाल करने के लिए बेटी को चोपते है। गाव उनपे गुस्सा करता है इसलिए एक हप्ते बाद मदरसे में जाते है और फिर से मुहावरे से गलत रोने के लिए मानीटर को डाँटते है। एस प्रकार मुहावरों का गलत उपयोग करने वालों के साथ वह बहुत सनकी तरह से पेश आते है। 

एक वाक्य में उत्तर दो :

१. मुंशी जी के स्वभाव की क्या विशेषताएँ थी?
उ. मुंशी जी स्वभाव से तुनुकमिजाज और सनकी थे। 

२. मुंशी जी की बेटी रोते वक्त किस गलत वाक्य को बोल रही थी?
उ. मुंशी जी की बेटी उसकी माँ मर जाने पर गलती से 'घर का चिराग गुल कर दिया' इस वाक्य को बोल रही थी। 

३. बराबर वाली क्लास में होने वाले शोर का क्या कारण मानीटर ने बताया?
उ. बराबर वाली क्लास में पंडित जी न होने के कारण शोर मच रहा था।  

४. मुहावरे में निश्चित शब्द के स्थान पर पर्यायवाची शब्द रखने से क्या होता है?
उ. मुहावरे में निश्चित शब्द के स्थान पर पर्यायवाची शब्द रखने से पूरे मुहावरे का अर्थ बदल जाता है।